Holika Dahan 2022: होलिका दहन पर कीजिए इन मंत्रों का जाप, हो जाएंगे सारे कष्ट दूर
नई दिल्ली,14 मार्च। फाल्गुन माह की पूर्णिमा अर्थात् होलिका दहन वाला दिन तंत्र-मंत्र की सिद्धियों के लिए सर्वश्रेष्ठ दिन होता है। तांत्रिक ग्रंथों में इस दिन का महत्व बताते हुए कहा गया है किफाल्गुन पूर्णिमा की रात्रि में सिद्धों, साधकों को अपनी साधना को पूर्णता प्रदान करने का प्रयास अवश्य करना चाहिए। यह एक ऐसी अद्भुत रात्रि होती है जिसमें आप कुछ विशेष प्रयोग करके अपने भीतर एक जबर्दस्त शक्ति उत्पन्न कर सकते हैं। वशीकरण, आकर्षण, सम्मोहन शक्ति बढ़ाने के लिए यह वर्ष का एकमात्र दिन होता है। ध्यान रहे, ये प्रयोग किसी के प्रति गलत उद्देश्य से या किसी को हानि पहुंचाने के लिए, मर्यादा के विपरीत जाकर कोई काम करने के लिए कभी नहीं करना चाहिए, अन्यथा इनका कोई प्रभाव नहीं होगा। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ सिद्ध और अनुभूत प्रयोग।

ऊं नमो भास्कराय त्रिलोकात्मने अमुकं श्रीपति मे वश्यं कुरु कुरु स्वाहा
होलिका दहन की रात्रि में इस मंत्र को 1008 बार जप कर कपूर, चंदन, तुलसी पत्र को गाय के दूध में घिसकर मस्तक पर तिलक लगाएं और इच्छित व्यक्ति से मिलें। वह व्यक्ति आपके वशीभूत हो जाएगा और आपके कहे अनुसार कार्य करेगा।
ऊं नमो महायक्षिणी ममपति वश्य मानय कुरु कुरु स्वाहा
इस मंत्र को होलिका दहन की रात्रि में 1008 बार जपकर सिद्ध कर लें। गुरुवार के दिन कदली के रस में सिंदूर मिलाकर इसी मंत्र को 108 बार जपकर अभिमंत्रित कर मस्तक पर लगाएं। इस प्रयोग से पति आपके कहे अनुसार कार्य करेगा।
ऊं शिवे भगवे भगे भगे भगं क्षोभय क्षोभय मोहय मोहय छादय छादय क्लेदय क्लेदय क्लीं शरीर ऊं फट स्वाहा
यह मंत्र स्त्री वशीकरण का अनुभूत मंत्र है। एकांत में जिस स्त्री की फोटो के सामने 108 बार पढ़ा जाएगा वह आपके वशीभूत होकर स्वयं चली आएगी। यह प्रयोग सात रात्रि में लगातार सोने से पहले जप करना चाहिए।
ऊं ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वपुरुष सर्वस्त्री हृदयहारिणी, ममवश्यं कुरु कुरु ह्री श्रीं नम: नम:
यह मंत्र होलिका दहन की रात्रि में या किसी भी महीने की शुक्लपक्ष की प्रतिपदा से चतुर्दशी तक नित्य 1008 बार जपकर सिद्ध कर लें। उसके बाद किसी भी व्यक्ति के सामने जाकर 21 बार मंत्र पढ़ें। ऐसा करने से सभी व्यक्ति मनुष्य के अधीन हो जाते हैं।
नोट : उपरोक्त सभी मंत्र विभिन्न ग्रंथों से लिए गए हैं, लेकिन यह चेतावनी भी दी गई है किइनका प्रयोग किसी को हानि पहुंचाने के लिए बिलकुल नहीं करना चाहिए। इन मंत्रों का प्रयोग केवल उन्हीं स्त्री-पुरुषों पर किया जा सकता है, जिनसे आपका किसी न किसी प्रकार का भावनात्मक संबंध रहा हो और कम से कम एक बार एक-दूसरे से मिले हो और बात की हो। अनजान व्यक्तियों पर इनका कोई प्रभाव नहीं होगा, चाहे कितना भी जप कर लो।












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