Gupt Navratri 2024: भड़ली नवमी आज, आज के बाद बंद हो जाएंगे बैंड-बाजा-बारात
Gupt Navratri 2024: आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि का समापन 15 जुलाई 2024 सोमवार को हो रहा है। इस दिन भड़ली नवमी भी है।
यह वह दिन होता है जब देवशयनी एकादशी के पूर्व विवाह का अंतिम मुहूर्त होता है क्योंकि इसके दो दिन बाद देवशयनी एकादशी से चार माह के लिए चातुर्मास लग जाता है और विवाह आदि शुभ कार्यों पर प्रतिबंध लग जाता है।

भड़ली नवमी का महत्व
आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की नवमी को भड़ली नवमी कहा जाता है। यह नवमी स्वयं सिद्ध मुहूर्त में गिनी जाती है। अर्थात् इस दिन कोई शुभ काम करने के लिए पंचांग शुद्धि देखने की आवश्यकता नहीं रहती है। इसलिए इस दिन बड़ी संख्या में विवाह किए जाते हैं। इसके दो दिन बाद देवशयनी एकादशी आती है जिससे विवाह चार मास के लिए बंद हो जाते हैं। चार महीने इंतजार करने की बजाय अधिकांश लोगा इस दिन विवाह करना पसंद करते हैं।
गुप्त नवरात्र का समापन
आषाढ़ी गुप्त नवरात्र का समापन भी इस नवमी के दिन होता है। इस दिन दुर्गा माता को प्रसन्न करने के लिए घरों और मंदिरों में हवन-पूजन, कन्यापूजन, भंडारे आदि का आयोजन होता है। घरों में नौ कन्याओं को भोजन करवाकर उनके चरण का पूजन किया जाता है और उन्हें दान-दक्षिणा देकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है। इस दिन तांत्रिक लोग विशेष साधना सिद्धि की पूर्णाहुति करते हैं।
विशेषकर सप्तशती के बारहवें अध्याय का पाठ करें
गृहस्थों को भी इस नवमी के दिन देवी पूजन अवश्य करना चाहिए। इस दिन माता को प्रसन्न करने के लिए एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर उस पर देवी का चित्र या मूर्ति स्थापित करें और एक तेल और एक घी का दीपक लगाकर दुर्गा सप्तशती का पाठ करें। विशेषकर सप्तशती के बारहवें अध्याय का पाठ करें। इससे जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और धन-सम्मान, सुख की प्राप्ति होगी। इस दिन किसी दुर्गा देवी को देसी घी से बने हलवे का नैवेद्य लगाएं। गरीबों को भोजन करवाएं उनकी सेवा करें।












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