हवाई सफर पर महंगाई की मार, जेट फ्यूल की कीमतों में 5% उछाल, फ्लाइट के किराए पर पड़ेगा कितना असर?
Jet Fuel Price Hike Flight Ticket Comparison: वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी अब आम यात्रियों के हवाई सफर को प्रभावित करने लगी है। एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) में 5 फीसदी से ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे एयरलाइंस की लागत बढ़ गई है। एयरलाइंस के कुल खर्च का बड़ा हिस्सा ईंधन पर निर्भर करता है, इसलिए इसका सीधा असर टिकट की कीमतों पर पड़ता है।
हालांकि अभी घरेलू उड़ानों में बड़ा बदलाव नहीं दिख रहा, लेकिन अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स के किराए में बढ़ोतरी के संकेत साफ नजर आ रहे हैं। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि टिकट की कीमत किन हिस्सों से बनती है और फ्यूल महंगा होने पर यह कैसे बदलती है।

जेट फ्यूल में कितनी बढ़ोतरी?
देश के सबसे व्यस्त एयरपोर्ट वाले शहर दिल्ली में एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकारी तेल कंपनियों के अनुसार ATF के दाम 76.55 डॉलर प्रति किलोलीटर यानी 5.33 फीसदी बढ़कर 1511.86 डॉलर प्रति किलोलीटर हो गए हैं। बढ़ोतरी से पहले इसकी कीमत 1435.31 डॉलर प्रति किलोलीटर थी।
इससे पहले 1 अप्रैल को भी कीमतों में बड़ा उछाल देखा गया था, जब घरेलू एयरलाइंस के लिए ATF दरों में करीब 25 फीसदी की बढ़ोतरी करते हुए इसे 1,04,927.18 रुपये प्रति किलोलीटर कर दिया गया था। लगातार बढ़ती इन कीमतों का सीधा असर एयरलाइंस की लागत और आगे चलकर हवाई किराए पर पड़ सकता है।
एयरलाइंस की लागत पर असर
एयरलाइंस की कुल लागत में करीब 35 से 40 फीसदी हिस्सा फ्यूल का होता है। ऐसे में 5 फीसदी की बढ़ोतरी से कुल लागत लगभग 2 फीसदी तक बढ़ जाती है।
फ्लाइट टिकट की कीमत कैसे तय होती है
एक फ्लाइट टिकट में कई तरह के चार्ज शामिल होते हैं:
- Base fare (असल किराया)
- Fuel surcharge (YQ/YR)
- Airport charges और अन्य फीस
- GST (इकोनॉमी पर 5%, बिजनेस पर 18%)
फ्यूल महंगा होने पर एयरलाइंस आमतौर पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ाती हैं और इसी पर टैक्स भी लगता है, जिससे कुल कीमत और बढ़ जाती है।
फ्यूल सरचार्ज पहले से ही बड़ा हिस्सा
2026 के अनुसार अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में फ्यूल सरचार्ज काफी ज्यादा है:
- यूरोप रूट: करीब 205 डॉलर (लगभग ₹17,000-₹19,000)
- नॉर्थ अमेरिका: करीब 280 डॉलर (लगभग ₹23,000-₹26,000)
घरेलू फ्लाइट का पूरा कैलकुलेशन
मान लेते हैं बेस फेयर ₹1,000 है।
पहले
Base fare = ₹1,000
Fuel surcharge = ₹400
Other charges = ₹300
Subtotal = ₹1,700
GST (5%) = ₹85
Final ticket = ₹1,785 (लगभग ₹1,800)
अब (फ्यूल 5% बढ़ने के बाद)
Fuel surcharge = ₹420
Base fare = ₹1,000
Fuel surcharge = ₹420
Other charges = ₹300
Subtotal = ₹1,720
GST (5%) ≈ ₹86
Final ticket = ₹1,806 (लगभग ₹1,800-₹1,820)
असर
घरेलू टिकट पर कुल बढ़ोतरी करीब ₹20-₹30 तक रहती है।

अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट का पूरा कैलकुलेशन
मान लेते हैं बेस फेयर ₹10,000 है।
पहले
Base fare = ₹10,000
Fuel surcharge = ₹5,000
Other charges = ₹2,000
Subtotal = ₹17,000
GST (5%) = ₹850
Final ticket = ₹17,850 (लगभग ₹18,000)
अब (फ्यूल 5% बढ़ने के बाद)
Fuel surcharge = ₹5,250
Base fare = ₹10,000
Fuel surcharge = ₹5,250
Other charges = ₹2,000
Subtotal = ₹17,250
GST (5%) ≈ ₹862
Final ticket = ₹18,112 (लगभग ₹18,100-₹18,500)
असर
अंतरराष्ट्रीय टिकट पर कुल बढ़ोतरी करीब ₹250 से ₹600 तक हो सकती है।
घरेलू यात्रियों को फिलहाल राहत क्यों?
इस बार घरेलू एयरलाइंस के लिए ATF कीमतों में तत्काल बदलाव नहीं हुआ है। इसलिए तुरंत किराए में बड़ा उछाल नहीं दिख रहा, हालांकि पहले की करीब 25 फीसदी बढ़ोतरी का असर कई रूट्स पर पहले ही दिख चुका है।
कीमतें बढ़ने की वजह
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा हो रहा है। तेल कंपनियां धीरे-धीरे कीमतें बढ़ा रही हैं ताकि बाजार पर अचानक दबाव न पड़े, लेकिन इसका असर अब हवाई किराए में साफ नजर आने लगा है।
With AI Inputs












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