प्राइवेट हॉस्पिटलों में कोरोना मरीजों से ज्यादा फीस वसूली पर जांच कमेटी ने रिपोर्ट सरकार को सौंपी
चंडीगढ़। प्राइवेट हॉस्पिटलों में कोरोना मरीजों से ज्यादा फीस वसूली की शिकायतों को लेकर जांच कमेटी ने सरकार को रिपोर्ट सौंप दी है। अब सभी प्राइवेट हॉस्पिटलों का स्पेशल ऑडिट होगा। साथ ही सरकार कोरोना मरीजों से अधिक रकम वसूलने वाले अस्पतालों से रकम भी वापस करवाएगी।
गौरतलब है कि, विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता को हरियाणा के कई जिलों के साथ पंजाब, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश के लोगों ने प्राइवेट हॉस्पिटलों द्वारा की जा रही अधिक वसूली के खिलाफ शिकायतें की थीं। जिसके उपरांत सरकार ने जांच के लिए कमेटी गठित की थी। इसी कमेटी ने शुक्रवार सुबह ही विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता को रिपोर्ट सौंपी। जिसमें पंचकूला सहित अन्य जिलों के अस्पतालों का खुलासा किया। गुप्ता ने शुक्रवार देर शाम मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मुलाकात की और सिलसिलेवार ढंग से मुख्यमंत्री मनोहर लाल को प्राइवेट हॉस्पिटलों की कारगुजारियों से अवगत करवाया।

विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने प्रमाण के तौर पर पंचकूला के एडीसी की अध्यक्षता में गठित सरकारी कमेटी की रिपोर्ट भी मुख्यमंत्री को सौंपी। पंचकूला में पारस और अलकेमिस्ट समेत अनेक अस्पतालों के बिलों को चेक करने के लिए पंचकूला के अतिरिक्त जिला उपायुक्त मोहम्मद इमरान रजा के नेतृत्व में एक कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी ने पाया कि पारस अस्पताल ने एक मरीज को 11 घंटे ऑक्सीजन लगाकर 36 घंटे का बिल बना दिया। इसी प्रकार रिपोर्ट में पाया कि रेमडेसिविर के 9 टीकों की रकम बिल में जोड़ी गई, जबकि ये इंजेक्शन 6 से ज्यादा नहीं लगाए जा सकते। अस्पतालों ने सरकारी आदेशों का उल्लंघन कर आवश्यकता से अधिक बिल बनाए हैं। इतना ही नहीं दवा और सेवाओं के मार्केट से अलग मनमर्जी के रेट निर्धारित किए। इसके बाद इनको भी धता दिखाते हुए कई गुना ज्यादा वसूली की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने तुरंत अपने विशेष सचिव अमित अग्रवाल को कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अमित अग्रवाल को कहा गया है कि स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा से बात कर दोषी अस्पतालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करें।
रकम वापस दिलाएं और अस्पतालों के लाइसेंस रद्द हों
विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने मांग की कि जिन रोगियों से अधिक वसूली की गई, उन्हें उनकी रकम वापस दिलाई जाए। मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि दोषी अस्पतालों के लाइसेंस रद्द कर उन्हें सरकारी पैनल से हटाना चाहिए।
हरियाणा के साथ ही कई राज्यों से मिली थीं शिकायतें
विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता को हरियाणा के कई जिलों के साथ पंजाब, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश के लोगों ने अस्पतालों द्वारा की जा रही अधिक वसूली के खिलाफ शिकायतें मिली थीं।
गुप्ता ने बताया कि सबसे ज्यादा शिकायतें पंचकूला स्थित पारस और अलकेमिस्ट अस्पताल से जुड़ी हुई हैं। उधर, अलकेमिस्ट अस्पताल प्रबंधन से अपना रिकार्ड साफ होने की बात कही है। उनका कहना है कि अस्पताल में सभी का इलाज मानवीय पहलू और सरकार के नियमों को देखते हुए किया जा रहा है। हमारे पास आज तक किसी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी की तरफ से भी कोई शिकायत नहीं आई है।












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