UP Budget: 'अर्थ के मंत्र' से राजनीतिक तंत्र साधने का प्रयास
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने इस वर्ष के बजट में अगले लोकसभा चुनाव हेतु मतदाताओं के सभी वर्गों को लुभाने का प्रयास किया है।

UP Budget: उत्तर प्रदेश के ताजा बजट में आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए किए जा रहे कामों को आगे बढ़ाने का संकेत देकर भाजपा के राजनीतिक रास्ते को दुरुस्त करने की कोशिश साफ दिखती है। बजट में मदरसों के विकास तथा मुस्लिम छात्रों को आधुनिक शिक्षा ग्रहण करने में मदद के लिए घोषणाएं कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 'सबका साथ-सबका विकास,सबका विश्वास और सबका प्रयास' की नीति पर काम करने का संदेश दिया गया है। पर, यह संदेश इस सावधानी के साथ दिया गया है कि हिंदुत्व के एजेंडे पर सरकार के दृढ़ता से काम करने पर सवाल न उठे।
प्रदेश का बजट एक तरह से केंद्र सरकार के बजट की घोषणाओं को प्रदेश में आगे बढ़ाने का रास्ता आसान बनाता नजर आ रहा है। साथ ही यह भी संदेश देने की कोशिश करता दिख रहा है कि केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार के कारण काफी बदलाव हुआ है। इस बदलाव को जारी रखने के लिए आगे भी केंद्र व राज्य में भाजपा सरकार जरूरी है। उदाहरण के लिए केंद्र सरकार देश की अर्थव्यवस्था 5 ट्रिलियन डॉलर करने के लिए काम कर रही है। इसके लिए केंद्र सरकार की अपेक्षा है कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था एक ट्रिलियन डॉलर हो जाए, जिससे उसका काम आसान हो जाएगा। योगी सरकार का 2023-24 का बजट उसी दिशा में काम को आगे बढ़ाता दिख रहा है। जिसका प्रमाण बजट का आकार 6.90 लाख करोड़ रुपये होना है।
अर्थशास्त्रियों के मुताबिक, योगी सरकार ने लगातार दूसरी बार रिकार्ड आकार का बजट लाकर तथा इसका बड़ा हिस्सा इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास पर खर्च करने का प्रावधान करके भविष्य का संकेत साफ कर दिया है। इस बजट में सड़कों के निर्माण, बिजली आपूर्ति का प्रबंध, गांवों की दशा सुधारने, शहरों को सड़क तथा हवाई मार्गों से जोड़ने एवं आंतरिक परिवहन को सुधारने, मेट्रो रेल परियोजना सहित अन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण पर खर्च करने का प्रावधान किया गया है। इसके जरिए उद्योगपतियों का राज्य के बड़े बाजार से लाभ उठाने का जो संदेश देने की कोशिश की है, उसका लाभ निकट भविष्य में दिखाई देगा। इससे अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर करने का सपना भी साकार करने में मदद मिलेगी।
अर्थशास्त्रियों के मुताबिक, बजट का आकार प्रदेश के सकल घरेलू उत्पाद के सापेक्ष काफी बड़ा है। यह प्रदेश सरकार की राज्य की आर्थिक मजबूती के लिए काम करने का प्रमाण है। अर्थशास्त्री प्रो. अंबिका प्रसाद तिवारी कहते हैं कि बजट का आकार 6.90 लाख करोड़ रुपये है। यह राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 34 प्रतिशत बैठता है जबकि केंद्र के बजट का आकार जीडीपी का लगभग 14 प्रतिशत ही है। बजट में विकास और बुनियादी ढांचे पर ज्यादा फोकस एक तरह से प्रदेश के अर्थतंत्र को और मजबूत कर रोजगार के अवसर बढ़ाने पर काम का संकल्प है।
सरकार का बजट में किया गया यह दावा कि कानून-व्यवस्था में सुधार, बुनियादी ढांचे के निर्माण पर फोकस के चलते ही प्रदेश में निवेश लगातार बढ़ रहा है। इसका प्रमाण इसी महीने लखनऊ में हुई ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में 33.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश हेतु हुए समझौतें हैं। यह आंकड़ा सरकार के लोगों को रोजगार, नौकरी जैसे विकल्पों को बढ़ाने के वादे को मदद करता दिख रहा है। वहीं सरकार पर लोगों की अपेक्षाओं का बोझ भी कम करने वाला नजर आ रहा है। रोजगार के ज्यादा अवसर और काम करने के ज्यादा मौके निश्चित रूप से सरकार को राजनीतिक लाभ देंगे ही।
बजट में युवाओं, महिलाओं, गरीबों, किसानों सहित हर वर्ग के लिए चल रही कल्याणकारी योजनाओं के लिए बजट की व्यवस्था, युवाओं को लैपटॉप व टैबलेट मुहैया कराने के लिए धन का इंतजाम, वैकल्पिक ऊर्जा, प्राकृतिक व मोटे अनाज की खेती, ग्रीन एनर्जी पर काम को प्रोत्साहन, छुट्टा पशुओं से होने वाले नुकसान से किसानों को बचाने के लिए किए गए उपायों की घोषणा शामिल है। अर्थ के सहारे सभी को संतुष्ट कर सबको साधने की कोशिश दिख रही है। बजट में अल्पसंख्यकों के लिए भी की गई घोषणाएं तथा मदरसों को आधुनिक शिक्षा के लिए प्रोत्साहन के प्रबंध, अल्पसंख्यक बहुल जिलों की सुविधाओं पर ध्यान सरकार की पसमांदा मुस्लिमों में भी सेंधमारी की कोशिश दिखाती है।
Recommended Video

वहीं, सरकार ने बजट के जरिए हिंदुत्व के एजेंडे को धार देकर चुनावी गणित को 60 बनाम 40 बनाने की कोशिश को भी नजरों से ओझल नहीं होने दिया है। अयोध्या, मथुरा, काशी, विंध्याचल सहित हिंदुओं की आस्था से जुडे अनेकों स्थानों के विकास पर ध्यान केन्द्रित किया गया है। इसके साथ सिख, जैन, बौद्ध मतावलंबियों की आस्थाओं पर काम के लिए धन की व्यवस्था तथा प्रयागराज में आयोजित होने वाले महाकुंभ के लिए भव्य इंतजामों का संकल्प व्यक्त किया गया है। नैमिषारण्य में 'वेद विज्ञान अध्ययन केंद्र' की स्थापना का संकल्प योगी सरकार के सांस्कृतिक एजेंडे पर काम करने के लक्ष्य को साधते हुए दिख रहा है।
यह भी पढ़ें: UP Budget 2023: आम चुनाव से पहले योगी सरकार ने लगाया मास्टर स्ट्रोक, किसानों को ऐसे मिलेगी राहत
(इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं। लेख में प्रस्तुत किसी भी विचार एवं जानकारी के प्रति Oneindia उत्तरदायी नहीं है।)
-
Iran Israel War: 'भारत युद्ध रुकवा सकता है', खामेनेई के दूत ने कही ऐसी बात, टेंशन में ट्रंप -
Khushbu Sundar: इस मुस्लिम नेता के हिंदू पति की राजनीति में एंट्री, कभी लगा था Love Jihad का आरोप -
Gold Rate Today: ईरान जंग के बीच सोना में भारी गिरावट, अबतक 16000 सस्ता! 22k और 18k का अब ये है लेटेस्ट रेट -
Balen Shah Nepal PM: पीएम मोदी के नक्शेकदम पर बालेन शाह, नेपाल में अपनाया बीजेपी का ये फॉर्मूला -
Petrol Diesel Price: आपके शहर में कितना सस्ता हुआ पेट्रोल-डीजल? ₹10 की कटौती के बाद ये रही नई रेट लिस्ट -
Iran Vs America War: कब खत्म होगा अमेरिका ईरान युद्ध, ट्रंप के विदेश मंत्री ने बता दी तारीख -
Israel-Iran War: होर्मुज के बाद अब लाल सागर बंद करने की तैयारी, ईरान के खतरनाक प्लान लीक, भारत पर क्या असर? -
Delhi Power Cut: विकेंड पर दिल्ली के आधे हिस्से में 'ब्लैकआउट', शनिवार को इन पॉश इलाकों में नहीं आएगी बिजली -
PM Kisan Yojana: 31 मार्च से पहले कर लें यह काम, वरना अटक जाएगी पीएम किसान की अगली किस्त -
Mumbai Gold Silver Rate Today: सोना-चांदी के गिरे भाव, निवेशकों का चढ़ा पारा, जाने मुंबई में कहां पहुंचा रेट? -
LPG Price Today: 1 अप्रैल से बढ़ने वाले हैं सिलेंडर के दाम? आपके शहर में आज क्या है रेट? -
Aaj Ke Match Ka Toss Kon Jeeta March 28: आज के मैच का टॉस कौन जीता- RCB vs SRH












Click it and Unblock the Notifications