Grooming Gangs: ग्रूमिग गैंग पर ब्रिटेन की कार्रवाई में भारत के लिए भी सबक
चालीस साल के बाद अब ब्रिटेन ने ग्रूमिंग गैंग को खत्म करने के लिए सख्त कानूनी उपाय शुरु कर दिये हैं। सवाल है भारत सरकार लव जिहादियों के खिलाफ इस तरह के कठोर कानूनी प्रावधान कब करेगी?

Grooming Gangs: भारत में जिस तरह एक वर्ग लव जिहाद को काल्पनिक घटना बताता है, उसी तरह लम्बे समय तक ब्रिटेन के अंदर भी ग्रूमिंग गैंग को गम्भीरता से नहीं लिया गया था। लेकिन अब वहां के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक स्वयं स्वीकार कर रहे हैं कि जो लोग 'बच्चों को अपना शिकार बना रहे हैं' उनके आतंक को खत्म करने के लिए वे बहुत कुछ करने को तैयार हैं। इसमें स्पेशल पुलिस टॉस्क फोर्स से लेकर नेशनल हॉटलाइन और डाटा एनालिटिक्स सेन्टर स्थापित करने का प्रस्ताव है।
ऋषि सुनक ने 'बच्चों को शिकार' बनाने वाली जिन घटनाओं का जिक्र किया उसमें टेलफोर्ड का विशेष रूप से नाम लिया। टेलफोर्ड एक लाख 70 हजार की आबादी वाला ब्रिटेन का एक छोटा सा शहर है जहां बीते साल जुलाई 2022 में एक रिपोर्ट सामने आयी थी। यह रिपोर्ट तीन साल की रिसर्च के बाद तैयार की गयी थी जिसमें बताया गया था कि चालीस साल में 1000 लड़कियों का सेक्सुअल एक्सप्लॉयटेशन किया गया। इन लड़कियों को जानबूझकर किसी योजना के तहत अपने प्रेमजाल में फंसाया गया और उनका जीवन बर्बाद कर दिया गया।
रिपोर्ट में बताया गया कि इसके पीछे वहां सक्रिय कुछ ग्रूमिंग गैंग हैं जिनकी पहचान कुछ कारणों से सार्वजनिक नहीं की जा सकती। इसमें एक बड़ा कारण संभवत ग्रूमिंग गैंग वालों का मुसलमान होना है। इस रिपोर्ट में इसका इशारा भी 'रेस' के रूप में किया गया है और बताया गया है कि कई मामलों में आरोपी के "रेस" के कारण शिकायत ही नहीं की गयी।
उसी रिपोर्ट में कुछ सुझाव दिये थे ताकि किशोर लड़कियों को ऐसे ग्रूमिंग गैंग से बचाया जा सके जो योजनाबद्ध तरीके से लड़कियों को अपना निशाना बना रहे हैं। अब ऋषि सुनक ने जो ऐलान किया है वह ऐसे ही सुझावों को नेशनल लेवल पर लागू करेंगे। ब्रिटेन की सरकार के अनुसार वे ग्रूमिंग गैंग के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई में राजनीति को आड़े नहीं आने देंगे।
क्या है ग्रूमिंग गैंग?
ब्रिटेन के अंदर ये समुदाय विशेष के गिरोह होते हैं, जो ऐसी लड़कियों को अपना निशाना बनाते हैं जिनकी उम्र कम होती है। डॉ. एला हिल स्वयं इस तरह के ग्रूमिंग गैंग का शिकार रह चुकी हैं। 2020 में उन्होंने यूट्यूब पर दिये एक इंटरव्यू में इसे स्वीकार किया था और दावा किया था कि ग्रूमिंग गैंग ने 40 साल में कम से कम 5 लाख ब्रिटिश लड़कियों का यौन शोषण किया है। यह कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है, फिर भी इससे इतना अंदाज तो लगता है कि ब्रिटेन के लिए ग्रूमिंग गैंग का मतलब वही हो गया है जैसा भारत में लव जिहाद से समझा जाता है।
ब्रिटिश मीडिया के मुताबिक ग्रूमिंग गैंग का नेटवर्क पूरे ब्रिटेन में फैल चुका है। वहां गिनती के शहर बचे हैं, जहां पर इस गैंग की कहानियां मौजूद नहीं हैं। ब्रिटेन की सरकार कह रही है कि इस तरह के गैंग द्वारा जिन लड़कियों का बलात्कार किया गया, उनमें से अधिकतर ब्रिटेन की स्थानीय और गोरे रंग की लड़कियां हैं जिन्हें प्रेम जाल में फंसाकर शिकार बनाया गया है।
हालांकि ब्रिटेन के आधिकारिक बयानों में एशियन मूल की रेस का जिक्र होता है लेकिन वस्तुत: इसमें पाकिस्तान से आये मुसलमान ही सबसे अधिक सक्रिय पाये गये हैं। दिसंबर 2020 में टेलफोर्ड के ही जिन चार लोगों को लड़कियों को प्रेमजाल में फंसाकर उनका यौन शोषण करने की सजा सुनाई गयी थी वो सब पाकिस्तानी मूल के मुस्लिम थे। इनके नाम थे, मोहम्मद अली सुल्तान, मोहम्मद रिजवान, शफीक युनुस और अमजद हुसैन। इनको अलग अलग सजा सुनाते हुए उस समय जज ने कहा था कि "नादान लड़कियों को इस तरह से ग्रूम किया गया कि उन्होंने अपने ही शरीर पर नियंत्रण खो दिया।"
उस समय बर्मिंघम क्राउन कोर्ट में मामले की सुनवाई करने वाले जज ने यह भी कहा था कि "मांस के टुकड़े की तरह" लड़कियों को एक दूसरे के सामने परोसा गया। इस्लाम छोड़ने का दावा करने वाले एक एक्स मुस्लिम ने एक यूट्यूब चैनल पर कुछ महीने पहले स्वीकार किया था कि वह खुद ब्रिटेन में ग्रूमिंग गैंग का मेम्बर रह चुका था। उसने विस्तार से ये भी बताया कि किस तरह से उसे इसके लिए तैयार किया गया था।
ब्रिटेन की ही एक अन्य पीड़िता का साक्षात्कार दो साल पहले आया था। वह इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला था। उसने बताया था कि तीन साल के दौरान उसके साथ 150 लोगों ने बलात्कार किया होगा। कई बार तो एक दिन में 10-12 लोग उसके साथ बलात्कार करते थे। वह मात्र 13 साल की उम्र में ग्रूमिंग गैंग की शिकार हुई थी।
बन गया टास्क फोर्स
पहले ब्रिटेन में इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। सालों से मीडिया में इससे जुड़ी रिपोर्ट छप रही थीं। ब्रिटेन के वर्तमान प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने अपनी चुनावी सभाओं में इस बात का उल्लेख किया था कि महिलाओं से जुड़ी यौन हिंसा का राष्ट्रीय आपातकाल की तरह ही उपचार होना चाहिए। उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया था कि वे ग्रूमिंग गैंग से सख्ती से निपटेंगे। अब उन्होंने ब्रिटेन की जनता से किया अपना वादा पूरा किया।
प्रधानमंत्री सुनक ने टास्क फोर्स का ऐलान करते हुए कहा है कि ग्रूमिंग गैंग का आतंक खत्म करने के लिए वे कुछ भी करने को तैयार हैं। बच्चों और लड़कियों के साथ हो रहे यौन अपराधों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सुनक ने कहा कि "पिछले साल मैंने कहा था कि अगर मैं प्रधानमंत्री बनूंगा तो ग्रूमिंग गैंग को समाप्त करने के लिए कड़े फैसले लूंगा। मैं इसके लिए स्पेशल टास्क फोर्स बनाने का ऐलान करता हूँ। इसमें विशेषज्ञ पुलिस वाले होंगे जो बच्चों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार को लेकर रिपोर्ट करेंगे और आरोपितों को कड़ी सजा दिलाएँगे।"
सुनक ने आगे कहा है कि, "मैं तब तक चैन से नहीं बैठूंगा जब तक यह सुनिश्चित नहीं हो जाता है कि हमारे बच्चे ऐसे माहौल में बड़े हो रहे हैं जो पूरी तरह सुरक्षित हो। यही कारण है कि मैं ग्रूमिंग गैंग पर नकेल कसने के लिए सरकार द्वारा की गई अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू करने जा रहा हूँ। इसको हमेशा के लिए खत्म करने के लिए जो कुछ भी करना होगा, हम करेंगे।"
ब्रिटेन की गृह सचिव सुएला ब्रेवरमैन के अनुसार गैंग से जुड़े अधिकांश पाकिस्तानी मूल के ब्रिटिश मुस्लिम हैं। डॉ. एला हिल भी पाकिस्तानी ब्रिटिश मुस्लिम की शिकार बनी थी, जो उसकी जिन्दगी में ब्वॉय फ्रेन्ड बनकर दाखिल हुआ था और सिलसिलेवार तरीके से उन्हें लगातार रेप का शिकार बनाया गया।
जड़ से खत्म करने का संकल्प
ब्रिटेन की गृह सचिव सुएला ब्रेवरमैन ने एक ब्रिटिश समाचार चैनल से साक्षात्कार में ग्रुमिंग गैंग के संबंध में खुलकर बात की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह ब्रिटिश पाकिस्तानियों का गैंग है, जो छोटी बच्चियों को ड्रग्स देता है और ब्रिटिश लड़कियों के साथ बलात्कार करता है।
उन्होंने साक्षात्कार में बताया कि "ब्रिटिश-पाकिस्तानी मुस्लिम यूके में बाल शोषण गिरोह चला रहे हैं। हम ब्रिटेन में जो देख रहे हैं, वह रुकने का नाम नहीं ले रहा। इसमें कमजोर, गोरी लड़कियों का ब्रिटिश पाकिस्तानियों के गिरोहों द्वारा पीछा किया जाता है। उनके आस पास प्रेम जाल रचा जाता है और उनका बलात्कार किया जाता है। बाल शोषण वाले ग्रूमिंग गिरोह के लिए काम करने वाले पुरुष बच्चियों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं और उन्हें नुकसान पहुंचाते हैं। ब्रिटेन के अंदर देखा गया है कि ऐसे अपराधों में शामिल पाकिस्तानी मुस्लिम गिरोहों को लेकर चुप्पी एक संस्कृति बन गई है। यह आज के समय में ब्रिटेन में देखे गए सबसे बड़े अन्यायों में से एक है, जिसे खत्म करने का संकल्प अब ब्रिटेन में लिया जा चुका है।"
ब्रिटेन में ग्रूमिंग गैंग का पूरा ऑपरेशन लव जिहाद से काफी मिलता जुलता है। कुछ साल पहले तक लव जिहाद की बात को संघ का एजेंडा बताकर खारिज कर दिया जाता था। लेकिन अब इतने मामले सामने आ चुके हैं इसकी वीभत्स सच्चाई सबके सामने है। भारत के अंदर लव जिहाद के सैकड़ों उदाहरण सामने आ चुके हैं जहां योजनाबद्ध तरीके से मुस्लिम युवकों द्वारा किसी हिन्दू, ईसाई, जैन या फिर सिख लड़की को प्रेमजाल में फंसाया जाता है। इसके बाद उसके साथ अत्याचार की कहानियां सामने आती हैं। श्रद्धा वॉलकर का केस तो पूरे देश ने देखा और सुना है।
साहित्य और मीडिया में भी ऐसे मामलों को लेकर थोड़ी मुखरता आयी है। आधा दर्जन से अधिक उपन्यास इस समस्या को केन्द्र में रखकर लिखा गया है। कई फिल्में बनी हैं। कुछ राज्यों में कानून भी बने हैं लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर वैसा प्रयास भारत में अब तक नहीं हुआ जैसा ब्रिटेन में हो रहा बै। अब भारत में भी इसे लेकर राष्ट्रीय स्तर पर डाटा सेन्टर, काउंसिलंग कार्नर, टास्क फोर्स जैसी व्यवस्था करने की जरूरत है। आखिरकार महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर भारतवासी कब तक सिर्फ इसलिए अनजान बने रहेंगे क्योंकि इससे कोई समुदाय विशेष के अपराधियों की असलियत सामने आती है?
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(इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं। लेख में प्रस्तुत किसी भी विचार एवं जानकारी के प्रति Oneindia उत्तरदायी नहीं है।)












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