Haryali Teej 2022: यहां पढ़ें हरियाली तीज की व्रत कथा
नई दिल्ली, 28 जुलाई। अखंड सौभाग्य का व्रत हरियाली तीज 31 जुलाई को है। पति की लंबी उम्र के लिए रखे जाने वाले इस व्रत को बड़े ही प्रेम और उल्लास के साथ राजस्थान, यूपी , एमपी में मनाया जाता है। यह पर्व शिव-पार्वती की पुर्नमिलन की कहानी कहता है।
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आइए जानते हैं इस पर्व की कथा
माना जाता है कि मां पार्वती ने बड़े ही तप और साधना से पति के रूप में शिव को पाया था। पौराणिक कथाओं के मुताबिक मां पार्वती ने शिव को पति के रूप में पाने के लिए 107 बार जन्म लिया था लेकिन वो सफल नहीं पाई थीं। जब वो अपने 108वें जन्म में अवतरित हुईं तो उनका जन्म पर्वतराज हिमालय के घर पर हुआ था। तब वो पति के रूप में पाने के लिए जंगल में जाकर तप करने लगी थीं। उन्होंने सालों बिना पानी पिए शिव की अराधना की थी, जिस पर प्रसन्न होकर शिव ने उन्हें पत्नी के रूप में अपनाया था और उन्हें अपनी अर्धांगिनी बनाया था। यह मिलन हरियाली तीज के दिन हुआ था, तब से ही यह व्रत अमर सुहाग का मानक बन गया। इसलिए सुहागिन महिलाएं सोलह श्रृंगार करके शिव-पार्वती की विधिवत पूजा करती हैं और अपने पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं और शिव-पार्वती का आशीष प्राप्त करती हैं।
हरियाली तीज 2022 शुभ मुहूर्त
- तृतीया तिथि प्रारम्भ - जुलाई 31, 2022 को 02:59 ए एम बजे
- तृतीया तिथि समाप्त - अगस्त 01, 2022 को 04:18 ए एम बजे।
पूजा सामग्री
भगवान शिव, माता पार्वती की मूर्ति के लिए मिट्टी, चौकी, आम का पल्लव, पीला या लाल वस्त्र , शृंगार का सामान , चंदन, गाय का दूध, गंगाजल, दही, चीनी, शहद, पंचामृत और लालता।
खास बात
ये व्रत केवल सुहागिन महिलाएं ही नहीं करती हैं बल्कि इस व्रत को कुंवारी कन्याएं भी करती हैं क्योंकि ऐसा माना जाता है कि उन्हें मनचाहा पति प्राप्त होता है उन्हें सुख, शांति और समृद्दि की भी प्राप्ति होती है।












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