परिवारवाद ने श्रीलंका की लंका लगा दी
परिवारवाद ने एक ऐसे राष्ट्र को आर्थिक रूप से बर्बाद कर दिया है जिसके नाम में ही 'श्री' है। श्री अर्थात लक्ष्मी। अब देखना यह है कि श्रीलंकाई जनता इतना सब देखने-भोगने के बाद भी 'परिवारवाद' की जकड़न से मुक्त होती है या 'राजपक्षे' के बाद 'सिरिसेना' परिवार को रहनुमा बनाकर हमेशा के लिए राजनीतिक गुलाम रहना चाहती है? श्रीलंका का भविष्य उसकी जनता के रुख पर निर्भर है।

1948 में स्वतंत्रता के बाद श्रीलंका अपने इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदी झेल रहा है। नागरिक सड़कों पर अराजक हो चुके हैं, राष्ट्रपति भवन पर प्रदर्शनकारियों का कब्जा हो गया है और प्रधानमंत्री के निजी निवास को आग के हवाले किया जा चुका है। इन सबके बीच राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने 13 जुलाई को त्यागपत्र देने की घोषणा की है। फिलहाल वो किसी गुप्त स्थान पर चले गये हैं। श्रीलंका में फिलहाल सर्वदलीय सरकार बनाने की चर्चा चल रही है ताकि आगामी चुनाव तक सरकार के खिलाफ जनता के इस विद्रोह को थामकर रखा जाए।
आश्चर्य तो इस बात का है कि गोटबाया पूर्व में सैन्य अधिकारी रह चुके हैं और अपने बड़े भाई महिंद्रा राजपक्षे के राष्ट्रपति रहने के दौरान वे डिफेंस सेक्रेटरी थे, जिनके नेतृत्व में तमिल अलगाववादियों (लिट्टे) को क्रूरता से कुचल दिया गया था। जिस देश का ऐसा पूर्व सैन्य अधिकारी जिसने लिट्टे के सफाये में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हो वही छुपकर भागने पर मजबूर हो गया तो उस राष्ट्र की सामरिक स्थिति को भी समझा जा सकता है।
श्रीलंका की वर्तमान 'श्रीविहीन' स्थिति को समझना हो तो परिवारवाद की राजनीति की विभीषिका को जानना होगा। इतिहास साक्षी है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में परिवारवाद ने सदा ही राष्ट्रों को बर्बाद किया। चूँकि सत्ता केन्द्रित परिवार स्वयं की पारिवारिक राजनीति को स्थापित करने में लगे रहते हैं अतः आर्थिक, सामाजिक, सामरिक, वैश्विक मुद्दे गौण हो जाते हैं और यहीं से जन्म लेता है भ्रष्टाचार। इसी पारिवारिक भ्रष्टाचार ने श्रीलंका की लंका लगा दी है। राष्ट्रीय बजट का 70 प्रतिशत इसी परिवार के कब्जे में था। आज से पांच-छह माह पूर्व तक श्रीलंका की सरकार में राजप परिवार के 5 सदस्य महत्वपूर्ण पदों पर थे और आज पूरा पारिवारिक तंत्र प्रदर्शनकारियों की अराजकता के साए में जी रहा है।
श्रीलंका की बर्बादी की पटकथा तो उसी दिन लिखी जा चुकी थी जिस दिन पूर्व प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने हंबनटोटा पोर्ट को 99 साल के लिए चीन को लीज पर दे दिया था। विक्रमसिंघे को ऐसा इसलिए करना पड़ा क्योंकि वे चीन का कर्ज नहीं चुका पा रहे थे। पिछले एक दशक में पिछली सरकारों ने जमकर विदेशी कर्ज लिया और जमकर भ्रष्टाचार किया। रही-सही कसर श्रीलंका पोडुजाना पेरामुना पार्टी प्रमुख महिंदा राजपक्षे और उनके परिवार ने पूरी कर दी।
राजपक्षे शासन के दौरान चीन से बढ़ती नजदीकियों ने देश को 7 अरब डॉलर का कर्जदार बना दिया। यह लोन इन्फ्रास्ट्रक्चर के नाम पर लिया गया था किन्तु छलावे से अधिक नहीं रहा। राष्ट्रपति गोटबाया ने 2019 में परिवारवाद के विरुद्ध शुरू हुए विरोध की आंच को दबाने के लिए टैक्स में कटौती का लोक-लुभावन दांव खेला किन्तु इसने श्रीलंका की अर्थव्यवस्था डुबा दी। श्रीलंका की टैक्स से कमाई में 30 प्रतिशत तक कमी आई और यानी सरकारी खजाना खाली होने लगा।
दो दशक पहले श्रीलंका की जिस जीडीपी में टैक्स से कमाई का हिस्सा 20 प्रतिशत था वह गिरकर 10 प्रतिशत आ गया। इस कारण श्रीलंका में महंगाई दर ऊँचाइयां छू रही है। देश का विदेशी मुद्रा भण्डार समाप्त हो चुका है, एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट का हिसाब-किताब उल्टा हो चुका है। श्रीलंका की करेंसी गर्त में चली गई है। एक अमेरिकी डॉलर की कीमत 362 श्रीलंकाई रुपए है और एक भारतीय रुपए की कीमत 5 श्रीलंकाई रुपए तक पहुँच गई है।
सरकारी बसें डीजल न होने के कारण चल नहीं रहीं वहीं 15 घंटे बिजली की आपूर्ति बाधित है। 1 जुलाई, 2019 को श्रीलंका में पेट्रोल की कीमत 160 श्रीलंकाई रुपए प्रति लीटर थी जो आज बढ़कर 550 रुपए प्रति लीटर हो गई है। वहीं डीजल की कीमत भी 3 साल में 180 रुपए प्रति लीटर से बढ़कर 520 रुपए प्रति लीटर हो गई है। श्रीलंका का राष्ट्रीय खर्च राष्ट्रीय आमदनी से अधिक हो चुका है। जनता दैनिक आवश्यकता की पूर्ति की वस्तुओं और खानपान के लिए त्राहिमाम कर रही है। ऐसा परिवारवाद की सनक के कारण ही हुआ है।
वित्त मंत्री और मिस्टर 10 पर्सेंट के नाम से प्रसिद्ध बासिल राजपक्षे ने न सिर्फ सरकारी खजाने को लूटा बल्कि मंत्री रहते हुए सरकारी ठेकों से मोटा कमीशन लिया। लाखों डॉलर की हेराफेरी के आरोप भी उन पर थे जो गोटबाया ने राष्ट्रपति बनते ही खारिज करवा दिए। नामल महिंदा राजपक्षे श्रीलंका के सबसे युवा सांसद बने और अपनी पारिवारिक विरासत के अनुरूप उन पर भी मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगे। 2001 में सिंचाई मंत्री चामल राजपक्षे ने गोटबाया के साथ मिलकर ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने के नाम पर केमिकल फर्टिलाइजर्स और कीटनाशकों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी। उनका यह फैसला गलत साबित हुआ और इससे अनाज उत्पादन में भारी गिरावट आई। जाहिर है ऐसे में उत्पादन घटने से अनाज के दाम आसमान छूने लगे और जनता दाने-दाने को मोहताज हो गई।
राजपक्षे परिवार के भ्रष्टाचार ने देश के 42 हजार करोड़ से ज्यादा हड़प लिए। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, गोटबाया के भगोड़ा होने के बाद जब प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति भवन के अन्दर घुस गए तो उन्हें भारी मात्रा में राशि प्राप्त हुई जो उन्होंने सरकारी तंत्र को लौटा दी। राजपक्षे परिवार का अनियंत्रित भ्रष्टाचार निश्चित रूप से श्रीलंका के नागरिकों पर भारी पड़ा है।
यह भी पढ़ें: चीन को भारत से मिल रहा है अब कड़ा जवाब
(इस लेख में व्यक्त विचार, लेखक के निजी विचार हैं. आलेख में दी गई किसी भी सूचना की तथ्यात्मकता, सटीकता, संपूर्णता, व्यावहारिकता अथवा सच्चाई के प्रति Oneindia उत्तरदायी नहीं है. इस आलेख में सभी सूचनाएं ज्यों की त्यों प्रस्तुत की गई हैं।)
-
वर्ल्ड कप जीत के बाद ट्रेन से घर पहुंचा भारतीय क्रिकेटर, टिकट चेक में लगभग पकड़ा गया, बीवी ने झूठ बोल बचाया -
Weather Delhi NCR: दिल्ली में मौसम का डबल अटैक! अगले 72 घंटों में आने वाला है नया संकट, IMD का अलर्ट -
Rahul Gandhi Wedding Visit: कौन है दुल्हन तनु, जिसकी शादी में पहुंचे राहुल गांधी? तोहफे में क्या-क्या दिया? -
Gold Rate Today: जंग के बीच भारत में लगातार सस्ता हो रहा सोना, इतना गिरा भाव, अब क्या है 22k, 18K गोल्ड का रेट -
Balen Shah Caste: पिता मधेशी और मां पहाड़ी, आखिर किस जाति से हैं बालेन शाह, इंटरनेट पर क्यों हो रहा विवाद? -
धोनी ने उड़ाया मजाक, तो अब आया गौतम गंभीर का बेबाक जवाब, हेड कोच ने किया कभी नहीं हंसने का खुलासा -
Hansika Motwani Divorce: 4 साल में ही इन 4 गलतियों से टूटी हंसिका की शादी? कितनी Alimony मिली-कितने बच्चे? -
Love Story: IFS की ट्रेनिंग के दौरान हिंदू लड़की को दिल दे बैठे थे Hardeep Puri, शादी लिए मिली थी धमकी -
जीत के बाद भी टीम इंडिया से वापस ली जाएगी T20 World Cup की ट्रॉफी? सामने आई बड़ी वजह, फैंस हैरान -
Kim Yo Jong Profile: किम जोंग उन की ‘सबसे ताकतवर बहन’ कौन? ईरान जंग के बीच अमेरिका को खुली धमकी, दुनिया अलर्ट -
Essential Commodities Act: क्या है ECA? ईरान-इजराइल तनाव के बीच भारत में क्यों हुआ लागू -
LPG Gas Price Today: आज आपके शहर में कितने बढ़े एलपीजी गैस के दाम? सिलेंडर बुक करने से पहले चेक करें कीमत












Click it and Unblock the Notifications