भारत के चार धाम: आस्था और प्रेम का संगम
नई दिल्ली। आज तेज बारिश और खराब मौसम के कारण चार धाम यात्रा बाधित हो गई है जिसके कारण श्रद्धालुगण थोड़ा सा निराश हो गये हैं। काफी लोगों को केदारनाथ मार्ग की ओर बढ़ने ही नहीं दिया गया है। आपको बता दें कि हर साल सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुगण चार धाम यात्रा के लिए निकलते हैं।
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भारत के चार धाम: आस्था और प्रेम का संगम
आईये जानते हैं चार धाम यात्रा के बारे में विस्तृत से और ये चारों धाम हैं कौन-कौन..
भारत के चार धाम हैं..
- बद्रीनाथ
- द्वारका
- जगन्नाथ पुरी
- रामेश्वरम
बद्रीनाथ: बद्रीनाथ मंदिर अलकनंदा नदी के किनारे उत्तराखंड राज्य में स्थित है। यह मंदिर भगवान विष्णु के रूप को समर्पित है। यह हिन्दुओं के चार धाम में से एक धाम भी है। ऋषिकेश से यह 294 किलोमीटर की दूरी पर उत्तर दिशा में स्थित है। जबकि केदारनाथ मंदिर का शिव लिंग 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और हिन्दू धर्म के उत्तरांचल के चार धाम और पंच केदार में गिना जाता है।
द्वारका: द्वारका गुजरात के देवभूमि द्वारका जिले में हिन्दू तीर्थस्थल है। यह सात पुरियों में एक पुरी है इसलिए इस जिले का नाम द्वारका पुरी रखा गया है जीसकी रचना 2013 में की गई थी।
जगन्नाथ पुरी: पुरी का श्री जगन्नाथ मंदिर भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित है। यह भारत के ओडिशा राज्य के तटवर्ती शहर पुरी में स्थित है। जगन्नाथ शब्द का अर्थ जगत के स्वामी होता है। इनकी नगरी ही जगन्नाथपुरी या पुरी कहलाती है।
रामेश्वरम: रामेश्वरम तमिल नाडु के रामनाथपुरम जिले में स्थित है। यह तीर्थ हिन्दुओं के चार धामों में से एक है। यहां स्थापित शिवलिंग बारह द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है।












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