Dhanteras 2024: आज जरूर करें दीपदान, मौत को भी टाल देंगे ये सटीक उपाय
Dhanteras 2024: मृत्यु अटल है यह सत्य है किंतु यह बात भी उतनी ही सत्य है कि बिना समय आई मृत्यु को टाला जा सकता है और यह संभव होता है साक्षात मृत्यु के देवता यमराज को प्रसन्न करके। यम को प्रसन्न करने का दिन होता है नरक चतुर्दशी।
नरक चतुर्दशी पर सायंकाल में यम को प्रसन्न करने के लिए दीपदान किया जाता है। इस वर्ष तिथियों में घट-बढ़ होने के कारण नरक चतुर्दशी का दीपदान 29 अक्टूबर 2024 मंगलवार को ही किया जाएगा।

क्यों किया जाता है दीपदान
दीपदान यम की कृपा प्राप्त करने के लिए किया जाता है। जिन लोगों के घर में पूर्व समय में किसी की अकाल मृत्यु होती रही हो। किसी गंभीर रोग से, दुर्घटना से, अग्नि से, किसी प्राकृतिक आपदा से किसी की मृत्यु हो चुकी है तो ऐसे लोगों को दीपदान अवश्य करना चाहिए। भविष्य में अकाल मृत्यु को टालने के लिए भी दीपदान अवश्य करना चाहिए। यदि परिवार में लगातार कोई व्यक्ति बीमार चल रहा हो और उसके ठीक होने की कोई आशा दिखाई नहीं पड़ रही है तो दीपदान अवश्य करना चाहिए।
कैसे करें दीपदान
दीपदान किसी नदी, तालाब में किया जाता है। दीपों की संख्या आप कितनी भी ले सकते हैं किंतु यह संख्या विषम होनी चाहिए। जैसे पांच, सात, नौ, 11, 21 इस तरह से। दीपदान के लिए खाकरे के पत्तों से बने दोने सर्वथा उपयुक्त होते हैं। क्योंकि ये जल में अच्छे से तैर जाते हैं।
दीपदान की संख्या के अनुसार दोने लेकर उनमें घी से भिगोई हुई बत्ती रखें। बत्ती के आसपास फूलों की थोड़ी सी हल्की पंखुड़ियां रखें। अब इ न्हें प्रज्वलित करके धीरे-धीरे जल में छोड़ते जाएं। पानी की लहरों के साथ ये दीप आगे की ओर बढ़ने लगेंगे। जैसे जैसे आगे जाएंगे आपके और आपके परिवार क सदस्यों की अलाएं-बलाएं भी अपने साथ बहा ले जाएंगे। दीपदान से पूर्व दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके हाथ जोड़कर यमराज से प्रसन्न होने की कामना करें।












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