हमने दो बार कोरोना को हराया, अगले साल चुनाव भी जीतेंगे: सीएम योगी
लखनऊ। कोरोना संक्रमण की पहली लहर को बखूबी कंट्रोल करने के बाद दूसरी लहर में भी उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने पूरे देश में एक मिसाल कायम की है। देश की सर्वाधिक आबादी वाला राज्य होने के बावजूद यूपी कोरोना रिवकरी रेट और कोविड टेस्टिंग में अव्वल है। मेहनत का अपेक्षित परिणाम मिलने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी काफी आशान्वित भी हैं।

एक हिंदी अखबार के कार्यक्रम में बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2022 के विधानसभा चुनाव को लेकर पूरे आत्मविश्वास से दो टूक कहा कि हमने कोरोना की पहली और दूसरी लहर को हराया है, अगले साल होने वाला चुनाव भी जीतेंगे। उत्तर प्रदेश में फिर भाजपा की सरकार बनाएंगे। मुख्यमंत्री के तौर पर योगी आदित्यनाथ की मेहनत ही इस दावे के पीछे उनका आत्मविश्वास है।
कोरोना की पहली लहर में भी वह राज्य के हर जिले का दौरा कर वहां के इंतजामों का जायजा लेते रहे। दूसरी लहर की शुरुआत में वह खुद कोरोना संक्रमण से जूझे। लेकिन ठीक होने के तुरंत बाद उत्तर प्रदेश का दौरा शुरू कर दिया। उन्होंने 20 दिनों में यूपी के सभी मंडलों और 50 से अधिक जिलों का दौरा किया, इन जगहों पर कोरोना से लड़ने के लिए किए गए इंतजामों को परखा।
इस बीच विपक्षी पार्टियों के नेता जमीन पर दिखाई नहीं पड़े। कोरोना का हवाला देकर मुख्यमंत्री योगी भी लखनऊ में रहकर अधिकारियों को निर्देशित कर सकते थे। लेकिन उन्होंने इस महामारी के खिलाफ लड़ाई में नेतृत्वाकर्ता बनने की भूमिका स्वीकारी।
सीएम योगी ने सपा मुखिया के आंगन सैफई में जाकर उनकी निष्क्रियता पर तंज कसा। सैफई की जनता से कहा कि आपने जिन्हें चुना वह तो होम आइसोलेशन में हैं। उन्हें फुर्सत न हो, लेकिन बिना किसी भेदभाव के हम इस संकट में आपके साथ खड़े हैं।
कार्यक्रम के दौरान सरकार में फेरबदल और कुछ मंत्रियों से नाराजगी के सवाल को सीएम योगी आदित्यनाथ ने सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि सभी मंत्रियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में बेहतर काम किया। हमने टीम वर्क से ही सफलता हासिल की है।
मुख्यमंत्री से बीते दिनों अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का दौरा करने के पीछे कोई खास वजह पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय भी देश के संसाधनों से बना है। मैं वहां जाने से क्यों वंचित रहूं? वहां जाना मेरी नैतिक जिम्मेदारी थी। हम उत्तर प्रदेश में किसी एक जगह को अलग टापू बना नहीं रहने दे सकते।
किसी पार्टी का नाम लिए बिना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों में भ्रम फैलाने और यूपी को बदनाम करने का आरोप लगाते हुए विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति को कठघरे में खड़ा करने का कुत्सित प्रयास उन लोगों ने किया, जिनका इस संस्कृति से कोई लेना-देना नहीं है। गांवों में संक्रमण की अफवाह वह फैला रहे हैं, जो लुटियंस जोन से बाहर नहीं निकलते और शाम छह बजे के बाद बात करने की स्थिति में नहीं रहते।












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