कोरोना काल में योगी सरकार की ये पांच योजनाएं हैं गरीबों के लिए संजीवनी

लखनऊ, मई 26: कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में सबसे ज्यादा मार गरीबों पर पड़ी है। एक तरफ संक्रमण का खतरा और दूसरी आेर काम बंद होने से जीविका चलाने का संकट। योगी सरकार ने इसको ध्यान में रखते हुए कई योजनाएं लाईं ताकि गरीबों और पलायन कर लौटे प्रवासी मजदूरों के जीवन यापन से लेकर इलाज तक की सहूलियत दी है। उन्हें मुफ्त राशन से लेकर, मुफ्त इलाज, जीवन बीमा, भरण पोषण के लिये आर्थिक सहायता और मौत हो जाने पर अंत्येष्टि के लिये भी मदद कर रही है। इन योजनाओं से कोरोना काल में गरीबों की काफी मदद हो रही है। हम बात करेंगे ऐसी पांच योजनाओं की जो कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में गरीबों और पलायन कर लौटे श्रमिकों के लिये मददगार साबित हुई हैं।

these five schemes of Yogi government during Corona are Sanjeevani for poor

योगी सरकार ने गरीबों को मुफ्त राशन बांटे

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने कोरोना महामारी संकट के दौरान गरीबों की सबसे ज्यादा मदद की। गरीबों को मुफ्त राशन बांटे। इसमें केन्द्र सरकार से भी खूब सहयोग मिला। करोड़ों गरीब परिारों को मुफ्त राशन दिये गए। जिनके कार्ड नहीं बने थे उनके राशन कार्ड बनाए गए और दिक्कत न हो इसके लिये वैकल्पिक व्यवस्था की गई। दूसरी लहर में भी योगी सरकार गरीबों को मुफ्त राशन दे रही है। इसकी तैयारी इस बार संक्रमण के बेकाबू होते ही शुरू कर दी गई। योगी सरकार ने डाटा अपडेट करने का आदेश दिया। सरकार तीन महीने तक सभी अन्त्योदय औश्र पात्र गृहस्थी श्रेणी के राशनकार्ड धारकों को तीन महीने तक प्रति युनिट पांच किलो निशुल्क खाद्यान्न दिया जाएगा। इसमें प्रति युनिट तीन किलो गेहूं और दो किलो चावल दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे सूबे की 15 करोड़ जनसंख्या को लाभ होगा।

कोरोना संक्रमण काल में साल 2020 के बाद इस बार भी कोरोना की दूसरी लहर के दौरान बड़ी तादाद में रोज कमाने खाने वाले मजदूरों और छोटे-मेाटे दुकानदारों व पटरी व्यवसाइयों के सामने रोजी-रोटी का संकट गहराने लगा। ऐसे में योगी सरकार इनकी मदद को एक बार फिर आगे आई है। सरकार ने शहरी क्षेत्र में रोजाना काम कर अपनी जीविका चलाने वाले ठेला, खोमचा, रेहड़ी, खोखा आदि लगाने वाले पटरी दुकानदारों, दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा, ई-रिक्शा चालक, पल्लेदार सहित नाविकों, नाई, धोबी, मोची, हलवाई आदि जैसे परंपरागत कामगारों को हर महीने एक मुश्त रकम देने का ऐलान किया है। इन्हें एक महीने के लिये एक हजार रुपये दिये जाएंगे। ये भत्ता उन्हें डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर स्कीम के जरिये सीधे उनके खाते में दिये जाएंगे।

गरीबों को राशन और आर्थिक सहायता देने के साथ ही योगी सरकार ने उनका बीमा कराने का फैसला किया है। सरकार आकस्मिक मृत्यु होने या विकलांगता की स्थिति में सभी मजदूरों को दो लाख रुपये का बीमा कवर देगी। यही नहीं इसके अलावा साथ में उन्हें पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर भी दिया जाएगा। इससे मृत्यु या अपंगता की स्थिति में श्रमिक परिवारों को भरण पोषण के लिये आर्थिक मदद होगी। इसके अलावा काम छूट जाने की स्थिति में बीमार हो जाने पर श्रमिकों के लिये स्वास्थ्य बीमा योजना काफी मददगार होगा। सरकार श्रम विभाग की मददद से पहले से चल रही योजनाओं का लाभ भी सुनिश्चित करा रही है, इसमें बेटियों की शादी, पढ़ाई जैसी योजनाएं प्रमुख हैं।

कोरोना संक्रमण के गांवों तक पांव पसारने के बाद हजारों लोग काल के गाल में समा गए। इतनी ज्यादा मौतें हुईं कि अंतिम संस्कार तक का संकट देखा गया। गरीबों के सामने अपनों का अंतिम संस्कार करने तक का संकट समने आया। सरकार ने इसको ध्यान में रखते हुए ग्रामीण इलाकों में पंचायतों के माध्यम से ऐसे गरीब परिवारों की को उनके अपनों के अंतिम संस्कार में आर्थिक मदद करने का आदेश दिया है जो इसमें सक्षम नहीं। दुर्भाग्यवश जो लोग महामारी से दुनिया छोड़ गए उन्हें सम्मान से अंतिम संस्कार के लिये पंचायत स्तर से योगी सरकार 5000 रुपये व मदद मुहैया करा रही है।

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