रेमडेसिविर इंजेक्शन और ऑक्सीजन की ना हो कमी, सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से कहा
लखनऊ, अप्रैल 30: बढ़ते कोरोना वायरस संक्रमण पर नियंत्रण के लिए प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ लगातार प्रयास कर रहे हैं। बिना आराम के लगातार टीम-11 के साथ समीक्षा बैठक करने के साथ ही जिलाधिकारियों तथा डॉक्टरों के साथ उपाय की तलाश में लगे सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश के हर जिले में रेमडेसिविर इंजेक्शन के साथ ही मेडिकल ऑक्सीजन तथा अनय उपयोगी उपकरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता में है।

सुनिश्चित कराई जा रही इंजेक्शन रेमडेसिविर की उपलब्धता
सरकारी आवास पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक करने के बाद उन्होंने कहा कि एक दिन प्रदेश में रेमडेसिविर इंजेक्शन की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है। सभी जिलों हर दिन रेमडेसिविर इंजेक्शन उपलब्ध कराई जा रही है। सरकारी अस्पतालों में यह दवा नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही है, निजी अस्पतालों को जरूरत पर इसकी आपूॢत कराई जा रही है। जिला प्रशासन इस दवा की मांग,आपूर्ति और खपत का पूरा विवरण जरूर रखें। रेमडेसिविर जैसी जीवनरक्षक मानी जा रही दवा की कालाबाजारी कर रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। आपदा की इस स्थिति में मुनाफाखोरी की घटनाएं शर्मनाक हैं। इस पर कार्रवाई की जाए।
वैक्सीनेशन का पंजीकरण प्रारंभ
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक मई से प्रारंभ हो रहे 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के टीकाकरण का कार्य कोरोना महामारी से लड़ाई में बहुत महत्वपूर्ण है। अब तो इसके लिए पंजीकरण की प्रक्रिया भी प्रारंभ हो गई है। ऐसी व्यवस्था करें जिससे वैक्सीन वेस्टेज न हो। वैक्सीन सेंटर पर वही लोग आएं जिनका वैक्सीनेशन होना है। 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों का टीकाकरण जारी रहेगा। कोविड टीकाकरण का कार्य सुचारू रूप से संचालित हो, इसके लिए प्रदेश सरकार ने ग्लोबल टेंडर जारी करने का निर्णय लिया है। सीरम इंस्टिट्यूट और भारत बायोटेक को 50-50 लाख डोज का ऑर्डर दे दिया गया है। इसके अलावा चार व पांच करोड़ डोज के लिए ग्लोबल टेंडर जारी किया जाए। इस कार्यवाही को तुरंत आगे बढ़ाया जाए।
लगातार बेहतर हो रही मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑक्सीजन की आपूर्ति हर दिन बेहतर होती जा रही है। प्रदेश में उपलब्ध सभी संसाधनों को आपूर्ति चेन से जोडऩे के साथ-साथ ऑक्सीजन एक्सप्रेस, वायु मार्ग जैसे विशेष साधनों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इस दौरान रुड़की, देहरादून, जमशेदपुर, बोकारो आदि क्षेत्रों से ऑक्सीजन की सतत आपूर्ति हो रही है। कल की तरह आज भी 650 मीट्रिक टन से अधिक की आपूर्ति होनी है। सभी जिलों के सभी छोटे-बड़े अस्पतालों की जरूरत पर नजर रखी जाए। उन्हेंं आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाए। कोविड संक्रमण की तेज दर में मरीजों की तादाद बढ़ी है। इस बार की लहर में मेडिकल ऑक्सीजन की मांग सामान्य से कई गुना अधिक बढ़ी है। इस संबंध में व्यवस्था कराई जा रही है। ऑक्सीजन टैंकरों की उपलब्धता बढ़ाये जाने के लिए सभी प्रयास हो रहे हैं। विदेश से भी टैंकरों की आपूर्ति है। उद्योग जगत से भी सहयोग मिल रहा है। ऐसे में आपूर्ति के लिए टैंकरों की संख्या भी बढ़ी है। 64 टैंकर इसी कार्य में लगाये गए हैं। इसके अलावा बीस और टैंकर विभिन्न जिलों में सीधे अस्पतालों को आपूर्ति कर रहे हैं।
पूरी प्रतिबद्धता के साथ लड़ाई
उत्तर प्रदेश कोविड के खिलाफ लड़ाई में पूरी प्रतिबद्धता के साथ लड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कोविड की पहली लहर के अनुभवों से सीखते हुए स्वास्थ्य संसाधनों को प्राथमिकता के साथ बेहतर किया गया है। यह काम लगातार जारी है। हमें हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना होगा। आज 116000 से अधिक एल-1 के बेड्स हैं तो एल-टू व एल-3 के 65000 से अधिक बेड हैं। सभी जिलों में दो-दो सीएचसी को कोविड डेडिकेटेड अस्पताल के रूप में तैयार किया जा रहा है। इसके साथ ही साथ सरकारी अस्पतालों में संसाधन बढ़ाये जा रहे हैं। अब तो निजी अस्पतालों/मेडिकल कॉलेज को भी इसमें जोड़ा जाए। सभी विकल्पों की परख करते हुए कोविड बेड को वर्तमान क्षमता से दोगुनी करने की कार्यवाही हो। सभी बेड पर ऑक्सीजन आदि जरूरी चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता होनी चाहिए।
होम आइसोलेशन वालों को भी मिले बेहतर सुविधा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में टेलीकन्सल्टेशन को और प्रभावी बनाने की जरूरत है। इसके साथ होम आइसोलेशन में उपचाराधीन मरीजों को हर दिन स्वास्थ्य संबंधी सलाह दी जाए। होम आइसोलेशन में इलाजरत लोगों की जरूरतों का पूरा ध्यान रखा जाए। सीएम हेल्पलाइन से इन लोगों से हर दिन संवाद बनाया जाए। तय प्रोटोकॉल के अनुरूप इन्हेंं दवाओं का मेडिकल किट उपलब्ध कराया जाए। ऐसे मरीजों के लिए टेलीकन्सल्टेशन व्यवस्था को और बेहतर किया जाए। नॉन कोविड मरीजों को भी टेलीकन्सल्टेशन की सुविधा मिले। चिकित्सकों से संपर्क नम्बर, समय और विशेषज्ञता के बारे में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। इसके लिए जिले स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिलों में विशेष टीम गठित की जानी चाहिए। विशेषज्ञ चिकित्सकों का पैनल गठित करें। लोगों को सही जानकारी दी जाए। किसे अस्पताल में भर्ती होना जरूरी है, किसे रेमडेविविर की जरूरत है और किनको ऑक्सीजन की अनिवार्यता है। अनावश्यक भय और अज्ञानता के कारण लोग इन आवश्यक चीजों के संग्रहण कर रहे हैं। इससे व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
शीर्ष प्राथमिकता पर टेस्टिंग
उन्होंने कहा कि कोविड से बचाव के लिए जरूरी टेस्टिंग को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उत्तर प्रदेश ने अब तक चार करोड़ से अधिक कोविड टेस्ट कर लिए हैं। यह देश में किसी राज्य का किया जाने वाला सर्वाधिक टेस्ट है। टेस्टिंग कैपिसिटी को दोगुनी करने का काम तेजी से किया जाए।
वसूली करने वालों को नहीं छोड़ें
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कुछ जिलों में मरीजों ने कुछ अस्पतालों के खिलाफ अवैध वसूली की शिकायत की है। इतना ही नहीं फर्जी चिकित्सकों की भी खबरें आई हैं। यह लोग मानवता के अपराधी हैं। इन की सार्वजिनक निंदा होनी चाहिए। पुलिस ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
कोरोना वॉरियर्स का भी ध्यान
सीएम ने कहा कि पुलिसकॢमयों की स्वास्थ्य सुरक्षा के दृष्टिगत विशेष प्रयास की जरूरत है। गृह विभाग और स्वास्थ्य विभाग के परस्पर समन्वय से पुलिस लाइन में आवश्यक प्रबंध किए जाएं। प्रत्येक पुलिस लाइन में कोविड सहायता केंद्रो तथा आइसोलेशन वार्ड की सुविधा होनी चाहिए। स्वास्थ्य सेवा में संलग्न कोविड वॉरियर्स के साथ अभद्रता की कुछ घटनाएं निंदनीय हैं। स्वास्थ्यकर्मी पूरी प्रतिबद्धता के साथ हमारी-आपकी सेवा में दिन-रात लगे हुए हैं, उनके साथ अभद्रता कतई स्वीकार नहीं की जा सकती। जिला प्रशासन ऐसी घटनाओं पर कठोरतम कार्रवाई करें। प्रत्येक दशा में स्वास्थ्यकॢमयों की सुरक्षा सुनिश्चित कराई जाए।
सीएचसी को दें 20-20 ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि प्रदेश के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 20-20 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए। इसके लिए वित्तीय प्रबन्ध करा दिए गए हैं। प्रदेश में ऑक्सीजन की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित कराने की दिशा में यह महत्वपूर्ण प्रयास होगा। इसके लिए देश के भीतर उपलब्ध आपूर्तिकर्ता कंपनियों के साथ-साथ बाहरी कंपनियों से भी आवश्यकतानुसार संपर्क किया जाए। बीते दिनों में भारत सरकार ने 1500 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मुहैया कराए थे। इन्हेंं जिलों में उपलब्ध करा दिया गया है। इसके अलावा अब तो पीएम केयर्स के माध्यम से और भी ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस बारे में मांग भेज दी जाए।












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