दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला, निजी स्कूलों को फीस में कटौती करने का आदेश
नई दिल्ली, 2 जुलाई। दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स के लिए राहत की खबर सामने आई है। दिल्ली सरकार ने सभी निजी स्कूलों को शैक्षणिक वर्ष 2020-21 में लिए गए फीस में 15 प्रतिशत की कटौती करने का आदेश दिया है। सरकार के इस फैसले को आसान शब्दों में समझें तो अगर आपकी महीने की फीस 3000 रुपये रही है तो स्कूल उसमें 15 प्रतिशत की कटौती करने के बाद आपसे केवल 2550 रुपये ही ले सकेंगे। सबसे बड़ी बात है कि सरकार की ओर से स्कूलों को ये निर्देश दिया गया है कि यदि स्कूलों ने पैरेंट्स से इससे ज्यादा फीस ली है तो वो फीस उन्हे लौटानी होगी। नहीं तो आगे की फीस में एडजस्ट करना होगा।

सिसोदिया ने कहा- मिलेगी राहत
इस फैसले की जानकारी देते हुए उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा है कि कोरोना काल में जब सभी पैरेंट्स आर्थिक तंगी से जूझ रहे है उस दौरान फीस में 15 प्रतिशत की कटौती उनके लिए बहुत बड़ी राहत होगी। स्कूल मैनेजमेंट पैरेंट्स की आर्थिक तंगी के कारण बकाया फीस का भुगतान न करने के आधार पर स्कूल की किसी भी गतिविधि में विद्यार्थियों को भाग लेने से नहीं रोक सकेगा।
सभी प्राइवेट स्कूलों को मानना होगा आदेश
हाई कोर्ट द्वारा प्राइवेट स्कूलों की फीस में 15 फीसदी की कटौती करने का आदेश कोरोना के समय में मुनाफाखोरी और व्यावसायीकरण को रोकने के लिए दिया गया है। दिल्ली सरकार का यह आदेश उन सभी 460 प्राइवेट स्कूलों के लिए है, जिन्होंने हाई कोर्ट में अपील की थी। इन 460 स्कूलों के अतिरिक्त दिल्ली के बाकी सभी स्कूल दिल्ली सरकार द्वारा फीस संबंधी जारी किए गए पुराने निर्देश का पालन करेंगे।
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आदेश में कहा गया है कि छात्रों को फीस का भुगतान 6 महीने में मासिक किश्तों में करना होगा। इसके अलावा स्कूल अपनी तरफ से अगर कुछ और रियायतें दे सकता है। अगर कोई छात्र फीस देने में सक्षम नहीं है तो स्कूल ऐसे मामलों पर सहानुभूति दिखाए और अच्छे से विचार करे।












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