3700 करोड़ की राशि के रजवाहों को पक्का करेगी हरियाणा सरकार, गांव के रास्ते भी दुरुस्त होंगे
चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री ने राजस्व रास्तों की भूमि के आदान-प्रदान के आदेश जारी किए हैं। इसके अलावा पालिकाओं में काफी जमीनें अलग-अलग टुकड़ों में हैं, जिनका कोई उपयोग नहीं हो रहा है और इन पर अवैध कब्जा होने की संभावना बनी रहती है। इन जमीनों को बेचने के लिए पालिकाओं को ही अधिकार देने का निर्णय लिया है। इससे इन जमीनों पर अवैध कब्जे की आशंका नहीं रहेगी और पालिकाओं की वित्तीय स्थिति भी मजबूत होगी।

सीएम ने बताया कि इन जमीनों के मूल्य निर्धारण की व्यवस्था बनाई जाएगी और तय की गई कीमत पर आवेदन मांगे जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार 3,700 करोड़ रुपये की राशि से सूक्ष्म सिंचाई योजना में रजवाहों को पक्का करेगी। राज्य सरकार ने सूक्ष्म सिंचाई को बढ़ावा देने और नहरों पर वाटरकोर्स के कार्यों का प्रभावी कार्यान्वयन करने के लिए काडा विभाग का मिकाडा के रूप में पुनर्गठन किया है। इस प्राधिकरण के गठन का लक्ष्य उपलब्ध पानी का अधिकतम उपयोग कर हर खेत को अधिकतम सिंचाई जल देना है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में कुल 15,006 रजवाहे हैं, जिनमें से 3512 कच्चे व 11,494 पक्के रजवाहे हैं। मिकाडा का लक्ष्य रजवाहों से सिंचित भूमि में से 70 प्रतिशत की सूक्ष्म सिंचाई करना है। यदि इस लक्ष्य को पाने में सफल होते हैं तो अधिक से अधिक खेतों को पर्याप्त सिंचाई जल उपलब्ध करवाने के लक्ष्य को हासिल कर सकेंगे। इसी उद्देश्य से मिकाडा ने नए रजवाहों के निर्माण और पुराने व जर्जर हो चुके रजवाहों के पुनर्वास के लिए 3 नई परियोजनाएं शुरू की हैं, जो 31 मार्च, 2025 तक पूरी होंगी।
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इनमें भाखड़ा कैनाल कमाण्ड फेज-2, डब्ल्यूजेसी कैनाल फेज-4 और जेएलएन कैनाल कमांड-2 में 1,546 रजवाहे पक्के किए जाएंगे। इनसे 2 लाख 68 हजार 625 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होगी। इस कार्य पर 3,700 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार उन रजवाहों की मैपिंग भी करवा रही है, जो 20 साल से अधिक पुराने हैं। इनको दोबारा पक्का किया जाएगा।
गांव को जोड़ने वाले रास्तों को किया जाएगा पक्का:
मुख्यमंत्री ने बजट सत्र 2019-20 के दौरान घोषणा की थी कि प्रदेश में एक गांव को दूसरे गांव से जोड़ने वाले पांच करम के कच्चे रास्तों को पक्का किया जाएगा। इस घोषणा के अनुरूप हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड ने 1225 किलोमीटर लंबे 475 कच्चे रास्तों की पहचान की है। इन्हें पक्का करने पर 490 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी। इन रास्तों को अगले चार साल में वर्ष 2023-24 तक पक्का करने का लक्ष्य है। यह वे रास्ते हैं जो खेतो से होकर जाते हैं और किसान लंबे समय से इन्हें पक्का करने की मांग करता आ रहा है।












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