Chhath Puja 2022 Fruits Significance: छठ माता को क्यों चढ़ते हैं ये 6 फल? जानिए क्या है इसके पीछे कारण?
छठ माता को क्यों चढ़ते हैं ये 6 फल?: आस्था और विश्वास के पर्व छठ पूजा का आगाज आज से हो गया है। संतान की लंबी उम्र के लिए किए जाने वाला ये उपवास संयम, प्रेम और श्रद्धा का प्रतीक है। चार दिनों तक चलने वाले इस व्रत का प्रमुख आकर्षण छठ माई के लिए सजने वाला सूप या टोकरी होता है, जिसे बहुत सारी चीजों से सजाया जाता है, जिनमें 6 फलों का होना अनिवार्य होता है, जिनके बिना ये पूजा अधूरी होती है और ये फल हैं केला , नारियल, गन्ना , बड़ा वाला या डाभ नींबू, सिंघारा और सुपारी। आपको बता दें कि सूर्य षष्ठी व्रत होने के कारण इसे 'छठ' कहा जाता है और छठ माता सूर्य देव की बहन हैं। 'छठ' यानी कि छ इसलिए छठ माता को छ तरह के फल चढ़ते हैं।

आपको बता दें कि इन छ फलों का अपना महत्व है..
- नारियल: नारियल प्रेम, संपन्नता, मातृत्व और सुंदरता का प्रतीक है, छठ मां को नारियल चढ़ाने से जातक के घर में प्रेम, संपन्नता का वास होता है और उसकी गोद हमेशा भरी रहती है।
- केला: केला अर्थ, शक्ति और संपन्नता का भाव देता है, छठ मां को ये फल चढ़ाने से इंसान के अर्थ, शक्ति और संपन्नता में बढ़ावा होता है।
- गन्ना: गन्ना तो छठ पूजा का प्रमुख अंग है, ये मिठास और सुख- समृद्धि का पर्याय है, इसकी पूजा करने से इंसान के परिवार में प्रेम बढ़ता है और सुख- समृद्धि आती है।
- बड़ा वाला या डाभ नींबू: यह ऊर्जा का प्रतीक है, छठ मां को इसे अर्पित करने से वो खुश होती हैं और जातक को हमेशा ऊर्जावान रहने का आशीष देती हैं।
- सिंघारा: ये भी छठ माता को काफी पसंद है, ये आवरण युक्त होता है, जो कि इंसान को आत्म सुरक्षा का पाठ पढ़ाता है।
- सुपारी: ये शुभता का मानक है। इसकी पूजा करने से इंसान के घर में हमेशा शुभता बनी रहती है।

इन फलों को चढ़ाते हुए इंसान को इन मंत्रों को जरूर पढ़ना चाहिए क्योंकि ऐसा माना जाता है कि छठ माता ऐसा करने से प्रसन्न होती हैं।
- ॐ सूर्याय नम:
- ॐ भानवे नम:
- ॐ खगाय नम:
- ॐ घृणि सूर्याय नम:
- ॐ पूष्णे नम:

छठ मईया की आरती
- जय छठी मईया ऊ जे केरवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मेड़राए।
- मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए॥जय॥
- ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय।
- ऊ जे नारियर जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मेड़राए॥जय॥
- मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए।
- ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय॥जय॥
- अमरुदवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मेड़राए।
- मां लक्ष्मी का आर्शीवाद मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए॥जय॥
- ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय।
- शरीफवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मेड़राए॥जय॥
- मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए।
- ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय॥जय॥
- ऊ जे सेववा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मेड़राए।
- मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए॥जय॥
- ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय।
- सभे फलवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मेड़राए॥जय॥
- मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए।
- ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय॥जय॥












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