Gupt Navratri 2025: गुप्त नवरात्रि में होते हैं तंत्र प्रयोग, इनसे कैसे बचें, क्या सावधानी रखें?
Gupt Navratri 2025: आजकल के कुछ तथाकथित लोग भले ही तंत्र-मंत्र और टोने-टोटके को अंधविश्वास मानें लेकिन इनके अस्तित्व से इन्कार नहीं किया जा सकता। हिंदू धर्म के साथ अनेक धर्मों में प्राचीन काल से तांत्रिक प्रयोग किए जाते रहे हैं। यह प्रयोग किसी शत्रु को परास्त करने, उसकी मति भ्रमित करने या अपना काम निकलवाने के लिए किसी को वशीभूत करने जैसे प्रयोग अक्सर किए जाते हैं।
यह तांत्रिक प्रयोग गुप्त नवरात्रि में अधिक होते हैं। इसलिए इनसे बचना भी जरूरी है।आइए हम शास्त्रीय आधार पर बताते हैं कि ऐसे प्रयोगों से कैसे बचा जा सकता है।
यदि रास्ते में पड़ी हुई किसी अनपेक्षित या टोने-टोटके वाली चीजों पर आपका पैर पड़ जाए तो उसकी काट क्या है, ध्यान से अंत तक पूरा लेख पढ़िए आपको अद्भुत जानकारियां मिलने वाली हैं।

क्या-क्या प्रयोग किए जाते हैं (Gupt Navratri 2025)
तंत्र शास्त्र में प्रमुख रूप से छह अभिचार कर्मों का वर्णन मिलता है। ये हैं मारण, मोहन, वशीकरण, उच्चाटन, स्तंभन और विद्वेषण। मारण से प्राणनाश, मोहन से किसी के मन को मुग्ध करना, स्तंभन से घातक वस्तुओं या व्यक्तियों को रोकना, विद्वेषण से दो लोगों के मन में एक-दूसरे के प्रति विरोधभाव पैदा करना, उच्चाटन से किसी के मन को इतना विचलित कर देना कि उसका किसी काम में मन न लगे और वशीकरण के माध्यम से किसी व्यक्ति से अपने अनुसार कार्य करवाना।
छह अभिचारों का प्रयोग तंत्र का आधार
इन छह अभिचारों का प्रयोग तंत्र का आधार है। अब गुप्त नवरात्रि में सबसे ज्यादा तंत्र प्रयोग शत्रुओं को परास्त करने के लिए किए जाते हैं। इनमें उतारा किया जाता है।
कैसी वस्तुएं दिखें तो दूर रहें
आमतौर पर तंत्र प्रयोग में नींबू, सिंदूर, काली गुड़िया, कील, मटका, दीया, उड़द आदि का प्रयोग देखने को मिलता है। ये सामग्री तंत्र प्रयोग करके चौराहे पर देखी जा सकती है। यदि ये वस्तुएं आपको कहीं आते-जाते चौराहे पर दिख जाए तो उससे दूर से ही निकल जाएं। उसे छूना या रुककर उसे देखना नहीं चाहिए। साथ ही उस पर किसी से चर्चा भी नहीं करना चाहिए।
पैर पड़ जाए या छू लें तो क्या करें (Gupt Navratri 2025)
यदि किसी तांत्रिक वस्तु पर गलती से या भूलवश आपका पैर पड़ जाए या छूने में आ जाए तो डरने या घबराने की आवश्यकता नहीं है। ऐसी स्थिति में घर आ जाएं। घर में प्रवेश करने से पहले अपने ऊपर गंगाजल के छींटे डलवा लें, इसके बाद घर में आकर गंगाजल डालकर स्नान करें। फिर अपने घर के पूजा स्थान में अपने कुल देवी-देवता, अपने ईष्ट देवता और अपने गुरुजनों का ध्यान या मंत्रों का जाप करें।
आप पर किसी भी तंत्र मंत्र, टोने-टोटके का असर नहीं होगा
हनुमान चालीसा का पाठ करें या ऊं नम: शिवाय मंत्र का जाप भी किया जा सकता है। इसके बाद एक मिट्टी के दीये में कर्पूर के साथ लौंग जलाकर उसका धुआं पूरे घर में करें। निश्चिंत रहें आप पर किसी भी तंत्र मंत्र, टोने-टोटके का असर नहीं होगा।












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