Ganesh Chaturthi 2025: शुक्ल योग में विराजेंगे गणपति, जानिए स्थापना का शुभ मुहूर्त
Ganesh Chaturthi 2025 Muhurat: भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी पर प्रथम पूज्य भगवान श्रीगणेश की पार्थिव मूर्ति की स्थापना की जाएगी। इस बार गणपति की स्थापना के दिन अनेक शुभ योग-संयोग बन रहे हैं, जिसमें स्थापना पूजन करने से मनुष्य को सुख-समृद्धि, विद्या-बुद्धि की प्राप्ति होगी। गणपति स्थापना आज है।
बुधवार होने के साथ-साथ आज शुभ और शुक्ल योग भी बने हुए हैं। बुध-चित्रा नक्षत्र का संयोग भी इस दिन मिलने वाला है। गणपति विसर्जन 6 सितंबर शनिवार को किया जाएगा। भगवान गणेश की स्थापना का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त मध्याह्नकाल होता है इसी में स्थापना करना चाहिए क्योंकि गणेशजी का जन्म मध्याह्नकाल में ही हुआ था।

गणपति स्थापना के मुहूर्त (Ganesh Chaturthi 2025)
- मध्याह्नकाल मुहूर्त : प्रात: 11:12 से दोपहर 12:28
- अवधि : 1 घंटा 16 मिनट
- चौघड़िया अनुसार मुहूर्त
- लाभ : प्रात: 6:09 से प्रात: 7:44
- शुभ : प्रात: 10:53 से दोप 12:28
- चर : दोप 3:38 से सायं 5:12
- लाभ : सायं 5:12 से सायं 6:47
चतुर्थी तिथि ( Ganesh Chaturthi 2025)
- प्रारंभ : 26 अगस्त दोपहर 1:55
- पूर्ण : 27 अगस्त दोपहर 3:45
पांच दुर्लभ योग संयोग (Ganesh Chaturthi 2025)
गणेश चतुर्थी पर इस बार पांच शताब्दी बाद पांच दुर्लभ योग-संयोग बन रहे हैं। इस बाद शुभ और शुक्ल योग के अलावा सवार्थसिद्धि योग, रवियोग, इंद्र योग, ब्रह्म योग और प्रीति योग रहेंगे। इनमें गणेशजी का पूजन करना श्रेष्ठ रहेगा। इस दिन चित्रा नक्षत्र पूरे दिन रहेगा। बुधवार के दिन चित्रा का संयोग अनेक वर्षों बाद आया है। बृहस्पति भी मिथुन राशि में चल रहे हैं जो बुध की ही राशि है। यह संयोग शुभ कार्यों के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।
पांच राजयोग भी रहेंगे
गणेश चतुर्थी पर पांच राजयोग भी बन रहे हैं। ये योग हैं अमला, उभयचरी, वीणा, वरिष्ठ और राजयोग। इन पांच योगों में स्थापित होने वाले गणेशजी विशेष अनुग्रह अपने भक्तों पर करेंगे।
भद्रा का गणेश स्थापना पर प्रभाव नहीं
भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी पर इस बार भद्रा भी रहेगी। हालांकि भगवान गणेश की स्थापना में भद्रा का कोई प्रभाव नहीं माना जाता है। 27 अगस्त को भद्रा प्रात: सूर्योदय से दोपहर 3:45 बजे तक रहेगी। इसमें भी गणेश स्थापना की जा सकेगी।












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