Kalbhairav Ashtami 2024: कालभैरव को भेंट करें खास वस्तुएं, रोग-शत्रु सब होंगे दूर
Kalbhairav Ashtami 2024 hindi: मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी के दिन कालभैरव अष्टमी मनाई जाती है। इस दिन कालभैरव की जयंती होती है। इस बार कालभैरव अष्टमी 22 नवंबर 2024 शुक्रवार को आ रही है।
कालभैरव भगवान शिव का ही रौद्र रूप है इसलिए इनकी पूजा और दर्शन करने से समस्त रोग और शत्रु हमेशा के लिए आपसे दूर हो जाते हैं और आपका जीवन सुखमय हो जाता है।

कालभैरव की पूजा घरों में नहीं की जाती है, केवल मंदिरों में जाकर ही पूजा की जा सकती है। क्योंकि कालभैरव की पूजा के नियम-संयम अलग होते हैं जो आमजन घर में पालन नहीं कर पाते हैं। यदि आपके जीवन में भी शत्रु और रोगों का डेरा डला हुआ है तो इस कालभैरव अष्टमी पर आपको कुछ विशेष वस्तुओं का दान अवश्य करना चाहिए।
- कालभैरव का सर्वमान्य और सर्वविदित नैवेद्य मदिरा होता है। इसका साक्षात उदाहरण देखना हो तो उज्जैन स्थिति विश्वप्रसिद्ध कालभैरव मंदिर में जाना चाहिए। वहां कालभैरव की मूर्ति के मुख पर हर दिन मदिरा से भरा कटोरा लगाया जाता है और वह पूरा खाली हो जाता है। मदिरापान करके कालभैरव अत्यंत प्रसन्न होते हैं। इसलिए यदि आपके जीवन में कोई संकट है तो कालभैरव अष्टमी के दिन मदिरा का नैवेद्य अवश्य लगाएं।
- कालभैरव अष्टमी के दिन भैरव को प्रसन्न करने के लिए उनके मंदिर में काले तिल और काले उड़द का दान करना चाहिए। इससे समस्त मनुष्य के जीवन में आ रहे संकट और बाधाओं का निवारण होता है।
- लंबे समय से आप या आपके परिवार में कोई बीमार चल रहा है तो कालभैरव के निमित्त फलों का दान करना चाहिए। इससे मृत्यु तुल्य कष्ट से भी मुक्ति मिल जाती है।
- यदि शत्रु आपको बार-बार परेशान कर रहे हैं। आपके कार्यों में बाधा डालने का प्रयास कर रहे हैं तो कालभैरव अष्टमी के दिन लोहे के बर्तन या स्टील के बर्तनों का दान अवश्य करना चाहिए।
- धन लाभ के लिए कालभैरव अष्टमी के दिन नमक और तेल का दान करना चाहिए। इससे कालभैरव की प्रसन्नता प्राप्त होती है और मनुष्य के जीवन की बाधाएं दूर होकर उसे उन्नति मिलने लगती है।
- कालभैरव अष्टमी के दिन काले घोड़े को काले चने खिलाने से समस्त ग्रहों की पीड़ा शांत होती है। शनि की साढ़ेसाती वालों को इसका उपाय अवश्य करना चाहिए।












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