चंडीगढ़ में चल रहे छात्रों के प्रदर्शन को आम आदमी पार्टी का समर्थन, उपराष्ट्रपति से मिलेंगे AAP नेता
चंडीगढ़, अगस्त 25। आम आदमी पार्टी ने चंडीगढ़ में चल रहे छात्रों के प्रदर्शन का समर्थन किया है। दरअसल, केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में सीनेट चुनाव को तत्काल कराने की मांग को लेकर छात्र ये प्रदर्शन कर रहे हैं। आप के वरिष्ठ नेता और विपक्ष के नेता हरपाल सिंह चीमा के नेतृत्व में आप विधायकों और नेताओं ने मंगलवार को कुलपति कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे छात्रों के धरने का समर्थन किया।

आप के इन नेताओं ने छात्रों के प्रदर्शन को दिया समर्थन
इस मौके पर यूथ विंग पंजाब के अध्यक्ष और विधायक गुरमीत सिंह मीत हेयर के साथ कुलतार सिंह संधवां, मनजीत सिंह बिलासपुर, कुलवंत सिंह पंडोरी, जय सिंह रोढ़ी, अमरजीत सिंह संदोआ, पार्टी नेता मलविंदर सिंह कंग, गगनदीप सिंह चड्ढा, नरिंदर सिंह शेरगिल, परमिंदर सिंह गोल्डी, नवजोत सिंह सैनी, गैरी वडिंग, दिनेश चड्ढा, गोबिंदर मित्तल, हर्ष जालंधरी और भूपिंदर सिंह बाठ भी मौजूद थे।
छात्रों के प्रदर्शन को लेकर आप नेता हरपाल सिंह चीमा और कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि पंजाब विश्वविद्यालय के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी के विधायक और सांसद विश्वविद्यालय के छात्र नेता, टीचिंग स्टाफ के नेताओं और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल को साथ लेकर उपराष्ट्रपति और पीयू के चांसलर वेंकैया नायडू से मिलेंगे। उन्होंने पार्टी के अन्य नेताओं से इस मुद्दे पर एकजुट होने और केंद्र की मोदी सरकार पर दबाव बनाने की भी अपील की।
चीमा ने कहा कि आम आदमी पार्टी के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य सबसे महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। दिल्ली की केजरीवाल सरकार अपने बजट का 26 प्रतिशत शिक्षा पर खर्च करती है, जिसने दिल्ली में स्कूलों और उच्च शिक्षा को पूरी तरह बदल दिया है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि अगर आम आदमी पार्टी सत्ता में आई तो दिल्ली की तरह पंजाब में भी स्वास्थ्य और शिक्षा प्राथमिक मुद्दे होंगे। पंजाब के दम तोड़ रहे सरकारी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को वित्तीय और प्रशासनिक संकट से बाहर निकाला जाएगा।
चीमा ने आरोप लगाते हुए कहा कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के बाद भी विश्वविद्यालय के कुलपति भाजपा की मोदी सरकार के इशारे पर सीनेट का चुनाव नहीं होने दे रहे हैं। उनकी मंशा सीनेट की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को समाप्त करना है और अपने प्रतिनिधियों को नामजद कर राष्ट्रीय स्वयंसेवक (आरएसएस) के एजेंडे को लागू करना है।












Click it and Unblock the Notifications