ऐसे सभी मुरादों को पूरा करेंगी मां दुर्गा
आपने वो भजन जरूर सुना होगा, "मा मुरादे पूरी कर दे हलवा बाटूंगी..." तो अब आपके हलवा बांटने के दिन आ गये हैं। जी हां अगर आप नवरात्रि के शुभ दिनों में अपनी मनोकामनाओं को पूर्ण करना चाहते हैं, तो मां को इन बातों से प्रसन्न करें। यही नहीं यदि आपकी कोई विशेष मुराद है, तो उसके लिये नीचे तस्वीरों में दिये गये मंत्रों का उच्चारण करें।
1- नवरात्र में दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
2- पूजन में लाल रंग के आसन का प्रयोग करें।
3- पूजन के पश्चात आसन के नीचे जल छिड़कर आसन
को प्रणाम करें।
4- पूजन के समय लाल वस्त्रों का ही प्रयोग करें जिससे शरीर में उर्जा का संचरण होता है।
5- मां को भोग में शहद मिला दूध अर्पित करें।
6- नावार्ण मन्त्र- "ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै" की कम से कम एक माला जाप अवश्य करें।
7- अष्टमी व नवमी को कन्याओं विधिवत पूजन व श्रंगार अवश्य करें।
8- मां को गुड़ का भोग लगायें।
9- नवमी के दिन घर में रखी पुस्तके, संगीत यन्त्र, कलम आदि की पूजा करना अत्यन्त शुभ रहता है।
10- ध्यान रखें- मां भगवती को तुलसी दल व दूर्वा कदापि न चढ़ायें।
11- कन्याओं को उपहार भेंट करने से पूर्ण होंगी मनोकामनायें।
नीचे तस्वीरों में दिये गये मंत्रों का जाप आप नवरात्रि ही नहीं बल्कि कभी भी कर सकते हैं।

सन्तान प्राप्ति के लिये
यदि आपकी तमाम कोशिशों के बावजूद आपको सन्तान की प्राप्ति नहीं हो रही है, तो आप मां के इस श्लोक का उच्चारण करने से आपकी मनोकामना जरूर पूरी होगी।
सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वाथसाधिके।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणि नमोस्तुते।।
इस मंत्र का जाप 5000 बार करें। लेकिन हवन में आहूति 1000 बार दें।
हवन सामग्री में देशी घी एवं कमलगट्टा मिलायें।

भक्ति भाव के लिये
सामान्य मनोकामनाओं को पूर्ण करने के लिये इस मंत्र का जाप करें।
नतेभ्यः सर्वदा भक्तया चण्डिके दुरितापहे।
रूपं देहिं जयं देहि यषो देहि द्विषो जहि।
मंत्र का जाप 5,000 बार करें एवं हवन में आहूति 2100 बार दें।
हवन सामग्री में देशी घी और शहद मिलायें।

बाधाएं दूर करने के लिये
इस मंत्र के जाप से आपके रुके हुए कार्य बनेंगे और सभी बाधाएं दूर होंगी।
सर्वाबाधाविनिर्मुक्तो धनधान्यसुतान्वितः।
मनुष्यों मत्यप्रसादेन भविष्यति न संशयः।।
मंत्र का जाप 5,000 बार करें एवं हवन में आहूति 1100 बार दें।
हवन सामग्री में देशी घी और सरसों के दानें मिलायें।

मानसिक मजबूती के लिये
इस मंत्र से आप अपनी बुद्धि का विकास कर सकते हैं। एवं यदि आप मानसिक रूप से परेशान हैं तो राहत मिलेगी।
त्वं वैष्णवो शक्तिरनन्तवीर्या विश्वस्य बींज परमासि माया।
सम्मोहितं देवि समस्तमेतत् त्वं वै प्रसन्न भुवि मुक्ति हेतु।।
मंत्र का जाप 2100 बार करें हवन में आहूति-101 बार दें।
हवन सामग्री में देशी घी मिलायें।

अरोग्यता के लिए
नियमित रूप से इस मंत्र के उच्चारण से आपको रोगों से छुटकारा मिलेगा।
जयन्ती मंगली काली भद्रकाली कपालिनी।।
दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोस्तुते।।
मंत्र का जाप 2100 बार करें, हवन में आहूति 101 बार दें।
हवन सामग्री में देशी घी एवं चन्दन मिलायें।

शत्रुओं से रक्षा के लिए
यदि आपकी किसी से दुश्मनी चल रही है और आपकी जान को खतरा है, तो इस मंत्र के जाप से आप खुद को बचा सकते हैं। मां आपकी रक्षा करेंगी।
सर्वबाधाप्रशमनं त्रैलोक्यस्याखिलेश्वरी।
एवमेवा त्वया कार्यमस्मद्वैरी विनाशनम।।
मंत्र का जाप 5000 बार करें एवं हवन में आहूति 1100 बार दें।
हवन सामग्री- देशी घी, काली मिर्च मिलायें।

आत्मविश्वास हासिल करें
यदि आपका आत्मविश्वास डगमगा रहा है और आप मजबूती से कोई काम नहीं कर पा रहे हैं, तो यह मंत्र आपकी मदद करेगा।
सर्वस्वरूपे सर्वज्ञे सर्वशक्तिसमन्विते।
भयैभ्यस्त्राहि नो देवि दुर्गे देवि नमोस्तुते।।
मंत्र का जाप 5000 बार करें एवं हवन में आहूति-1100 बार दें।
हवन सामग्री में सिर्फ देशी घी मिलायें।

मनचाहे जीवनसाथी के लिये
यदि आपको अपना मनचाहा जीवन साथी प्राप्त करना है, या फिर आपकी शादी के बाद से घर में रोज़ रोज़ झगड़े होते हैं। तो इस मंत्र से आपकी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी।
पत्नी मनोरमां देहि मनोवृत्तानुसारणीम्।
तरिणी दुर्गसंसार सागरस्य कुलोद्भवाम।।
मंत्र का जाप 2100 बार, हवन में आहूति-101
हवन सामग्री- देशी घी।

अचानक विपत्ति से बचने के लिए
विपत्ति कभी भी कहीं भी आ सकती है, लिहाजा अचानक विपत्ति से बचने के लिये आप मां का नाम लेकर यह मंत्र जपें।
शरणागतदीनार्थपरित्राण परायणे।
सर्वस्तयार्तिहरे देवि नारायणि नमोस्तुते।।
मंत्र का जाप 2100 बार हवन में आहूति-101 बार।
हवन सामग्री में सिर्फ देशी घी।












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