Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Pakistan Cricket: भारत के बाद अफगानिस्तान से हार, पाकिस्तान में हाहाकार

Pakistan Cricket: वनडे विश्व कप 2023 में मुश्किलों के समंदर में डूबते पाकिस्तान को अब एक और ऐसा गहरा जख्म मिला है, जिसके बारे में बाबर आजम खुद कह रहे हैं कि वो घायल महसूस कर रहे हैं। उन्हें और उनकी टीम को अफगानिस्तान से हार का जो घाव मिला है उसे भरने में कितना वक्त लगेगा, कहना मुश्किल है। वैसे मुश्किल तो अब पाकिस्तान का सेमीफाइनल में पहुंचना भी हो चला है क्योंकि पहले भारत, फिर ऑस्ट्रेलिया और अब अफगानिस्तान से पिटकर पाकिस्तान ने हार की हैट्रिक बनाई है और टूर्नामेंट में उसके बाकी बचे चार मुकाबले भी आसान नहीं हैं। ऐसे में टीम की हार पर पाकिस्तान में हाहाकार मचना लाजमी है।

अफगानिस्तान से मुकाबले से पहले पाकिस्तानी टीम के सलामी बल्लेबाज इमाम-उल-हक धमकाते हुए लहजे में कहते दिखे थे कि "अब आप मैदान पर नया पाकिस्तान देखेंगे", लेकिन ऐसा नया पाकिस्तान होगा जो अफगानिस्तान के सामने घुटने टेक देगा, ये किसी ने सोचा भी न था। बाबर एंड कपंनी की सारी हेकड़ी निकल गई। वैसे इससे पहले 1999 विश्व कप में बांग्लादेश ने और 2007 विश्व कप में आयरलैंड ने पाकिस्तान को हराकर उलटफेर किया था। हालांकि क्रिकेट पंडित इस बार अफगानिस्तान की जीत को उलटफेर नहीं बल्कि उसका क्लीनिकल परफॉर्मेंस आंक रहे हैं।

world cup 2023 pakistan defeat in match with Afghanistan after india

अभी ज्यादा वक्त नहीं बीता जब पाकिस्तान की टीम पर वनडे विश्व चैंपियन बनने पर दांव लगाया जा रहा था। कहा जा रहा था कि पाकिस्तान की रफ्तार की आंधी में टीम इंडिया ही नहीं बल्कि जो भी टीम सामने आएगी, वो उड़ जाएगी। अफसोस, ऐसा हो न सका। पाकिस्तान के पांच मैच देखने के बाद इन सभी दावों की हवा निकलती हुई दिख रही है।

अफगानिस्तान के खिलाफ पाकिस्तान के गेंदबाजों की रफ्तार पटरी से ऐसी उतरी और फिरकी ऐसी फेल हुई कि पाकिस्तान को 8 विकेट से करारी शिकस्त मिली। यानी पाकिस्तान के गेंदबाज़ सिर्फ 2 बल्लेबाजों को ही आउट कर पाएं। हैरान, परेशान और हक्का-बक्का कप्तान बाबर आजम की तो बोलती ही बंद हो गई है। समझ नहीं पा रहे कि आखिर हार पर क्या जवाब दें, वजह क्या बताएं। हार के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी सिर्फ यही बोल पाए कि चीजें क्लिक नहीं कर पा रही हैं, बल्लेबाज़ी ठीक होती है तो गेंदबाज़ी बिगड़ जाती है और गेंदबाज़ी लाइन पर आती है तो फील्डिंग फिसड्डी साबित होती है।

पाकिस्तान में तो सड़क से लेकर क्रिकेट के मैदान तक मातम पसरा हुआ है। क्रिकेट फैन्स ने इस बार भले ही अपने टेलीविजन सेट न तोड़े हों लेकिन उनके गुस्से का गुबार देखा जा सकता है। जिन टेलीविजन चैनलों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बाबर एंड कंपनी की शान में कसीदे पढ़े जा रहे थे, उन्हीं पर अब क्रिकेट फैन और पूर्व क्रिकेटर उन्हें लानत भेज रहे हैं। कप्तान बाबर आजम हों, तेज़ गेंदबाज़ शाहीन शाह अफरीदी हों, टीम डायरेक्टर मिकी आर्थर हों, चीफ सेलेक्टर इंज़माम-उल-हक हों या फिर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड सभी निशाने पर हैं। सभी को हार का दोषी और पाकिस्तान के फिसड्डी प्रदर्शन का जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।

सबसे ज्यादा उंगलियां बाबर आजम की कप्तानी पर उठ रही हैं। सबसे बड़ा कसूरवार उन्हें ही माना जा रहा है। क्रिकेट फैन तो कह रहे हैं मुफलिसी के दौर से गुजर रहे देश के लोगों के पैसों से विश्व कप में खेलने गए बाबर और उनके साथी क्या सिर्फ बिरयानी खाने के लिए भारत गए हैं?

वहीं कई पूर्व क्रिकेटरों को लगता है कि पिछले चार साल में चार बड़े टूर्नामेंटों में टीम की कमान संभालने के बावजूद बाबर आजम ने कुछ भी ठीक नहीं किया और न ही कुछ सीखा। उनका मानना है कि बाबर एक लीडर के तौर पर फेल हो चुके हैं, मैदान पर उनकी कोई प्लानिंग नहीं है और वो विरोधी टीमों पर दबाव डालने में नाकाम रहे हैं। पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शोएब मलिक ने तो बाबर आजम को कप्तानी से तुरंत हटाने की मांग कर डाली है। उनके मुताबिक बाबर मैदान पर 'आउट ऑफ द बॉक्स' जाकर सोच ही नहीं रहे हैं।

कई दूसरे पूर्व क्रिकेटरों का भी मानना है कि बाबर मैदान पर बदले हालात के बावजूद अपने प्लान में बदलाव नहीं करते बल्कि ड्रेसिंग रूम में बनाए गए प्लान पर ही टिके रहते हैं। वहीं कुछ पूर्व क्रिकेटर तो बाबर और कई दूसरे खिलाड़ियों के बीच मतभेद और टीम में अच्छे खिलाड़ियों के बजाय सिफारिशी खिलाड़ियों को मौका देने को टीम के दोयम दर्जे के प्रदर्शन की वजह बता रहे हैं।

हालांकि पाकिस्तान टीम के पूर्व कप्तान वसीम अकरम के मुताबिक हार की जिम्मेदारी सिर्फ कप्तान बाबर की नहीं बल्कि इसमें कोच, सेलेक्टर और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की हिस्सेदारी बराबर की है। कई दूसरे पूर्व क्रिकेटर सवाल कर रहे हैं कि अगर मैदान पर कप्तान बाबर हालात को सही तरीके से नहीं पढ़ पा रहे हैं तो फिर टीम मैनेजमेंट क्या कर रहा है? क्या वो कप्तान की गलती सुधारने के लिए संदेश मैदान के भीतर नहीं भेज सकता?

वैसे कप्तान बाबर के बाद अगर सबसे ज्यादा उंगलियां किसी पर उठ रही हैं तो वो है पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड। पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शोएब अख्तर तो मानते हैं कि विश्व कप 2023 में मैदान पर टीम की जो बेबसी दिख रही है वो पाकिस्तान की टीम का नहीं बल्कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड का रिफ्लैक्शन है यानी उस काम का नतीजा है जो उसने पिछले 20-30 साल में किया है। शोएब के मुताबिक औसत दर्जे के लोग लाओगे तो औसत दर्जे के नतीजे पाओगे।

बड़ा सवाल ये है कि आखिर वनडे विश्व कप शुरू होने से पहले पाकिस्तान की जो टीम आईसीसी की रैंकिंग में नंबर वन पर थी, वो मैदान पर फिसड्डी क्यों साबित हो रही है? इसका सीधा जवाब ये है कि खिलाड़ियों, टीम मैनेजमेंट और पीसीबी में से किसी ने भी अपना होमवर्क ढंग से नहीं किया। पाकिस्तान टीम में शामिल खिलाड़ियों का फोकस वर्ल्ड कप से ज्यादा टी20 क्रिकेट, टी10 लीग और पाकिस्तान सुपर लीग पर रहा। नतीजा ये कि खिलाड़ी टी20 फॉर्मेट से बाहर निकल नहीं पाए और खुद को वनडे फॉर्मेट के हिसाब से तैयार भी नहीं कर पाए।

टीम मैनेजमेंट विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट के लिए बेंच स्ट्रैंथ तैयार करने में नाकाम रहा। नसीम शाह के घायल होकर टूर्नामेंट से बाहर होने के बाद पाकिस्तान की पेस बैटरी की लय ऐसी बिगड़ी कि अब तक रफ्तार पटरी से उतरी दिख रही है। इसके साथ ही उसने टीम के मुख्य गेंदबाजों को विश्व कप से पहले आराम देने का कोई प्लान भी तैयार नहीं किया। कोई ऐसा प्लान नहीं बना कि अगर शाहीन शाह अफरीदी या हारिस रऊफ या कोई भी स्पिनर अनफिट हो जाता है तो उसका बैकअप क्या होगा? नतीजा अब सबके सामने है।

रही बात पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की तो वो अपने ही मसलों में उलझा दिखता है। ऐसे में समझा जा सकता है कि जो पीसीबी राजनीति के दलदल में फंसा हो, भला वो खेल और खिलाड़ियों की भलाई के बारे में कैसे सोच सकता है। बोर्ड को विश्व कप से पहले ये देखना था कि भारतीय मैदानों के हिसाब से बेहतर टीम क्या हो सकती है, टीम के लिए स्पिनर कितने जरूरी हैं और कहीं टीम के अंदर भाई-भतीजावाद तो नहीं चल रहा है? पीसीबी को ये भी देखना चाहिए था कि टेस्ट, वनडे और टी20 तीनों फॉर्मेट की टीमों में सिर्फ चुनिंदा खिलाड़ी ही क्यों खेल रहे हैं, नए खिलाड़ियों की एंट्री टीम में एंट्री नहीं हो रही है?

पाकिस्तान 1992 के बाद से कभी भी वनडे विश्व कप नहीं जीत पाया है। इसकी एक बड़ी वजह उसका लगातार कमजोर होता घरेलू क्रिकेट है। ज्यादातर खिलाड़ी चार दिन के घरेलू क्रिकेट मुकाबलों में हिस्सा नहीं लेते हैं। पीसीबी ने अगर इस ओर ध्यान दिया होता तो न सिर्फ टीम की बेंच स्ट्रैंथ मजबूत होती बल्कि क्रिकेट का स्तर भी ऊंचा होता। हर बात में भारत से होड़ लगाने वाला पाकिस्तान, कम से कम इस मामले में तो भारतीय क्रिकेट से सीख ले ही सकता है।

(इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं. लेख में प्रस्तुत किसी भी विचार एवं जानकारी के प्रति Oneindia उत्तरदायी नहीं है।)

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+