Ashadhi Amavasya 2024: आषाढ़ी अमावस्या पर ये उपाय बदल देंगे आपका जीवन,लाइफ बन जाएगी खूबसूरत
Ashadhi Amavasya 2024: आषाढ़ मास की अमावस्या का बड़ा महत्व होता है। इस अमावस्या के दिन पितरों की शांति, नाग दोष की शांति, कालसर्प दोष की शांति, पितृदोष की शांति जैसे कर्म किए जाते हैं। इस अमावस्या पर शनिदेव को प्रसन्न करने के उपाय भी करने चाहिए।
आषाढ़ी अमावस्या 5 जुलाई 2024 शुक्रवार को आ रही है। इस दिन सर्वार्थसिद्धि योग भी पूरे दिन बना हुआ है इसलिए कोई भी उपाय विशिष्ट फलदायी साबित हों।

आषाढ़ी अमावस्या का महत्व बताते हुए पुराणों में कहा गया है कि जो मनुष्य इस अमावस्या के दिन गंगा, नर्मदा आदि पवित्र नदियों में स्नान करके या इनके जल से स्नान करके दान-पुण्य करता है वह परम मोक्ष को प्राप्त करता है। पृथ्वी पर जीवित रहते हुए उसके सारे पापों का क्षय हो जाता है और वह 33 कोटि देवताओं का प्रिय बन जाता है।
क्या करें आषाढ़ी अमावस्या पर
- आषाढ़ी अमावस्या के दिन गंगा, नर्मदा, गोदावरी, यमुना आदि पवित्र नदियों में स्नान करना चाहिए। यदि ये नदिया आपके आसपास उपलब्ध न हों तो इन नदियों का जल पानी में डालकर उसी से स्नान करना चाहिए। जल में थोड़े से काले तिल भी डाल लेना चाहिए।
- आषाढ़ी अमावस्या के दिन पवित्र नदियों के तट पर अथवा कुएं, बावड़ी, किसी शुद्ध तालाब आदि के किनारे पितरों की शांति के लिए श्राद्ध आदि करना चाहिए।
- इस अमावस्या पर पितरों की शांति के लिए त्रिपिंडी श्राद्ध करना चाहिए। इससे आपके जो पितर प्रेत बन गए हैं और अतृप्त होकर भटक रहे हैं उनकी शांति होगी। अतृप् पितरों के कारण परिवार में अनेक परेशानियां आती हैं।
- कालसर्प दोष, नाग दोष, चंद्र ग्रहण दोष, सूर्य ग्रहण दोष की शांति भी इसी अमावस्या पर करवाना श्रेष्ठ रहता है। उज्जैन, त्रयंबकेश्वर आदि स्थानों पर इन दोषों के निवारण की पूजा का बड़ा महत्व होता है।
- यदि आपके पितरों को शांति नहीं मिल रही है तो बदरीनाथ धाम स्थित ब्रह्मकपाली में पितृ शांति करवाना चाहिए।
- शनि की पीड़ा से मुक्ति के लिए आषाढ़ी अमावस्या के दिन शनि के निमित्त दान, पुण्य करना चाहिए।
- अमावस्या के दिन हनुमानजी की पूजा करने से अनेक रोगों, शत्रुओं के संकट से छुटकारा मिलता है।












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