Akshaya Tritiya 2023: अक्षय तृतीया से जुड़ा है अभिषेक-ऐश्वर्या के जीवन का गहरा राज, जानिए क्या है वो?
Akshaya Tritiya 2023: मान्यता है कि वैशाख मास की तृतीया के दिन जो भी शुभ कार्य किये जाते हैं, उनका अक्षय फल मिलता है इसी कारण इसे 'अक्षय तृतीया' कहते हैं।

Akshaya Tritiya and Abhishek-Aishwarya Bachchan: वैशाख मास की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाता है। ये दिन बहुत ही शुभ होता है। माना जाता है कि इस दिन जो भी काम किया जाता है उसका क्षय नहीं होता है। इसलिए आज सारे मांगलिक काम काम किए जाते हैं।
अभिषेक-ऐश्वर्या का विवाह अक्षय तृतीया पर हुआ था
इस दिन अबूझ मुहूर्त होता है, मान्यता है कि अगर इस दिन कोई कपल परिणय सूत्र बंधन में बंधता है तो ये बंधन सात जन्मों का होता है और इनका वैवाहिक जीवन काफी सुखद होता है और शायद इसी वजह से सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने अपने इकलौते और जान से अजीज बेटे अभिषेक की शादी पूर्व विश्न सुंदरी और जानी-मानी अभिनेत्री ऐश्वर्या राय से अक्षय तृतीया के दिन करवाई थी।
20 अप्रैल 2007 को हुई थी शादी
सभी को पता है कि बच्चन फैमिली परंपराओं और पूजा-पाठ पर खासा विश्वास रखती है और वो अपने रीति-रिवाज के मूल्यों को काफी सहेज कर रखते हैं। इसलिए बच्चन परिवार ने अपने बेटे की शादी के लिए वो दिन चुना जिस दिन देवी-देवताओं की शादी होती है। मालूम हो कि अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्य राय ने 20 अप्रैल 2007 को शादी की थी। ये शादी अमिताभ के जुहू वाले घर प्रतिक्षा में हुई थी। जिसमें दोनों परिवार के रिश्तेदार और करीबी मित्र ही शामिल हुए थे।
कुंडलियां आपस में मिल नहीं रही थीं
कहा तो ये भी जाता है कि अभिषेक और ऐश्वर्या की कुंडलियां आपस में मिल नहीं रही थीं, दोनों में कुछ दोष था ऐसे में अमिताभ बच्चन ने कई पंडितों से बात की और फिर बेटे की शादी के लिए अक्षय तृतीया का दिन चुना था। मान्यता है कि अगर इस दिन विवाह किया जाता है तो कुंडली के सारे दोष समाप्त हो जाते हैं और दांपत्य जीवन में कोई दुख या कष्ट नहीं आता है।
बॉलीवुड के परफेक्ट कपल्स में से एक हैं अभि-ऐश
अभिषेक और ऐश्वर्या बॉलीवुड के परफेक्ट और ब्यूटीफिल कपल्स में से एक हैं। दोनों साल 2011 में बेबी आराध्या बच्चन के मम्मी-पापा बने थे। दोनों ने हाल ही में अपनी शादी का 16वां साल सेलिब्रेट किया है। अपनी सालगिरह पर अभिषेक ने पत्नी संग एक रोमांटिक तस्वीर शेयर करके लिखा था कि - '16 साल बेमिसाल। '
मां माधुरी ने भगवान सुंदरेसा से किया था विवाह
एक खास बात आपको और यहां बता दें कि अक्षय तृतीया के दिन मां माधुरी ने शिव के पुर्नजन्म वाले रूप भगवान सुंदरेसा से विवाह किया था और तब से ही इस दिन लोग अबूझ मुहूर्त में विवाह करने लगे।
आज कहीं नहीं बजेगी शहनाई
लेकिन आज कहीं पर भी विवाह नहीं हो पाएगा क्योंकि आज भले ही अक्षय तृतीया है और गुरु का मेष राशि में प्रवेश हुआ है लेकिन गुरु अभी भी अस्त अवस्था में हैं, ऐसे में जब तक वो उदित रूप में नहीं आते हैं, तब तक विवाह कार्य संपन्न नहीं हो पाएंगे इसलिए इस बार के अक्षय तृतीया पर कहीं पर भी शादी नहीं होगी। मालूम हो कि गुरु का उदय 27 अप्रैल को होगा।












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