Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Ganesh Chaturthi 2018: गणेश प्रतिमा लाने से पहले उनकी सूंड जरूर देख लें

Recommended Video

    Ganesh Chaturthi 2018: गणेश जी की मूर्ती लाने से पहले उनकी सूंड जरूर देख लें | गणेश चतुर्थी |Boldsky

    नई दिल्ली। भगवान गणेश की आराधना का दस दिवसीय गणेशोत्सव 13 सितंबर से प्रारंभ हो रहा है। इस दिन लोग धूमधाम से अपने प्रिय भगवान श्रीगणेश की स्थापना अपने घर आदि जगहों पर करते हैं और दस दिनों तक उत्साह और उल्लास के साथ उनकी पूजा, अर्चना करते हैं। गणेश को रिद्धि-सिद्धि, बुद्धि और सुख का दाता माना गया है। वास्तुशास्त्र में गणेशजी की मूर्ति को लेकर कुछ नियम बनाए गए हैं, जिनके अनुसार मूर्ति लाई जाए और उसकी स्थापना की जाए तो घर-परिवार में सुख समृद्धि बनी रहती है।

    आइए जानते हैं गणेश मूर्ति को लेकर वे क्या नियम हैं...

    भगवान श्रीगणेश का हर रूप मंगलकारी है

    भगवान श्रीगणेश का हर रूप मंगलकारी है

    वैसे तो भगवान श्रीगणेश का हर रूप मंगलकारी है, लेकिन अपनी अलग-अलग कामनाओं की पूर्ति के लिए अलग-अलग तरह की गणेश मूर्ति की स्थापना का विधान है। यदि अपनी किसी विशेष इच्छा की पूर्ति के उद्देश्य से मूर्ति स्थापित करेंगे तो जल्दी कार्यसिद्धि मिलेगी।

    गणेशजी की सूंड

    सबसे पहले बात करते हैं गणेशजी की सूंड की, गृहस्थों को मूर्ति घर लाते समय गणेशजी की सूंड का विशेष ध्यान रखना चाहिए। ऐसी मूर्ति जिसमें सूंड बाएं हाथ की ओर हो वह मूर्ति घर में स्थापित करना चाहिए। दाईं सूंड वाली गणेश मूर्ति तंत्र कार्यों के प्रयोग में ली जाती है और दाईं सूंड वाली मूर्ति की पूजा में किसी प्रकार का दोष रह जाए तो पूजा का शुभ प्रभाव नहीं मिलता। दाईं सूंड वाले गणेशजी आसानी से प्रसन्न् भी नहीं होते हैं।

    वाहन समेत गणेश जी की मूर्ति सर्वसिद्धिदायक होती

    • गणेशजी की ऐसी मूर्ति कभी न लाएं जिसमें उनका वाहन मूषक यानी चूहा ना हो। वाहन समेत गणेश जी की मूर्ति सर्वसिद्धिदायक होती है।
    • गणेशजी का एकदंत हो और उनके हाथ में अंकुश और मोदक अवश्य हो। बिना मोदक वाले खाली हाथ वाली मूर्ति की पूजा नहीं करना चाहिए।
    • गणेशजी का एक हाथ वरद मुद्रा में हो। यानी वे आशीर्वाद देते नजर आना चाहिए।
    • संतान के लिए गणेशजी के बाल रूप की स्थापना कीजिए

      संतान के लिए गणेशजी के बाल रूप की स्थापना कीजिए

      • जो लोग संतानसुख की कामना से गणेशजी की आराधना करते हैं उन्हें गणेशजी के बाल रूप की स्थापना करना चाहिए।
      • परिवारजनों में आपसी सामंजस्य और प्रेम बना रहने के लिए नृत्य मुद्रा वाली गणेश मूर्ति लाएं। आर्ट, कल्चर, साहित्य जगह से जुड़े लोगों को भी गणेशजी की नृत्य मुद्रा वाली मूर्ति की पूजा करना चाहिए।
      • गणेशजी के मस्तक पर मुकुट अवश्य होना चाहिए। आजकल पगड़ी का भी चलन है। खाली सिर वाली मूर्ति न लाएं।
      • सिंदूरी रंग की मूर्ति से सुख और आनंद की प्राप्ति होती है

        सिंदूरी रंग की मूर्ति से सुख और आनंद की प्राप्ति होती है

        • आर्थिक समृद्धि के लिए गणेशजी की हरे रंग की मूर्ति की स्थापना घर में करें। सिंदूरी रंग की मूर्ति से सुख और आनंद की प्राप्ति होती है।
        • तंत्र कार्यों में सिद्धि के लिए गणेशजी की काले रंग की मूर्ति की पूजा करें। सफेद रंग के गणेशजी घर-परिवार में सुख-शांति प्रदान करते हैं।
        • वैवाहिक कार्यों में बाधा आ रही हो तो पीले रंग के गणेशजी की पूजा करें।
        • एक समय में केवल एक ही गणेश मूर्ति की स्थापना करें। जिस स्थान पर गणेशजी की स्थापना कर रहे हैं वहां दूसरी गणेश मूर्ति ना हो।
        • वास्तु के अनुसार घर का केंद्र स्थान ब्रह्म स्थान कहलाता है। ब्रह्म स्थान, पूर्व, उत्तर या ईशान दिशाएं गणेश स्थापना के लिए श्रेष्ठ हैं।

    More From
    Prev
    Next
    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+