पवन सिंह ने क्यों चुनाव लड़ने से किया इनकार? TMC नेता सागरिका घोष ने बताई पर्दे के पीछे की ये वजह
लोकसभा चुनाव को लेकर बीजेपी अपने 195 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर चुकी है। बंगाल की आसनसोल सीट से पार्टी ने भोजपुरी अभिनेता-गायक पवन सिंह को चुनावी मैदान में उतारा। लेकिन, रविवार को पवन सिंह ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया। हालांकि, पवन ने इसके पीछे कोई वजह उजागर नहीं की।
इसी बीच, तृणमूल कांग्रेस नेता सागरिका घोष ने पवन के चुनाव न लड़ने के पीछे की वजह टीएमसी की प्रतिक्रिया बताई है। सागरिका घोष ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर वीडियो और पोस्टर शेयर कर इसे पश्चिम बंगाल की महिलाओं का अपमान करने वाला बताया है। उन्होंने बीजेपी उम्मीदवारों के संगीत वीडियो की क्लिपिंग भी पोस्ट की। जिसमें बंगाली महिलाओं का अपमान करते हुए भोजपुरी में गाने गाए गए। आगे क्या सागरिका ने कहा?

सागरिका घोष ने कहा कि नरेंद्र मोदी बंगाल में आते हैं और नारी शक्ति पर जोर देते हैं। अगले दिन बीजेपी आसनसोल से एक उम्मीदवार खड़ा किया, जो वीडियो में बंगाली महिलाओं को 'बंगाल वाली माल' कहता और बंगाली महिलाओं का अपमान करते नजर आ रहा है। आगे कहा कि आसनसोल उम्मीदवार के वीडियो में बंगाल की महिलाओं को दर्शाया गया है। क्या ऐसा व्यक्ति संसद में विधायक बनकर बैठेगा? आसनसोल के उम्मीदवार ने अपने सेक्सिस्ट वीडियो पर भारी विरोध के बाद अपना नाम वापस ले लिया। बंगाल में नारी शक्ति का आह्वान अब खटाई में पड़ गया है। पता चल गया है कि यह खोखला और निरर्थक है।
पवन सिंह ने चुनाव लड़ने से नाकार दिया
पवन सिंह ने अपनी उम्मीदवारी के लिए बीजेपी नेतृत्व को धन्यवाद दिया। हालांकि, उन्होंने कहा कि वह किसी कारण से चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। उन्होंने एक्स में लिखा कि मैं भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं। पार्टी ने मुझ पर भरोसा किया और मुझे आसनसोल से उम्मीदवार घोषित किया, लेकिन किसी कारण से मैं आसनसोल से चुनाव नहीं लड़ पाऊंगा।
बीजेपी की पहली लिस्ट
अपनी पहली सूची में, बीजेपी ने पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार और केंद्रीय मंत्री निसिथ प्रमाणिक और शांतनु ठाकुर को शामिल किया। पार्टी ने पश्चिम बंगाल की 42 लोकसभा सीटों में से 20 के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की।
पवन सिंह का नॉमिनेशन सरप्राइज था। पार्टी का लक्ष्य पश्चिम बर्दवान जिले के आसनसोल के कोयला खदान क्षेत्र के हिंदी भाषी मतदाताओं पर था। पिछले कुछ सालों से इस सीट का प्रतिनिधित्व गैर-राजनीतिक क्षेत्र की मशहूर हस्तियां कर रही हैं। पूर्व बीजेपी नेता बाबुल सुप्रियो ने 2014 और 2019 में दो बार सीट जीती। हालांकि, 2022 में उन्होंने सांसद पद से इस्तीफा दे दिया और तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए।
बाद में शत्रुघ्न सिन्हा ने टीएमसी के टिकट पर उपचुनाव जीता। बीजेपी संदेसखाली यौन हिंसा मामले पर तृणमूल कांग्रेस सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है। पार्टी ने सरकार पर बलात्कारियों को बचाने का आरोप लगाया है।












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