गुजरात को छात्रवृत्ति योजना के लिए केंद्र सरकार से मिले 180 करोड़ रुपए, मंत्री ने बताया हिसाब-किताब
अहमदबाद। छात्रवृत्ति योजना के लिए गुजरात को केंद्र सरकार से 180 करोड़ रुपए मिले हैं। यह राशि राज्य सरकार ने अनुसूचित जाति (एससी) के छात्रों के लिए हाल ही में घोषित पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत इस वित्तीय वर्ष के दौरान प्राप्त की। इससे पहले पिछले साल दिसंबर में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 4 करोड़ से अधिक अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए मैट्रिक के बाद की छात्रवृत्ति के लिए 59,000 करोड़ रुपये की मंजूरी दी थी।

गुजरात के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री ईश्वर परमार ने राजधानी गांधीनगर में राज्य भाजपा मुख्यालय से बयान जारी कर कहा कि, नए पैटर्न के तहत छात्रवृत्ति पर केंद्र 60 फीसदी खर्च करेगा, जबकि हर राज्य का हिस्सा 40 फीसदी है।'' उन्होंने कहा, ''इस योजना के लिए गुजरात सरकार की वार्षिक प्रतिबद्ध देनदारी 309.43 करोड़ रुपये थी। इसमें से केंद्र सरकार ने हमें पिछले वित्त वर्ष में 15 करोड़ रुपये दिए थे।''

ईश्वर परमार के मुताबिक, अब केंद्र द्वारा इस घोषणा के बाद, गुजरात को 2020-21 के वर्तमान वित्तीय वर्ष में 180 करोड़ रुपये मिले, जो कि लगभग 12.5 गुना वृद्धि है। उन्होंने कहा कि, केंद्र से 15 करोड़ रुपये की हमारी प्रतिबद्ध देयता का 309.43 करोड़ रुपये का सिर्फ 4.85 फीसदी था। अब, केंद्र सरकार का हिस्सा 60 फीसदी तक बढ़ गया है, जबकि राज्य को 40 फीसदी का लक्ष्य दिया गया।
गुजरात भाजपा के अध्यक्ष सीआर पाटिल ने इस दरम्यान एससी समुदाय के छात्रों के कल्याण के लिए, निर्णय लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया। कहा गया कि, हमारे इस राज्य को पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए औसतन केंद्र से 20 करोड़ रुपये से अधिक नहीं मिले। किंतु अब केंद्र द्वारा 59,000 करोड़ रुपये की स्वीकृति के साथ, हम 180 करोड़ रुपये पा रहे हैं। यह अच्छी बात है।''












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