Ganga Dussehra 2025: आज है शुभ संयोग, जरूर कीजिए ये काम, दूर होगा पितृ दोष
Ganga Dussehra 2025: ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के दिन गंगा दशहरा मनाया जाता है, आज वो पावन तिथि है और खास बात ये है कि आज ही सर्वसिद्धिदायक सिद्धि योग और हस्त नक्षत्र का संयोग बन रहा है। इस दिन कन्या राशि का चंद्र रहेगा, ये सभी योग मिलाकर एक ऐसा सिद्ध दिन बना रहे हैं जिस दिन मां गंगा से जुड़े कुछ उपाय करने से न केवल पितृ प्रसन्न होंगे जबकि यदि आपकी कुंडली में पितृ दोष बना हुआ है तो वह भी दूर हो जाएगा।
गंगा दशहरे पर ही राजा भगीरथ के आह्वान पर मां गंगा धरती पर आई थी और राजा सगर के साठ हजार पुत्रों का उद्धार किया था। इसलिए यह दिन पितृ कार्यों के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।

पुराहित न मिले तो घर पर कैसे करें तर्पण
गंगा दशहरे के दिन प्रयास करें कि गंगा में डुबकी अवश्य लगाएं। यदि यह संभव न हो तो अपने नहाने के पानी में गंगा जल डालकर स्नान करें। पितरों के निमित्त तर्पण, पिंडदान, श्राद्ध कर्म करें। किसी विद्वान पुरोहित के माध्यम से पितरों की शांति के लिए इस दिन तर्पण, श्राद्ध आदि करना चाहिए। यदि पुरोहित न मिले तो घर पर तर्पण आदि सामान्य तरीके से भी किया जा सकता है।
तर्जनी अंगुली में कुशा की अंगूठी जैसी बनाकर पहनें
इसके लिए आपको जल में कच्चा दूध मिलाना है। इसमें काले तिल और जौ मिलाना है। इसमें गंगा जल भी डालिए। अपने तर्जनी अंगुली में कुशा की अंगूठी जैसी बनाकर पहनें। इसके बाद शुद्ध सफेद बिना सिले कपड़े पहनकर दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके अपने जाने-अनजाने पितरों को याद करते हुए, यदि उनका नाम जानते हैं तो उनका नाम और गोत्र का उच्चारण करते हुए अंजुली में यह जल-दूध का मिश्रण मिलाकर जमीन पर छोड़ते जाएं। इस दौरान ऊं पितरेभ्यो नम: मंत्र बोलते जाएं। ऐसा सात सात बार प्रत्येक पितृ के लिए छोड़ें। इसके बाद उनके प्रसन्न होने की प्रार्थना करें और फिर उनके नाम से ब्राह्मणों को भोजन करवाकर उन्हें दान-दक्षिणा प्रदान करें।
ब्राह्मणों को दान में क्या दें (Ganga Dussehra 2025)
ब्राह्मणों को पितरों के नाम से भोजन करवाकर दान में सफेद वस्त्र, कुशा का आसन, भगवद्गीता पुस्तक, सफेद चंदन, रुपया, जनेऊ, पांच बर्तन दान में देना चाहिए।
अन्य उपाय क्या करें (Ganga Dussehra 2025)
- गंगा दशहरा के दिन गौ को चारा डालने का बड़ा महत्व होता है। गाय को चारा खिलाएं और उनके चरण पूजन करें।
- इस दिन गरीबों को भोजन करवाना चाहिए। विशेषकर मंदिरों के बाहर यदि भिखारी मिल जाए तो उन्हें अन्नदान दें।
- गंगा दशहरा के दिन अपनी कुंडली के पितृ दोष को दूर करने के लिए शिवजी का अभिषेक गंगा जल और दूध से करें।
- इस दिन पंचभोग अवश्य निकालना चाहिए। यह पंचभोग ब्राह्मण, गौ, श्वान, कौवा और चींटियों के लिए निकालें।
- - गंगा दशहरा के दिन गंगा में स्नान करके गंगा स्तोत्र, पितृ स्तोत्र, गजेंद्र मोक्ष का पाठ करना चाहिए।












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