Ekadashi 2025 : पुत्रदा एकादशी पर जरूर करें ये आरती, हमेशा भरी रहेगी तिजोरी, दुख नहीं करेंगे परेशान
Ekadashi 2025 Aarti: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत को अत्यंत पवित्र और फलदायी माना गया है। यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है। मान्यता है कि एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति, मानसिक शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है। साल की अंतिम एकादशी यानी कि पौष पुत्रदा एकादशी आज और कल दोनों दिन मनाई जा रही है।
आज गृहस्थ आश्रम वाले ये व्रत करेंगे, तो वहीं 31 दिसंबर को वैष्णव संप्रदाय के लोग उपवास करेंगे, इस दिन जो भी जातक सच्चे मन से भगवान विष्णु की पूजा करता है उसे हर तरह का सुख प्राप्त होता है, उस पर मां लक्ष्मी की कृपा हमेशा बनी रहती है।

उसके घर में कमी भी अन्नज-जल या धन की कमी नहीं होती है। इस दिन खास तौर पर भगवान विष्णु की आरती करनी चाहिए, ऐसे करने वाले को दोगुने फल की प्राप्ति होती है।
विष्णु आरती (Ekadashi 2025 Aarti)
- ॐ जय जगदीश हरे
- स्वामी जय जगदीश हरे
- भक्त जनों के संकट दास जनों के संकट
- क्षण में दूर करे
- ॐ जय जगदीश हरे
- ॐ जय जगदीश हरे
- स्वामी जय जगदीश हरे
- भक्त ज़नो के संकट दास ज़नो के संकट
- क्षण में दूर करे
- ॐ जय जगदीश हरे
- जो ध्यावे फल पावे दुःख बिन से मन का
- स्वामी दुख बिन से मन का
- सुख सम्पति घर आवे
- सुख सम्पति घर आवे
- कष्ट मिटे तन का
- ॐ जय जगदीश हरे
- मात पिता तुम मेरे
- शरण गहूं किसकी
- स्वामी शरण गहूं किसकी
- तुम बिन और ना दूजा
- तुम बिन और ना दूजा
- आस करूँ जिसकी
- ॐ जय जगदीश हरे
- तुम पूरण परमात्मा
- तुम अंतरियामी
- स्वामी तुम अंतरियामी
- पार ब्रह्म परमेश्वर
- पार ब्रह्म परमेश्वर
- तुम सबके स्वामी
- ॐ जय जगदीश हरे
- तुम करुणा के सागर
- तुम पालन करता
- स्वामी तुम पालन करता
- मैं मूरख खलकामी
- मैं सेवक तुम स्वामी
- कृपा करो भर्ता
- ॐ जय जगदीश हरे
- तुम हो एक अगोचर
- सबके प्राण पति
- स्वामी सबके प्राण पति
Ekadashi 2025 : प्रभाव और आरती का महत्व
- किस विध मिलु दयामय
- किस विध मिलु दयामय
- तुम को मैं कुमति
- ॐ जय जगदीश हरे
- दीन बन्धु दुःख हर्ता
- ठाकुर तुम मेरे
- स्वामी रक्षक तुम मेरे
- अपने हाथ उठाओ
- अपनी शरण लगाओ
- द्वार पड़ा तेरे
- ॐ जय जगदीश हरे
- विषय-विकार मिटाओ पाप हरो देवा
- स्वामी पाप हरो देवा
- श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ
- श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ
- सन्तन की सेवा
- ॐ जय जगदीश हरे
- ओम जय जगदीश हरे
- स्वामी जय जगदीश हरे
- भक्त ज़नो के संकट
- दास ज़नो के संकट
- क्षण में दूर करे
- ॐ जय जगदीश हरे
- ॐ जय जगदीश हरे
- स्वामी जय जगदीश हरे
- भक्त ज़नो के संकट
- दास जनो के संकट
- क्षण में दूर करे
- ॐ जय जगदीश हरे
Ekadashi 2025 का प्रभाव
- जीवन में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार
- मानसिक तनाव और नकारात्मक विचारों से मुक्ति
- पाप कर्मों का नाश और आत्मशुद्धि
- रोगों में कमी और पाचन तंत्र को विश्राम
- भगवान विष्णु की विशेष कृपा और मोक्ष की प्राप्ति
- धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, एकादशी व्रत करने वाले व्यक्ति को वैकुंठ लोक की प्राप्ति होती है।
DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार ज्योतिष या पंडित की राय जरूर लें।












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