छत्तीसगढ़ सरकार ने कई सेवाओं पर लगाया ESMA, कर्मचारी नहीं कर सकेंगे हड़ताल
रायपुर। जूनियर डॉक्टरों के विरोध की वजह और छत्तीसगढ़ में बढ़ते कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए बघेल सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। आगे से ऐसा विरोध न हो इसलिए सरकार ने आज से आवश्यक सेवा संधारण और विच्छिन्नता निवारण कानून (ESMA) लागू कर दिया गया है। यह कानून स्वास्थ्य, स्वच्छता, बिजली, जल आपूर्ति और सुरक्षा सेवा में लगे कर्मचारियों पर लागू होगा। इस दौरान ये कर्मचारी धरना-प्रदर्शन और हड़ताल नहीं कर सकेंगे। अगर कोई भी कर्मचारी ऐसा करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कानून का पालन कराया जा सके, इसलिए संबंधित अधिकारियों को भी आदेश जारी कर दिया है।

इन सेवाओं पर भी लागू रहेगा ESMA
सरकार ने पानी और बिजली की आपूर्ति, सुरक्षा संबंधी सेवाएं, खाद्य एवं पेयजल प्रावधान एवं प्रबंधन से जुड़े लोग और बायो मेडिकल वेस्ट के प्रबंधन से जुड़े लोगों को भी ESMA के दायरे में रखा है। सरकार द्वारा ऐसा इसलिए किया गया है, क्योंकि ये सभी सेवाएं स्वास्थ्य और लोक स्वास्थ्य से जुड़ीं हुईं हैं।
दो दिन पहले जूनियर डॉक्टरों ने की थी हड़ताल
रायपुर के जवाहर लाल नेहरु मेडिकल कॉलेज अस्पताल के जूनियर डॉक्टर मंगलवार को हड़ताल पर चले गए थे। जूनियर डॉक्टरों ने प्रशासन पर खराब क्वालिटी की पीपीई किट, मास्क और ग्लव्स देने का आरोप लगाया था। साथ ही जूनियर डॉक्टरों ने सरकार पर कोरोना ड्यूटी के बाद आइसोलेशन पीरियड नहीं देने का भी आरोप लगाया था। लेकिन बुधवार देर रात मंत्री से बात होने पर सरकारी कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन स्थगित कर दिया था।












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