ISKCON Temple: भारतीय ही नहीं विदेशी भी जपते हैं 'हरे कृष्ण,हरे राम',जानिए इस्कॉन मंदिर से जुड़ी 10 खास बातें
ISKCON Temple History: इन दिनों बांग्लादेश सरकार और इस्कॉन मंदिर लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। ताजा अपडेट में हिंदू आध्यात्मिक संगठन इस्कॉन ने उन दावों को खारिज किया है जिसमें कहा गया था कि उसने हिंदू भिक्षु चिन्मय कृष्ण दास से खुद को अलग कर लिया है।
आपको बता दें कि कृष्ण दास को बांग्लादेश सरकार ने गिरफ्तार करके जेल में डाल दिया था।इस्कॉन ने दास के प्रति अपने समर्थन की पुष्टि की और देश में हिंदुओं के अधिकारों की सुरक्षा का आह्वान किया।

संगठन ने एक बयान में कहा, "इस्कॉन ने हिंदुओं और उनके पूजा स्थलों की सुरक्षा के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आह्वान करने वाले चिन्मय कृष्ण दास के अधिकारों और स्वतंत्रता का समर्थन करने से खुद को अलग नहीं किया है और न ही करेगा।"
खैर इसी बीच जानते हैं कृष्ण भक्ति के लिए मशहूर इस्कॉन मंदिर के बारे में टॉप 10 रोचक तथ्य, जिनके बारे में हर किसी को जानना बहुत ज्यादा जरूरी है...
- इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस यानी कि इस्कॉन की स्थापना 1966 में श्रील प्रभुपाद ने की थी।
- उनका जन्म कोलकाता में हुआ था। वे भगवान कृष्ण के बहुत बड़े भक्त थे और उन्होंने ही 1965 में 'हरे कृष्ण मूवमेंट' शुरू किया था।
- इसका उद्देश्य भगवद् गीता और वैदिक ग्रंथों के अनुसार आध्यात्मिकता और भक्ति को फैलाना था और वो ये मकसद काफी हद तक पूरा हो चुका है।
- उन्होंने संन्यास लेने के बाद पूरी दुनिया में 'हरे कृष्ण, हरे राम' का प्रचार-प्रसार किया।
- दुनिया भर में करीब 1000 से अधिक इस्कॉन मंदिर हैं। इनमें से कुछ मंदिर वास्तुकला और भव्यता के लिए प्रसिद्ध हैं।
- लंदन, बर्लिन और न्यूयॉर्क में आपको भगवान कृष्ण के काफी भक्त मिलेंगें, ये नियमित रूप से इस्कॉन जाते हैं।
- सभी इस्कॉन मंदिर भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी को समर्पित हैं। जहां हर दिन हरिनाम संकीर्तन और भजन-कीर्तन होते हैं।
- मंदिरों में आने वाले भक्तों को मुफ्त प्रसाद दिया जाता है। इसके अलावा, इस्कॉन की फूड फॉर लाइफ योजना के तहत जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराया जाता है।
- मंदिरों में नियमित रूप से भागवत कथा, श्रीमद्भागवतम्, और भगवद् गीता की शिक्षाएं दी जाती हैं।
- मंदिरों में केवल शुद्ध शाकाहारी भोजन ही बनाया और वितरित किया जाता है। इसे भगवान को अर्पित करने के बाद भक्तों में बांटा जाता है।
- इस्कॉन का मुख्यालय मायापुर (पश्चिम बंगाल) में है। यहाँ भक्त श्री चैतन्य महाप्रभु के सिद्धांतों का पालन करते हैं।
DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार ज्योतिष या पंडित की राय जरूर लें।












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