Happy Dussehra 2018: रावण के बारे में जानिए कुछ हैरान कर देने वाली बातें
नई दिल्ली। बुराई पर अच्छाई का प्रतीक दशहरा पर्व 19 अक्टूबर को है, इस खास पर्व को पूरा भारत काफी भव्यता के साथ मनाता है, इस दिन जगह-जगह रावण का पुतला फूंका जाता है क्योंकि रावण बुरा राक्षस था, उसने धोखे से पराई नारी का अपहरण किया था लेकिन क्या आप जानते हैं कि दानव होते हुए ही भी रावण में बहुत सारी अच्छाईयां थी जिसके कारण आज देश के कई कोने में रावण की पूजा होती है।

'रामचरित मानस' में रावण का वृहद वर्णन
रावण के बारे में सबसे ज्यादा 'रामचरित मानस' में गोस्वामी तुलसीदास ने लिखा है, जिन्होंने अपनी लेखनी में उसे भगवान शिव का बहुत बड़ा भक्त लिखा है और उनके हिसाब से भी रावण में काफी अच्छे गुण भी थे, जिन्हें लोगों को जानना बहुत जरूरी है।

कुशल राजनीतिज्ञ, सेनापति और वास्तुकार था रावण
तुलसीदास के मुताबिक दैत्य रावण एक कुशल राजनीतिज्ञ, सेनापति और वास्तुकला का मर्मज्ञ होने के साथ-साथ बहु-विद्याओं का जानकार था, उसे विद्या का महत्व पता था और वो एक ज्ञानी राक्षस था। रावण को लोग बहुत बढ़िया कवि कहते थे, उसने कई रचनाएं भी लिखी हैं।
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तरह-तरह के जादू जानता था रावण
रावण को मायावी इसलिए कहा जाता था कि वह इंद्रजाल, तंत्र, सम्मोहन और तरह-तरह के जादू जानता था, यही नहीं रावण बहुत बड़ा पंडित था और इसी कारण भगवान राम ने उससे विजय यज्ञ करवाया था।

आयुर्वेद, तंत्र और ज्योतिष का ज्ञाता था रावण
रावण आयुर्वेद, तंत्र और ज्योतिष का ज्ञाता और वैज्ञानिक भी कहलाता है, रावण ने तांडव स्तोत्र, अंक प्रकाश, इंद्रजाल, कुमारतंत्र, प्राकृत कामधेनु, प्राकृत लंकेश्वर, ऋग्वेद भाष्य, रावणीयम, नाड़ी परीक्षा आदि पुस्तकों की रचना की थी। पौराणिक ग्रंथों में वर्णन भी है कि रावण को कई भाषाओं का ज्ञान भी था।












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