Govardhan Puja (Annakut) 2018: जानें गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि
नई दिल्ली। दिवाली का पर्व 5 दिनों का होता है, धनतेरस, नरक चतुर्दशी, बड़ी दिवाली के बाद आज चौथा नंबर गोवर्धन पूजा का है। लोग इसे अन्नकूट के नाम से भी जानते हैं। इस दिन घर के आंगन में गोबर से गोवर्धन का चित्र बनाकर उसकी पूजा रोली, चावल, खीर, बताशे, चावल, जल, दूध, पान, केसर, पुष्प आदि से दीपक जलाने के पश्चात की जाती है। गायों की भी आज पूजा की जाती है।

गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त
- गोवर्धन पूजा का पहला मुहूर्त- सुबह 6:42 से 8:51 तक
- गोवर्धन पूजा का दूसरा मुहूर्त- दोपहर 3:18 से शाम 5:27 तक

अन्नकूट
अन्नकूट शब्द का अर्थ होता है अन्न का समूह। विभिन्न प्रकार के अन्न को समर्पित और वितरित करने के कारण ही इस उत्सव या पर्व को नाम अन्नकूट पड़ा है। इस दिन अनके प्रकार का पकवान, मिठाई आदि का भगवान को भोग लगाया जाता है।

विधि
- गोवर्धन पूजा के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर शरीर पर तेल लगाने के बाद स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें, अब अपने ईष्ट देवता का ध्यान करें और फिर घर के मुख्य दरवाजे के सामने गाय के गोबर से गोवर्द्धन पर्वत बनाएं।
- अब इस पर्वत को पौधों, पेड़ की शाखाओं और फूलों से सजाएं, अब पर्वत पर रोली, कुमकुम, अक्षत और फूल अर्पित करें। इसके बाद निम्नलिखित मंत्र का उच्चारण करें,
- गोवर्धन धराधार गोकुल त्राणकारक।विष्णुबाहु कृतोच्छ्राय गवां कोटिप्रभो भव: ।।
- इसके बाद गोवर्द्धन पर्वत और गायों को भोग लगाकर आरती उतारें, इस दिन इंद्र, वरुण, अग्नि और भगवान विष्णु की पूजा और हवन भी किया जाता है।












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