Delhi Cruise: दिल्ली में शुरू होगा ‘Namo Yamuna Cruise’, 5KM की सैर, 1 घंटे का सफर-AC बोट, कब से मिलेगा टिकट?
Delhi Namo Yamuna Cruise: दिल्ली की पहचान अब सिर्फ ऐतिहासिक इमारतों, बाजारों और मेट्रो नेटवर्क तक सीमित नहीं रहने वाली। राजधानी में जल्द ही यमुना नदी पर एक नई पर्यटन सुविधा शुरू होने जा रही है, जिसे 'नमो यमुना' क्रूज के नाम से जाना जाएगा। यह प्रोजेक्ट दिल्ली सरकार की उस योजना का हिस्सा है, जिसके जरिए यमुना को सिर्फ धार्मिक पहचान से आगे बढ़ाकर पर्यटन और मनोरंजन से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
दिल्ली सरकार के अधिकारियों के मुताबिक, मई महीने के अंत तक इस क्रूज सेवा की शुरुआत हो सकती है। इसके लिए तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। टिकट काउंटर, वेटिंग एरिया और क्रूज बोट से जुड़ी जरूरी व्यवस्थाएं तैयार की जा रही हैं। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जल्द ही इसका उद्घाटन कर सकती हैं।

क्या है 'नमो यमुना' क्रूज? (What is Namo Yamuna Cruise)
'नमो यमुना' क्रूज एक विशेष रिवर टूरिज्म प्रोजेक्ट है, जिसे दिल्ली में यमुना नदी पर शुरू किया जा रहा है। इसका उद्देश्य राजधानी के लोगों को नदी के किनारे एक अलग तरह का अनुभव देना है।
यह क्रूज सेवा सोनिया विहार से जगतपुरी तक संचालित होगी। लगभग 5 किलोमीटर लंबे इस मार्ग को पूरा करने में करीब एक घंटा लगेगा। यात्रा के दौरान लोग यमुना किनारे के घाट, हरियाली और आसपास के दृश्य देख सकेंगे। सरकार की योजना है कि इसे केवल परिवहन सेवा की तरह नहीं बल्कि एक पर्यटन अनुभव के रूप में विकसित किया जाए।
500 रुपये में मिलेगा लग्जरी अहसास: क्या होंगी सुविधाएं?
इस क्रूज सेवा को आम आदमी की जेब और सुविधाओं को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। जानकारी के मुताबिक, इस 1 घंटे की सैर के लिए प्रति व्यक्ति किराया 500 रुपये प्रस्तावित किया गया है। दिल्ली की भीषण गर्मी को देखते हुए पूरे क्रूज को सेंट्रलाइज्ड एसी (AC) बनाया गया है, ताकि यात्री बिना किसी परेशानी के सफर का आनंद ले सकें।
इस बोट का निर्माण मुंबई की मशहूर कंपनी 'इंस्पिरेशन मरीन प्राइवेट लिमिटेड' ने किया है। यह एक आइलैंड बोट (IB-40) है, जिसकी लंबाई करीब 40 फीट है। सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक चलने वाली इस सेवा के लिए सोनिया विहार और जगतपुरी, दोनों ही स्टेशनों पर आधुनिक टिकट काउंटर तैयार कर लिए गए हैं। यात्रियों के बैठने के लिए वहां शानदार वेटिंग एरिया भी विकसित किए गए हैं।
कहां से कहां तक चलेगा क्रूज?
यह क्रूज सोनिया विहार और जगतपुरी के बीच चलेगा। यह मार्ग यमुना नदी के उस हिस्से में तय किया गया है जहां पानी का स्तर पूरे साल बेहतर बना रहता है। करीब 5 किलोमीटर की दूरी तय करने वाला यह सफर धीमी गति से होगा ताकि यात्री आराम से नदी के नजारे देख सकें। सरकार इसे फैमिली आउटिंग, टूरिज्म और वीकेंड एक्सपीरियंस के तौर पर विकसित करना चाहती है।
कितना होगा टिकट किराया?
अधिकारियों के मुताबिक इस क्रूज का प्रस्तावित किराया लगभग ₹500 प्रति व्यक्ति रखा गया है। हालांकि अंतिम किराया लॉन्चिंग के समय तय किया जाएगा।
किराया ऐसा रखा गया है जिससे यह एक प्रीमियम लेकिन आम लोगों के लिए उपलब्ध अनुभव बन सके। दोनों किनारों पर टिकट काउंटर तैयार किए जा रहे हैं ताकि यात्रियों को लंबी लाइन में न लगना पड़े। इसके अलावा प्रतीक्षा करने के लिए वेटिंग एरिया भी बनाया गया है।
बोट में क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी? (Facilities Inside the Cruise)
'नमो यमुना' क्रूज को आधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार किया गया है। इसे गर्मी को ध्यान में रखते हुए पूरी तरह एयर कंडीशन बनाया गया है। यह बोट सफेद और नीले रंग के डिजाइन में तैयार की गई है और फिलहाल सोनिया विहार स्पोर्ट्स क्लब में रखी गई है।
क्रूज की कुछ प्रमुख सुविधाएं इस प्रकार हैं:
- पूरी तरह AC व्यवस्था
- आरामदायक सीटिंग
- सुरक्षित बोर्डिंग सिस्टम
- नदी के दृश्य देखने के लिए खुला व्यू एरिया
- यात्रियों के लिए प्रतीक्षा क्षेत्र
- निर्धारित टिकट काउंटर
- दूरी: 5 किलोमीटर का सफर।
- समय: 1 घंटे की सैर।
- किराया: 500 रुपये (प्रस्तावित)।
- सुविधा: पूरी तरह वातानुकूलित (AC)।
- रूट: सोनिया विहार से जगतपुरी।
- क्षमता: आधुनिक आइलैंड बोट मॉडल।
इस बोट का निर्माण मुंबई की एक निजी कंपनी द्वारा किया गया है। यह लगभग 40 फीट लंबी आइलैंड बोट है, जिसे खासतौर पर रिवर टूरिज्म के लिए डिजाइन किया गया है।
गर्मी में पानी की कमी से क्या होगा असर? (Water Level Concern in Summer)
दिल्ली में गर्मियों के दौरान यमुना नदी में पानी कम होने की समस्या अक्सर चर्चा में रहती है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या गर्मी के मौसम में क्रूज सेवा प्रभावित होगी।
अधिकारियों का कहना है कि जिस हिस्से में क्रूज चलाया जाएगा, वहां सालभर पर्याप्त जलस्तर बना रहता है। वजीराबाद क्षेत्र के आसपास पानी की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए ही इस रूट को चुना गया है। सरकार का दावा है कि जलस्तर की वजह से संचालन में रुकावट नहीं आएगी और क्रूज नियमित रूप से चल सकेगा।
यमुना सफाई और रिवर फ्रंट विजन (Yamuna Cleanup and Riverfront Vision)
भाजपा सरकार के एजेंडे में यमुना की सफाई और उसके किनारों को विकसित करना सबसे ऊपर रहा है। 'नमो यमुना' क्रूज केवल एक शुरुआत है। सरकार का असली विजन यमुना को लंदन की 'टेम्स' नदी की तरह पर्यटन का केंद्र बनाना है। पर्यटन मंत्री के अनुसार, आने वाले समय में यहाँ वाटर स्पोर्ट्स (Water Sports) भी शुरू करने की योजना है। इससे न केवल यमुना के प्रति लोगों की आस्था बढ़ेगी, बल्कि दिल्ली की पर्यटन अर्थव्यवस्था को भी एक बड़ा बूस्ट मिलेगा।
यमुना की लहरों पर क्रूज का उतरना इस बात का संकेत है कि अब दिल्ली केवल ऐतिहासिक इमारतों के लिए ही नहीं, बल्कि 'रिवर टूरिज्म' के लिए भी जानी जाएगी। अब बस इंतजार है मई के अंत का, जब सीएम रेखा गुप्ता इस नीली-सफेद बोट को हरी झंडी दिखाकर दिल्लीवालों के लिए खोल देंगी।
क्या भविष्य में वाटर स्पोर्ट्स भी शुरू होंगे?
पर्यटन विभाग भविष्य में यमुना पर अन्य गतिविधियां शुरू करने पर भी विचार कर रहा है। इनमें वाटर स्पोर्ट्स, बोटिंग और मनोरंजन से जुड़े विकल्प शामिल हो सकते हैं। अगर यह योजना सफल रहती है, तो दिल्ली को पहली बार नदी आधारित पर्यटन का एक नया मॉडल मिल सकता है। इससे स्थानीय रोजगार और पर्यटन कारोबार को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
नमो यमुना' क्रूज केवल एक यात्रा सेवा नहीं बल्कि दिल्ली के पर्यटन ढांचे में नया प्रयोग माना जा रहा है। यह प्रोजेक्ट राजधानी को एक अलग पहचान देने की कोशिश है।
यमुना नदी पर क्रूज की शुरुआत से लोगों को शहर के बीचोंबीच एक नया अनुभव मिलेगा। अगर यह सेवा सफल होती है, तो आने वाले समय में यमुना के किनारे पर्यटन और व्यावसायिक गतिविधियां भी बढ़ सकती हैं। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि उद्घाटन की तारीख कब तय होती है और दिल्लीवाले पहली बार यमुना पर क्रूज यात्रा का अनुभव कब ले पाएंगे।












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