पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव में TMC एकतरफा जीत की ओर, विपक्ष का हो सकता है सूपड़ा साफ
पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव में एक बार फिर से सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस आगे नजर आ रही है। मंगलवार रात 8.30 बजे तक जो नतीजे सामने आए हैं उसके अनुसार तकरीबन 73 फीसदी ग्राम पंचायतों पर टीएमसी को जीत मिल गई है।
जबकि 98 फीसदी पंचायत समिति सीटों पर पार्टी को जीत मिली है। पांच साल पहले टीएमसी का स्ट्राइक रेट 78 और 87 फीसदी था। रुझान इस बात को दर्शाते हैं कि टीएमसी ईस्ट मिदनापुर और अलीपुरदूर में पार्टी को चुनौती देखने को मिल सकती है। दार्जिलिंग और कलिंपोंग की बात करें तो यहां टू टियर पंचायत व्यवस्था है, यहां टीएमसी की सहयोगी बीजीपीएम जीत दर्ज कर रही है।

टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने मंगलवार की शाम को ट्वीट करके लिखा, हम जनता के शुक्रगुजार हैं जिन्होंने विपक्ष के नो वोट टू ममता अभियान को नाऊ वोट फॉर ममता में बदल दिया। बता दें कि भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने इस अभियान को चलाया था, उनपर निशाना साधते हुए अभिषेक बनर्जी ने यह ट्वीट किया।
वहीं सुवेंदु अधिकारी और भाजपा के कई नेताओं ने चुनाव में फर्जीवाड़े का आरोप लगाया है। अधिकारी ने कहा कि मेरी आज अमित शाह से कई बार बात हुई है, लेकिन हमने चुनाव के बारे में एक बार भी चर्चा नहीं की। हमारे बीच काउंटिंग के दौरान हिंसा को लेकर बात हुई।
इस बार प्रदेश के चुनाव में भाजपा का मुख्य लक्ष्य टीएमसी विरोध में अगले साल लोकसभा चुनाव से पहले एक माहौल बनाने का था। वहीं कांग्रेस और लेफ्ट उम्मीद कर रही थीं कि वह इस बार अपनी मौजूदगी दर्ज करा सकेंगे।
वहीं टीएमसी के सामने इस बात की चुनौती है कि उसे प्रदेशभर में अपनी धाक को दर्शाना है ताकि अगले साल चुनाव से पहले खुद को मजबूत कर सके। अभिषेक बनर्जी ने जिस तरह का ट्वीट किया है उससे साफ है कि पार्टी ने यह लक्ष्य हासिल किया है।












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