हरियाणा में अब बनेगी ऐसी नीति- अनाधिकृत कारखानों को किया जाएगा नियमित
चंडीगढ़। हरियाणा में अनाधिकृत कारखानों को नियमित किया जाएगा। इसके लिए सरकार द्वारा एक नीति बनेगी। बताया गया है कि, औद्योगिक क्षेत्रों का सर्वे कराने के बाद अब सरकार टोपोग्राफी करवा रही है। यह कार्य पूरा होने के बाद नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग, स्थानीय नगर निकाय विभाग व उद्योग एवं वाणिज्य विभाग संयुक्त रूप से नीति तैयार करेंगे। साथ ही यहां साहा में दूसरा प्रौद्योगिकी केंद्र स्थापित होगा। उपमुख्यमंत्री व उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री दुष्यंत चौटाला ने विधानसभा में यह जानकारी दी।

दुष्यंत चौटाला ने पानीपत के भाजपा विधायक प्रमोद विज के सवाल पर जवाब देते हुए बताया कि पानीपत समेत प्रदेश के कुछ औद्योगिक क्षेत्रों में अनाधिकृत कारखाने संचालित हैं। इन्हें नियमित करने के लिए प्रदेश के कुछ हिस्सों में इंडस्ट्रियल एसोसिएशन ने उनसे मुलाकात की थी। उनकी मांगों को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने कहा कि, पानीपत में केंद्र सरकार मेडिकल उपकरण हब बना रही है, जिससे इस क्षेत्र में और अधिक विकास होगा। वहीं, विधायक प्रमोद विज ने कहा कि सरकार सीएलयू के मापदंडों को बदले। पानीपत सहित अनेक जिलों में अनाधिकृत कारखाने व उनकी कॉलोनियां बसी हुई हैं। पहले लगे कारखानों को नियमित किया जाए। नए अनाधिकृत कारखाने न लगने दें।
पुराने कारखानों को नोटिस भी न भेजें, इससे समाज में गलत संदेश जाता है और व्यापार पर असर पड़ता है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इन सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। एचएसआईआईडीसी को भी प्रस्ताव भेजेंगे। पुराने अनाधिकृत कारखानों को नोटिस न भेजे जाएं, इस पर भी बैठक बुलाकर चर्चा के बाद निर्देश जारी करेंगे। अंबाला के साहा कस्बा में राज्य का दूसरा प्रौद्योगिकी केंद्र स्थापित किया जाएगा। इसके लिए 20 एकड़ भूमि अधिगृहित कर केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेज दिया गया है। उपमुख्यमंत्री ने विधानसभा में बताया कि केंद्रीय एमएसएमई मंत्रालय की एक राज्य में एक प्रौद्योगिकी केंद्र खोलने की योजना है। लेकिन, हरियाणा सरकार ने केंद्र सरकार से अनुरोध कर दूसरा प्रौद्योगिकी केंद्र साहा में खोलने का प्रस्ताव रखा है। इससे पहले 11 सितंबर 2018 को आईएमटी, रोहतक में एमएसएमई प्रौद्योगिकी केंद्र की स्थापना की जा चुकी है।









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