'100 मेडल का सपना', हर बच्चे को खेल का हक! टारगेटेड फाउंडेशन ने चित्रकूट में बांटी खेल सामग्री
भारत को खेल महाशक्ति बनाने और ओलंपिक जैसे वैश्विक मंचों पर 100 पदकों का लक्ष्य हासिल करने की सोच के साथ काम कर रहे '100 मेडल्स टारगेटेड फाउंडेशन' ने जमीनी स्तर पर एक महत्वपूर्ण पहल की है। फाउंडेशन ने 11 जून 2026 को चित्रकूट में झुग्गी-बस्ती के बच्चों के लिए खेल सामग्री वितरण अभियान चलाया।
इस अभियान के तहत बच्चों को स्पोर्ट्स शूज़, फुटबॉल और अन्य खेल उपकरण उपलब्ध कराए गए ताकि आर्थिक अभाव उनके खेल के सपनों के बीच बाधा न बन सके। फाउंडेशन का मानना है कि 'खेल प्रतिभा किसी वर्ग या क्षेत्र की मोहताज नहीं होती, बल्कि उसे सही अवसर और संसाधनों की जरूरत होती है।'

खेल सामग्री के अलावा 50 छोटे बच्चों को उनकी शिक्षा में सहयोग देने के लिए किताबें और स्टेशनरी भी वितरित की गईं। फाउंडेशन का कहना है कि खेल और शिक्षा दोनों बच्चों के समग्र विकास के लिए समान रूप से जरूरी हैं।
इस अवसर पर फाउंडेशन के डायरेक्टर कर्नल हिम्मत वर्मा (सेवानिवृत्त) ने कहा कि भारत में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन उन्हें आगे बढ़ाने के लिए मजबूत सपोर्ट सिस्टम की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि देश में खेलों में भागीदारी बढ़ती है, तो मजबूत स्पोर्ट्स कल्चर विकसित होगा और भविष्य के चैंपियन तैयार होंगे।
यह अभियान प्रांजल फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित किया गया। संस्था के सहयोग से न केवल बच्चों को जरूरी संसाधन मिले, बल्कि उनके चेहरों पर नई उम्मीद और आत्मविश्वास भी देखने को मिला।
100 मेडल्स टारगेटेड फाउंडेशन' का मानना है कि भारत में खेल क्रांति तभी संभव है जब गांवों, कस्बों और वंचित वर्गों के बच्चों तक खेल सुविधाएं पहुंचें। यही वजह है कि फाउंडेशन लगातार ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है कि संसाधनों की कमी के कारण कोई भी काबिल बच्चा पीछे न छूटे।












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