MP News: गेहूं उपार्जन में मध्यप्रदेश ने बनाया नया रिकॉर्ड, 104 लाख मीट्रिक टन से अधिक खरीदी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में, मध्य प्रदेश ने 2024 में गेहूं की खरीद का उच्च रिकॉर्ड दर्ज किया, 100 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य को पार करते हुए 104.22 लाख मीट्रिक टन की खरीद 13.4 मिलियन से अधिक किसानों से की। राज्य ने छोटे और सीमांत किसानों से खरीद में भी नेतृत्व किया और मिलिंग व भुगतान सुविधाओं का विस्तार किया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने गेहूं उपार्जन के क्षेत्र में नया रिकॉर्ड कायम किया है। प्रदेश ने निर्धारित 100 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले 104 लाख 22 हजार मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की खरीदी कर उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश को प्रारंभ में 78 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य मिला था, जिसे राज्य सरकार के प्रयासों के बाद केंद्र सरकार ने बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया था।

Madhya Pradesh wheat procurement record set

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 13 लाख 41 हजार 266 किसानों से गेहूं उपार्जन कर मध्यप्रदेश ने देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। वहीं कुल गेहूं खरीदी के मामले में प्रदेश पंजाब के बाद दूसरे स्थान पर रहा।

उन्होंने बताया कि कोविड-19 अवधि को छोड़कर पिछले 10 वर्षों में यह सबसे अधिक गेहूं उपार्जन है। प्रदेश में सबसे पहले लघु एवं सीमांत किसानों से गेहूं खरीदा गया। कुल 8 लाख 9 हजार 990 सीमांत और लघु किसानों से 32 लाख 14 हजार मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की खरीदी की गई।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वयं कई खरीदी केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने तौल व्यवस्था, बारदाने की उपलब्धता और किसानों को दी जा रही सुविधाओं की समीक्षा की। किसानों की समस्याओं को देखते हुए जिन किसानों ने स्लॉट बुक करा लिए थे, उनके लिए गेहूं उपार्जन की अंतिम तिथि 23 मई से बढ़ाकर 28 मई कर दी गई थी।

राज्य सरकार ने किसानों को उपार्जित गेहूं के बदले अब तक 23,708.13 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान कर दिया है। खरीदे गए गेहूं में से 96 लाख 52 हजार 957 मीट्रिक टन का परिवहन भी पूरा किया जा चुका है, जो कुल उपार्जन का 93 प्रतिशत है। प्रदेश में किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य और राज्य सरकार द्वारा दिए गए 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस सहित कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा गया।

संभागवार गेहूं उपार्जन

प्रदेश के विभिन्न संभागों में गेहूं उपार्जन के आंकड़े भी सामने आए हैं। भोपाल संभाग में सबसे अधिक 28 लाख 47 हजार 284 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया। इसके अलावा उज्जैन संभाग में 22 लाख 84 हजार 47 मीट्रिक टन, जबलपुर में 12 लाख 73 हजार 667 मीट्रिक टन और नर्मदापुरम में 9 लाख 22 हजार 508 मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन हुआ। इंदौर संभाग में 8 लाख 62 हजार 719 मीट्रिक टन, सागर में 8 लाख 56 हजार 968 मीट्रिक टन, रीवा में 6 लाख 15 हजार 851 मीट्रिक टन, ग्वालियर में 4 लाख 36 हजार 805 मीट्रिक टन और चंबल संभाग में 2 लाख 40 हजार 581 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया।

उपार्जन केंद्रों पर बढ़ाई गई सुविधाएं

राज्य सरकार ने उपार्जन केंद्रों पर किसानों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं कीं। तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 की गई और जरूरत पड़ने पर संख्या बढ़ाने का अधिकार जिलों को दिया गया। तौल पर्ची जारी करने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर रात 10 बजे तक किया गया, जबकि भुगतान संबंधी देयक जारी करने की समय सीमा रात 12 बजे तक निर्धारित की गई।

किसानों के लिए पेयजल, छायादार बैठने की व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। साथ ही बारदाने, तौल कांटे, सिलाई मशीन, कंप्यूटर, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण और साफ-सफाई के संसाधनों की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+