24 घंटे के अंदर फिर बदले गए बंगाल के पुलिस चीफ, EC ने संजय मुखर्जी को किया नियुक्त, विवेक सहाय को क्यों हटाया?
चुनाव आयोग ने आईपीएस संजय मुखर्जी को पश्चिम बंगाल क नया DGP नियुक्त किया है। चुनाव आयोग ने 24 घंटे के भीतर ये दूसरी बार तबादला किया है। सोमवार को चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के डीजीपी रहे राजीव कुमार को हटा दिया था।
राजीव कुमार को हटाने के बाद चुनाव आयोग ने डीजीपी के तौर पर विवेक सहाय को नियुक्त किया लेकिन एक दिन बाद ही संजय मुखर्जी के नाम पर स्वीकृति दे दी। संजय मुखर्जी 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं।

चुनाव आयोग ने बंगाल के डीजीपी रहे राजीव कुमार को सोमवार को हटा दिया था। उसके बाद राज्य सरकार से डीजीपी के लिए तीन नाम मांगे थे। सरकार ने चुनाव आयोग को विवेक सहाय, संजय मुखर्जी और राजेश कुमार का नाम दिया था। इसके बाद चुनाव आयोग ने विवेक सहाय को नियुक्त किया था।
चुनाव आयोग ने मंगलवार को राज्य के मुख्य सचिव बीपी गोपालिक को पत्र लिखा। इस पत्र में सचिव राकेश कुमार के हस्ताक्षर हैं। पत्र में बताया गया कि आयोग संजय को राज्य पुलिस का महानिदेशक नियुक्त कर रहा है। शाम 5 बजे तक राज्य को बता देना चाहिए कि संजय को डीजी का प्रभार दे दिया गया है।
आपको बता दें कि संजय मुखर्जी 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। पिछले साल जब राज्य सरकार ने जब राजीव कुमार को डीजीपी बनाया था तक संजय मुखर्जी इस पद की दौड़ में थे। तब ऐसा माना गया था कि वे पश्चिम बंगाल के तत्कालीन डीजीपी मनोज मालवीय का स्थान लेंगे, लेकिन तब ऐसा नहीं हुआ था और कोलकाता के पूर्व कमिश्नर राजीव कुमार को सरकार ने डीजीपी बनाया था।
इससे पहले तृणमूल कांग्रेस के नेता और राज्यसभा सांसद डेरेक ओब्रायन ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चुनाव कराने की मांग की थी। डेरेक ने कहा,'भाजपा की गंदी चालें चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं को नष्ट कर रही हैं। क्या भाजपा लोगों का सामना करने से इतनी घबरा गई है कि वह विपक्ष को निशाना बनाने के लिए चुनाव आयोग को पार्टी कार्यालय में बदल रही है? चुनी गई राज्य सरकारों के अधिकारियों का ट्रांसफर किया जा रहा है। इसलिए चुनाव सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होना चाहिए।'












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