सट्टा बाजार में किसकी जीत, किसकी हार?
Satta Bazar: एक जून को अंतिम चरण का मतदान बंद होने के साथ ही एक्जिट पोल का पिटारा खुल जाएगा। परिणाम भले ही 4 जून को आयें, लेकिन तब तक टीवी चैनलों पर सरकारों के बनने बिगड़ने पर बहस होती रहेगी।
लेकिन उसके पहले हर बीतते चरण के साथ देशभर के सट्टा बाजार अपना अपना अनुमान लगाते गये हैं। अब उनका लगभग अंतिम परिणाम सामने आ गया है लेकिन आश्चर्यजनक रूप से टीवी चैनलों के एक्जिट पोल की तरह वो भी किसी एक दल की जीत पर एकराय नहीं दिख रहे हैं।

वैसे तो सट्टा बाजार हो या एक्जिट पोल ये सब एक प्रकार के आकलन ही होते हैं। फिर भी सट्टा बाजार में चुनावी जीत हार को महत्व इसलिए भी मिलता है क्योंकि यहां लोगों का पैसा लगा होता है। यहां जिसका रेट जितना कम उसके जीतने का चांस उतना अधिक। जिसका रेट जितना ज्यादा उसके जीतने की संभावना उतनी कम।
इस लिहाज से सट्टा बाजार के बारे में कहा जाता है कि सत्ता संग्राम पर लगने वाला दांव कई बार नतीजों के आसपास ही रहता है। ऐसा इसलिए क्योंकि सटोरियों को सत्ता में किसी की जीत हार से अधिक सट्टा में अपनी जीत हार से मतलब होता है। इसलिए वो बहुत ठोक बजाकर ही किसी पार्टी या उम्मीदवार की जीत या हार पर सट्टा खेलते हैं।
अब अगर सत्ता के लिए सट्टा बाजार की विश्वसनीयता की बात करें तो राजस्थान के फलोदी का सट्टा बाजार सबसे अधिक चर्चित रहता है। फलोदी सट्टा बाजार में जीत या हार पर लगनेवाले रेट से एक अनुमान लग जाता है कि इस बार किस पार्टी को कितनी सीट मिलनेवाली है और कौन सी पार्टी सत्ता में आनेवाली है।
इस लिहाज से देखें तो फलोदी सट्टा बाजार में अब फिर बीजेपी सबसे ऊपर पहुंच गयी है। शुरुआत में बीजेपी की जीत का चांस बहुत अधिक था, फिर थोड़ा कम हुआ और अब एक बार फिर फलोदी सट्टा बाजार में बीजेपी की जीत का चांस सबसे अधिक हो गया है। फलोदी सट्टा बाजार के अनुसार इस आम चुनाव में अकेले बीजेपी को 290 से 300 सीट मिलने जा रही है। जबकि फलोदी सट्टा बाजार में पहले तो कांग्रेस को 65 से 75 सीटें मिलता बताया जा रहा था लेकिन अब 40 से 42 सीटों पर ही जीत की संभावना जतायी जा रही है।
फलोदी सट्टा बाजार का ताजा रेट जो है उसके मुताबिक बीजेपी प्रचंड बहुमत के साथ केन्द्र में वापसी कर रही है और नरेन्द्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। जबकि दूसरी ओर फलोदी सट्टा बाजार के अनुसार कांग्रेस को पिछली बार से भी कम सीटें मिल सकती हैं। इस बार उसे 42 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। लगातार तीसरी बार कांग्रेस नेता विपक्ष का पद पाने लायक सीटें लाने की हैसियत में भी नहीं पहुंच पा रही है।
फलोदी सट्टा बाजार न केवल केन्द्र में भाजपा को 300 सीट मिलने का अनुमान लगा रहा है बल्कि यूपी में भी भाजपा को 62 से 65 सीट जीत लेने की भविष्यवाणी कर रहा है। लेकिन फलोदी सट्टा बाजार को छोड़ दें तो देश में अलग अलग सट्टा बाजार में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरती तो दिख रही है लेकिन उसको अकेले अपने दम पर बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है।
मसलन, इंदौर सराफा सट्टा बाजार में सटोरिये बीजेपी द्वारा 260 सीट जीतने का अनुमान लगा रहे हैं। इंदौर सराफा में सटोरियों का अनुमान है कि इस बार कांग्रेस 94 सीट जीत सकती है जबकि कांग्रेस के इंडिया गठबंधन को 180 सीटें मिल सकती हैं। इंदौर सराफा का अनुमान है कि बीजेपी की 260 सीट के साथ एनडीए को कुल 283 सीट मिल सकती है, इस प्रकार केन्द्र में बहुत आराम से एनडीए की सरकार बन जाएगी।
फलोदी और इंदौर सराफा के अलावा बाकी देश में चलनेवाले अलग सट्टा बाजार में बीजेपी बहुमत से बहुत दूर दिखाई दे रही है। उत्तर से लेकर दक्षिण तक और पूरब से लेकर पश्चिम तक अलग अलग सट्टा बाजारों में सामान्यतया बीजेपी को सवा दो सौ सीट के आसपास सीटें मिलने का अनुमान लगाया जा रहा है।
पालनपुर सट्टा बाजार के अनुसार बीजेपी को 216 सीटें मिलती दिख रही हैं। पालनपुर सट्टा बाजार में कांग्रेस को 112 सीटें मिलने का अनुमान लगाया जा रहा है। पालनपुर सट्टा बाजार को देखें तो इंडिया गठबंधन और एनडीए गठबंधन दोनों को बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है। इस चुनाव में इंडिया गठबंधन को 225 तो एनडीए गठबंधन को 245 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है।
इसी तरह करनाल सट्टा बाजार में भी किसी गठबंधन को बहुमत मिलने के आसार नहीं हैं। कांग्रेस की अगुवाई वाले इंडिया गठबंधन को 231 सीटें मिलने का अनुमान लगाया जा रहा है तो भाजपा की अगुवाई वाले एनडीए को 263 सीटें। करनाल सट्टा बाजार भाजपा की 235 सीटों पर तो कांग्रेस की 108 सीटों पर जीत मानकर दांव लगा रहा है।
कोलकाता सट्टा बाजार में भी बीजेपी को 218, कांग्रेस को 128 सीट जीतने का अनुमान लगाया जा रहा है। कोलकाता सट्टा बाजार के अनुसार इंडिया गठबंधन और एनडीए गठबंधन में से किसी को पूर्ण बहुमत नहीं मिल रहा है। इंडिया गठबंधन को 228 तो एनडीए को 261 सीटें मिल सकती हैं।
अगर गुजरात के तीन अलग अलग सट्टा बाजार की बात करें तो बोहरी सट्टा बाजार, सूरत सट्टा बाजार और अहमदाबाद सट्टा बाजार तीनों में ही भाजपा को बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है। सूरत सट्टा बाजार में एनडीए को जरूर बहुमत मिलता बताया जा रहा है और सूरत सट्टा बाजार के अनुसार एनडीए को 282 सीटें मिल सकती हैं। बोहरी समुदाय जो कि मोदी का करीबी मुस्लिम समुदाय समझा जाता है उसके अपने सट्टा बाजार में बीजेपी को 227 सीटों के साथ एनडीए को 255 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। यानी बोहरी सट्टा बाजार के अनुसार न तो बीजेपी को पूर्ण बहुमत मिलने जा रहा है और न ही एनडीए को।
इसी तरह अहमदाबाद सट्टा बाजार में भी बीजेपी बहुमत से दूर दिखाई दे रही है। अहमदाबाद चोखा बार में बीजेपी को 241 तो एनडीए को 270 सीट मिलने का अनुमान लगाया जा रहा है। यानी अहमदाबाद सट्टा बाजार भी यही मानकर दांव खेल रहा है कि इस बार बीजेपी अपने दम पर तो छोड़िए एनडीए भी बहुमत का आंकड़ा नहीं छू पा रहा है।
हालांकि सूरत, बोहरी और अहमदाबाद सट्टा बाजार को देखें तो कांग्रेस पहले से काफी मजबूत स्थिति में नजर आ रही है। सूरत सट्टा बाजार में कांग्रेस को 96, अहमदाबाद चोखा बार में 104 तो बोहरी सट्टा बाजार में 115 सीटें मिलने का अनुमान लगाकार सट्टा खेला जा रहा है। ये तीनों ही सट्टा बाजार इंडिया गठबंधन को भी बहुमत मिलता नहीं देख रहे हैं।
दक्षिण के बेलगाम और विजयवाड़ा सट्टा बाजार में भी न तो एनडीए को बहुमत मिलने का अनुमान लगाया गया है और न ही इंडिया गठबंधन को। बेलगाम सट्टा बाजार के अनुसार बीजेपी को 223 सहित एनडीए को 265 सीट मिल सकती है। जबकि कांग्रेस के 120 सीटों के साथ इंडिया गठबंधन को 230 सीटें मिल सकती हैं। इसी तरह विजयवाड़ा सट्टा बाजार के अनुसार कांग्रेस के 121 सीटों के साथ इंडिया गठबंधन को 237 सीटें मिल सकती हैं जबकि भाजपा के 224 सीटों के साथ एनडीए को 251 सीटें मिल सकती हैं।
बहरहाल, चुनाव आता है तो सब अपने अपने तरीके से इसमें शामिल होने का प्रयास करते हैं। जो सट्टेबाज हैं वो जीत हार पर सट्टा लगाकर पैसा बनाने की कोशिश करते हैं। लेकिन इस बार फलोदी को छोड़कर अधिकांश सट्टा बाजार जिस तरह का अनुमान लगा रहे हैं वह मिली जुली सरकार की ओर इशारा है। अगर सटोरियों का अनुमान सही साबित होता है तो यह इस आम चुनाव का सबसे बड़ा उलटफेर कहा जाएगा।
(इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं। लेख में प्रस्तुत किसी भी विचार एवं जानकारी के प्रति Oneindia उत्तरदायी नहीं है।)
-
क्या भारत में 'LOCKDOWN' लगने वाला है? दुनियाभर में Energy Lockdown की शुरुआत! तेल संकट से आप पर कितना असर -
Badshah Caste: बॉलीवुड के फेमस रैपर बादशाह की क्या है जाति? क्यों छुपाया असली नाम? कौन-सा धर्म करते हैं फॉलो? -
Gold Silver Rate Today: सोने चांदी में जबरदस्त गिरावट, गोल्ड 8000, सिल्वर 13,000 सस्ता, अब ये है लेटेस्ट रेट -
Silver Rate Today: चांदी भरभरा कर धड़ाम! ₹10,500 हुई सस्ती, 100 ग्राम के भाव ने तोड़ा रिकॉर्ड, ये है रेट -
'Monalisa को दीदी बोलता था और फिर जो किया', शादी के 13 दिन बाद चाचा का शॉकिंग खुलासा, बताया मुस्लिम पति का सच -
Gold Rate Today: सोने के दामों में भारी गिरावट,₹10,000 गिरे दाम, दिल्ली से पटना तक ये है 22k से 18k के भाव -
Mumbai Gold Silver Rate Today: सोने-चांदी की कीमतों में जारी है गिरावट, कहां पहुंचा रेट? -
15289 करोड़ रुपये में बिक गई राजस्थान रॉयल्स, कौन हैं खरीदने वाले काल सोमानी, IPL से पहले मचा तहलका -
Badshah Love Story: ‘टटीरी’ वाले रैपर बादशाह की दूसरी दुल्हन Isha Rikhi कौन हैं? कैसे परवान चढ़ा दूसरा इश्क? -
Iran Vs America: खत्म होने वाला है ईरान-इजराइल युद्ध! ट्रंप के बाद अब मोजतबा खामेनेई भी बातचीत के लिए तैयार -
VIDEO: BJP नेता माधवी लता ने एयरपोर्ट पर क्या किया जो मच गया बवाल! एयरपोर्ट अथॉरिटी से कार्रवाई की मांग -
Badshah Divorce Story: बादशाह ने रचाई थी इस ईसाई लड़की से शादी, 8 साल बाद तलाक क्यों? कौन है बेटी और कहां है?












Click it and Unblock the Notifications