Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Reverse Aging: बुढ़ापे से पुनः जवान हो जाने की जुगत में साइंस

Reverse Aging: उम्र बढ़ने के साथ इंसान का बूढ़ा होते जाना एक सार्वभौमिक सत्‍य है। लेकिन इंसान हमेशा से इसे अस्‍वीकार करता आया है। सदियों से वह हमेशा जवान बने रहने की चाहत में न जाने क्‍या-क्‍या जुगत लगाता रहा है। अब उसकी इस जिद में विज्ञान भी शामिल हो गया है। अमेरिकी वैज्ञानिकों की नई खोज, उम्र के संदर्भ में समय के चक्र को पीछे की ओर घुमाने में कामयाब होती नजर आ रही है।

पृथ्‍वी पर जितने भी जीवित प्राणी है, उनमें से अधिकतर की रचना इसी प्रकार की होती है कि वे धीरे-धीरे बूढ़े होते जाएं और एक दिन उनके नश्‍वर शरीर का अस्तित्‍व मिट जाए। लेकिन, इनमें मनुष्‍य संभवत: इकलौता ऐसा प्राणी है, जो प्रकृति के इस विधान से हमेशा जूझता आया है और बुढ़ापे को लगातार खुद से परे धकेलता गया है। उम्र के साथ बूढ़े होने की प्रक्रिया, जिसे एजिंग प्रोसेस कहते हैं, को धीमा करने में वह काफी हद तक सफल रहा है। लेकिन, उसे इतने भर से संतोष नहीं है। अब वह इसे उलटना चाहता है और वर्षों से ऐसा फार्मूला खोजने में लगा हुआ है, जो उसे फिर से युवा बनाए रख सके।

Reverse Aging: Science in the process of rejuvenating from old age

अक्‍सर यह प्रश्‍न उठता है कि आखिर क्‍यों मनुष्‍य हमेशा युवा बने रहना चाहता है। क्‍यों वह यह स्‍वीकार नहीं कर पाता कि बुढ़ापा भी जन्‍म से मृत्‍यु तक की उसकी जीवन यात्रा का एक स्‍वाभाविक और अपरिहार्य पड़ाव है। इसके पीछे मृत्‍यु का भय एक वजह हो सकती है। बुढ़ापे को लेकर भय, शायद इसी वजह से है क्‍योंकि सभी यह जानते हैं कि यह मृत्‍यु की ओर ले जाने वाली एक स्थिति है। अपनी शारीरिक-मानसिक क्षमताओं में क्षरण की चिंता, बुढ़ापे के डर की दूसरी अहम वजह हो सकती है।

तीसरा कारण बदलाव का डर है, जो बुढ़ापे की वजह से हमारे व्‍यक्तित्‍व में आने शुरू होते हैं। युवावस्‍था को जीवन का सबसे महत्‍वपूर्ण चरण माना जाता है। लेकिन यह अवधि 20-25 साल से ज्‍यादा नहीं रहती। प्रेम, शक्ति, सौंदर्य, सम्‍पूर्णता, स्‍वीकार्यता और खुशियों से भरे इस दौर को ज्‍यादा से ज्‍यादा लंबा करने की चाहत, वृद्धावस्‍था के प्रति हमारे भय की एक और वजह है। लेकिन, इस सबके अलावा एक और वजह हो सकती है, जिसकी वजह से हम कभी बूढ़ा नहीं होना चाहते। यह है भोग के प्रति हमारी आसक्ति और अतृप्ति।

महाभारत के आदि पर्व में राजा नहुष के द्वितीय पुत्र व दैत्‍यगुरू शुक्राचार्य के जामाता ययाति का उल्‍लेख है। अपने पुत्र पुरू से उधार लिए गए यौवन के सहारे राजा ययाति एक हजार वर्षों तक विषय वासना में लिप्‍त रहे। इसके बावजूद, उन्‍हें कभी तृप्ति नहीं मिली। वृद्धावस्‍था में युवा बने रहने की इस कामना को ययाति ग्रन्थि कहते हैं। एक समय हुआ करता था, जब ऐसी अभिलाषा और इसके लिए गए प्रयासों को उपहास की दृष्टि से देखा जाता था। लेकिन, अब समय बदल चुका है।

लोगों ने वृद्धावस्‍था को नियति की बजाए, एक बीमारी की तौर पर देखना शुरू कर दिया है। महंगी औषधियों, यौगिक क्रियाओं, सौंदर्य प्रसाधनों, शल्‍यक्रियाओं से लेकर जीन इंजीनियरिंग तक, इन प्रयासों की कोई सीमा नहीं है। लेकिन, इन सब कोशिशों का उद्देश्‍य अभी तक सिर्फ बुढ़ापे को रोकना रहा है। इसमें एक नया मोड़ यह आया है कि वृद्धावस्‍था को प्राप्‍त करने के बाद, मनुष्यों में फिर से युवा बनने की इच्‍छा जोर मारने लगी है। वृद्धावस्‍था से फिर से युवावस्‍था की ओर लौटने की इस प्रक्रिया को रिवर्स एजिंग कहते हैं।

रिवर्स एजिंग की यह चाहत, अब एक वास्‍तविकता बनती नजर आ रही है। हार्वर्ड मेडिकल स्‍कूल और मेसाचुसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्‍नोलॉजी के वैज्ञानिकों की एक संयुक्‍त टीम पिछले तीन साल से भी ज्‍यादा समय से इस दिशा में शोध कर रहे थे। हाल ही में उन्‍होंने अपने इस मिशन में कामयाब होने की घोषणा की है। मेडिकल जर्नल एजिंग में प्रकाशित इस टीम के शोध निष्‍कर्षों में दावा किया गया है कि उन्‍होंने एक ऐसा 'केमिकल कॉकटेल' खोज निकाला है, जो उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को एक सप्‍ताह के भीतर उलट सकता है।

'फाउंटेन ऑफ यूथ' माने जा रहे इस सम्मिश्रण में ग्रोथ हार्मोन, एंटीडाइबेटिक एजेंट मेटफॉर्मिन और एएमपीके एंजाइम को सक्रिय करने वाला एक रसायन शामिल है। शोधकर्ता तीन वर्षों से चूहों और बंदरों पर प्रयोग करते हुए उन मॉलीक्‍यूल्‍स की खोज में लगे थे, जिन्‍हें एक साथ सेलुलर रिवर्स एजिंग और मानवीय कोशिकाओं को पुनर्जीवन देने में इस्‍तेमाल किया जा सके। प्रयोग में उन्‍होंने पाया कि वे बंदरों की दृष्टि में सुधार और चूहों की नजर बेहतर बनाने के साथ ही उनका जीवन काल बढ़ाने में भी सफल रहे हैं। उन्‍होंने पाया कि इस फार्मूले से 'सब्‍जेक्‍ट' की मांसपेशियों, लिवर टिश्‍यूज और अन्‍य अंगों के कायाकल्‍प में भी मदद मिली।

यह दूसरी बार है, जब हम उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को वापस मोड़ने में सफल रहे हैं। रिवर्स एजिंग में एक बार पहले भी वैज्ञानिकों को उल्‍लेखनीय सफलता मिल चुकी है। यह नई उपलब्धि उसी सफलता से प्रेरित है। इस अभूतपूर्व खोज में पहली बार यह पाया गया था कि यामानाका फैक्‍टर नामक एक विशिष्ट जीन की अभिव्यक्ति के जरिए, वयस्क कोशिकाओं को इन्‍सपायर्ड प्लुरिपोटेंट स्टेम सेल (आईपीएससी) में परिवर्तित किया जाना संभव है। प्लुरिपोटेंट स्टेम कोशिकाएँ वे कोशिकाएँ हैं जो मानव शरीर का निर्माण करने वाली कोशिकाओं को तीन प्राथमिक समूहों, एक्टोडर्म: त्वचा और तंत्रिका तंत्र, में विभाजित और विकसित कर स्व-नवीनीकरण करने में सक्षम हैं। ये प्‍लेसेंटा को छोड़कर, शरीर के किसी भी भाग का निर्माण कर सकती हैं।

इस खोज को वर्ष 2012 का नोबेल पुरस्‍कार प्रदान किया गया था। लेकिन, इसे लेकर यह सवाल भी उठा कि क्‍या कोशिकाओं के कैंसरग्रस्‍त हुए बिना, सेलुलर रिवर्स एजिंग संभव है? दरअसल यह आशंका इसलिए व्‍यक्‍त की गई थी, क्‍योंकि प्लुरिपोटेंट स्टेम कोशिकाओं में ट्यूमर बनने का खतरा काफी ज्‍यादा होता है। कैंसर के जोखिम के अलावा जो चीज इस जीन थेरेपी के पक्ष में नहीं थी, वह थी इसका बेहद खर्चीला होना।

टीम हार्वर्ड की ताजा खोज इसलिए ज्‍यादा महत्‍वपूर्ण है, क्‍योंकि यह किफायती तो है ही, साथ ही इसे निरापद भी माना जा रहा है। हालांकि अभी तक मनुष्‍य ने जब भी प्रकृति के खिलाफ जाने की कोशिश की है, अंतत: उसे मुंह की ही खानी पड़ी है। ऐसा न भी हो, तब भी इस तरह की उपलब्धियों से कई नैतिक व सामाजिक सवाल जुड़े होते हैं, जिनका समाधान बहुत आवश्‍यक है।

आज अगर हम बुढ़ापे की छुट्टी करने में सफल हो जाते हैं तो कल मृत्‍यु भी हमारे लिए एक साध्‍य समस्‍या बन जाएगी। लेकिन, जब हम अमर होंगे तो क्‍या इससे धरती पर एक नई तरह की अव्‍यवस्‍था और असंतुलन नहीं उत्‍पन्‍न होगा? आज यह पृथ्‍वी आठ अरब से ज्‍यादा आबादी का बोझ ढो रही है। इसकी वजह जन्‍मदर में वृद्धि नहीं, बल्कि मृत्‍युदर में कमी है। ऐसे में जब लोग बूढ़े होना बंद हो जाएंगे तो मृत्यु दर और कम होगी। इसे ध्‍यान में रखते हुए इस पर भी विचार किया जाना चाहिए है कि उस स्थिति से कैसे निपटा जाएगा, जब जन्म दर और मृत्यु दर में अंतर बढ़ता जायेगा।

(इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं। लेख में प्रस्तुत किसी भी विचार एवं जानकारी के प्रति Oneindia उत्तरदायी नहीं है।)

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+