Kamada Ekadashi 2024: शुक्रवार के दिन वृद्धि योग में आई कामदा एकादशी, व्रत से दूर होंगे सारे संकट
Kamada Ekadashi 2024: चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को कामदा एकादशी कहा जाता है। यह एकादशी 19 अप्रैल 2024 शुक्रवार को आ रही है। इस दिन शुक्रवार और वृद्धि योग होने के कारण इस एकादशी का महत्व बढ़ गया है और जो साधक कामदा एकादशी का व्रत भक्तिभाव पूर्ण करता है, वह इस लोक में समस्त सुखों का भोग करता है।

कामदा एकादशी के दिन व्रती प्रात: जल्दी उठे और सबसे पहले स्नानादि से निवृत्त होकर सूर्यदेव को जल का अर्घ्य दें। उसके बाद पीले वस्त्र पहनकर अपने घर के पूजा स्थान में बैठकर नियमित की जाने वाली पूजा संपन्न करें, उसके बाद एक चौकी पर पीला वस्त्र बिछाकर उस पर भगवान विष्णु की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। हल्दी, चंदन आदि से पूजन करें। पूजा में पीले पुष्पों का प्रयोग करें।
भगवान को केले, पपीता, हलवे या पीली मिठाई का नैवेद्य लगाएं। इसके बाद कामदा एकादशी व्रत की कथा सुनें। दिनभर निराहार रहते हुए व्रत करें और भजन करते हुए रात्रि जागरण करें। दूसरे दिन एकादशी व्रत का पारण करें, ब्राह्मणों को भोजन करवाकर उन्हें दान-दक्षिणा वस्त्र आदि भेंट करके उनका आशीर्वाद लें। इसके बाद स्वयं भोजन ग्रहण करें।
वृद्धि योग और शुक्रवार का संयोग
कामदा एकादशी के दिन शुक्रवार के साथ वृद्धि योग का संयोग बना है। इसलिए इस दिन भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी का पूजन करेंगे तो जीवन में सदैव वृद्धि को प्राप्त करेंगे। आपके कामकाज तेजी से आगे बढ़ेंगे। कोई बाधा नहीं रहेगी। धन का संकट दूर होगा। जिन युवक-युवतियों के विवाह में बाधा आ रही है उन्हें कामदा एकादशी का व्रत अवश्य करना चाहिए। इससे उन्हें शीघ्र ही उत्तम विवाह सुख प्राप्त होता है। नौकरी और बिजनेस की तलाश में भटक रहे लोगों को भी कामदा एकादशी का व्रत अवश्य करना चाहिए। वृद्धि योग और शुक्रवार की साक्षी में एकादशी का व्रत करने से धन-संपदा की प्राप्ति होती है।
कामदा एकादशी कब से कब तक
- एकादशी प्रारंभ : 18 अप्रैल सायं 5:31
- एकादशी पूर्ण : 19 अप्रैल रात्रि 8:04
- व्रत का पारण : 20 अप्रैल प्रात: 6:02 से 8:35












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