छत्तीसगढ़ः गरीबों के लिए संजीवनी बनी मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना
बिलासपुर। दूरस्थ ग्रामीणों इलाकों में निवासरत गरीबों के लिए मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना संजीवनी साबित हो रही है। ग्रामीणों को उनके गांव में ही चलित अस्पताल के लिए इलाज की सुविधा मिल रही है। साप्ताहिक बाजार के दिन योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। दैनिक जरूरतों की चीजें खरीदने वाले ग्रामीण साप्ताहिक बाजार आते हैं। इसी दौरान बाजार में चलित अस्पताल के जरिए इलाज भी करा रहे हैं। गरीबों का समय बचत हो रहा है और इलाज की सुविधा भी मिल जा रही है।

मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना जहां बुजुर्गाें के लिए वारदान है वहीं व्यस्त रहने वाले ग्रामीणों के लिए किसी उपहार से कम नहीं है। हर हफ्ते हाट बाजार क्लीनिक में जांच और इलाज की सुविधा से ग्रामीणों को त्वरित रूप से स्वास्थ्य सुविधा मिली है। विकासखंड मस्तूरी से 55 किलोमीटर दूर ग्राम भटचौरा में बुधवार को हाट बाजार आयोजित किया जाता है। इस साप्ताहिक बजाार में राजकुमारी यादव दैनिक जरूरतों की चीजों की खरीदारी के लिए आई थी। अचानक बाजार में ही उनकी तबीयत खराब हो गई।
वहां मौजूद अन्य लोगों ने हाट बाजार क्लीनिक योजना के तहत आयोजित शिविर में उनका इलाज करवाया। ग्रामीण चिकित्सा सहायक गोविंद बंजारे द्वारा प्रारंभिक जांच में डायरिया के लक्षण पाए जाने पर उनका इलाज किया गया। इससे उनको त्वरित राहत मिली। उल्लेखनीय है कि शिविर में ग्रामीण चिकित्सा सहायक के साथ ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक एवं फार्मासिस्ट भी उपलब्ध रहते हंै। हाट बाजारों में विभिन्न् बीमारियों की जांच एवं इलाज की सुविधा मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को बड़ी राहत मिल रही है।
कोटवार के जरिए कराई जा रही मुनादी
साप्ताहिक बाजार के एक दिन पहले शाम के वक्त गांव में कोटवार के जरिए मुनादी भी कराई जा रही है। इसके अलावा बाजार के दिन सुबह के वक्त कोटवार मुनादी कर ग्रामीणों को चलित अस्पताल की जानकारी देते हैं व बीमार व्यक्तियों का इलाज कराने की सलाह भी देते हैं।












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