Bhai Dooj 2021: भाई-दूज पर करें यमुना आरती, दूर हो जाएगा यम का डर
नई दिल्ली, 05 नवंबर। भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक भाईदूज का त्योहार शनिवार को है। इस दिन बहनें अपने भाई की आरती उतारती हैं और माथे पर टीका करके उसकी लंबी उम्र और सफलता के लिए ऊपर वाले से प्रार्थना करती हैं। इस दिन यमुना माता की आरती की जाती है, कहा जाता है कि ऐसा करने से यमुना मां की पूजा करने से 'यम' का डर हमेशा के लिए समाप्त हो जाता है और अकाल मृत्यु के दोष का अंत भी होता है। यही नहीं यमुना जी की विशेष आरती और मंत्रों का जाप करने से भगवान श्री कृष्ण भी प्रसन्न होते हैं। आपको बता दें कि भाई दूज को यम द्वितीया भी कहा जाता है। इस दिन यमराज की भी पूजा की जाती है।

ये हैं यमुनामंत्र
- यमस्वसर्नमस्तेऽसु यमुने लोकपूजिते।
- वरदा भव मे नित्यं सूर्यपुत्रि नमोऽस्तु ते॥
- ऊँ नमो भगवत्यै कलिन्दनन्दिन्यै सूर्यकन्यकायै यमभगिन्यै श्रीकृष्णप्रियायै यूथीभूतायै स्वाहा।'
- ऊँ हीं श्रीं, क्लीं कालिन्द्यै देव्यै नम:'
आइए आपको बताते हैं यमुना आरती के बारे में
- ॐ जय यमुना माता, हरि ॐ जय यमुना माता, नो नहावे फल पावे सुख सुख की दाता
- ॐ पावन श्रीयमुना जल शीतल अगम बहै धारा, जो जन शरण से कर दिया निस्तारा
- ॐ जो जन प्रातः ही उठकर नित्य स्नान करे, यम के त्रास न पावे जो नित्य ध्यान करे
- ॐ कलिकाल में महिमा तुम्हारी अटल रही, तुम्हारा बड़ा महातम चारों वेद कही
- ॐ आन तुम्हारे माता प्रभु अवतार लियो, नित्य निर्मल जल पीकर कंस को मार दियो
- ॐ नमो मात भय हरणी शुभ मंगल करणी, मन 'बेचैन' भय है तुम बिन वैतरणी
- ॐ ॐ जय यमुना माता, हरि ॐ जय यमुना माता।
खास बातें
ब्रजवासी तो यमुना को अपनी मां मानते हैं। ब्रह्म पुराण में यमुना की विस्तृत व्याख्या है। उसके मुताबिक सृष्टि का आधार ही यमुना है। जबकि गौड़िय विद्वान श्री रूप गोस्वामी ने यमुना को साक्षात् चिदानंदमयी बतलाया है। प्राचीनकाल में वृन्दावन में यमुना गोवर्धन के पास बहती थीं, जबकि वर्तमान में वह गोवर्धन से लगभग 4 मील दूर से प्रवाहित होती हैं।












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