दिल्ली सरकार ने SC में लगाई याचिका, पड़ोसी राज्यों में चलने वाले इन 10 थर्मल पावर प्लांट को किया जाए बंद
नई दिल्ली, जून 4। राजधानी दिल्ली के पड़ोसी राज्यों में चलने वाले 10 थर्मल पावर प्लांट्स को बंद करने की मांग वाली एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई है। इस याचिका को दिल्ली सरकार ने दाखिल किया है। इस याचिका में मांग की गई है कि ये थर्मल पॉवर प्लांट्स पुरानी तकनीक से काम कर रहे हैं। अपनी उपयोगिता की तुलना में बहुत ज्यादा प्रदूषण फैला रहे हैं। इससे राजधानी के लोगों का स्वास्थ्य खराब हो रहा है, इसलिए इन्हें बंद किया जाए। सरकार ने ये मांग हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में चलने प्लांट को लेकर की है।

दिल्ली सरकार ने उम्मीद जाहिर की है कि लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सर्वोच्च न्यायालय इस पर शीघ्र निर्णय लेगा। दिल्ली सरकार ने इस कदम को उठाने के लिए केंद्र सरकार से भी सहयोग का अनुरोध किया है, लेकिन अभी तक केंद्र ने इसके बाबत कोई विचार नहीं किया है।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा है कि अक्टूबर-नवंबर में प्रदूषण की स्थिति बहुत अधिक खराब हो जाती है। दिल्ली में पॉल्यूशन के जो भी कारण हैं, हम उन पर काम कर रहे हैं, लेकिन इन थर्मल पावर प्लांट को बंद करने के लिए अदालत को ही फैसला लेना होगा। इसे रोकने के लिए इन थर्मल प्लांट्स को बंद किया जाना चाहिए क्योंकि ये बहुत ज्यादा प्रदूषण कर रहे हैं।
इन 10 थर्मल पावर प्लांट को बंद करने की है मांग
याचिका में कोयले से चलने वाले 10 थर्मल पावर प्लांट के संबंध में दायर की गई है। ये 10 थर्मल पावर प्लांट दादरी एनसीटीपीपी (यूपी), हरदुआगंज टीपीएस (यूपी), जीएच टीपीएस (लेहरा मोहब्बत) (पंजाब), नाभा टीपीपी (पंजाब), रोपड़ टीपीएस (पंजाब), तलवंडी साबो टीपीपी (पंजाब), यमुनानगर टीपीएस (हरियाणा), इंदिरा गांधी एसटीपीपी (हरियाणा), पानीपत टीपीएस (हरियाणा) और राजीव गांधी टीपीएस (हरियाणा) हैं। दिल्ली सरकार का आरोप है कि इन संयंत्रों के कारण राजधानी तक प्रदूषण पहुंच रहा है। इसलिए इन संयंत्रों को बंद किया जाना चाहिए।












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