बंगाल में ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति, हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने पलटा
नई दिल्ली, 01 नवंबर: काली पूजा, दिवाली पर पटाखों की बिक्री और उसके जलाने पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी। जिसके बाद ये मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। वहां पर हाईकोर्ट के आदेश को पूरी तरह से रद्द कर दिया गया। खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि अन्य राज्यों वाले नियम बंगाल पर भी लागू होंगे। वहां के लोग भी ग्रीन पटाखों को खरीदकर जला सकते हैं।
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दरअसल हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में दो याचिकाएं डाली गई थीं। जिसमें कहा गया कि वहां पर पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध है, जो पूरी तरह से गलत है। इस पर सोमवार को न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी की एक विशेष पीठ ने सुनवाई की। साथ ही पटाखों पर पूर्ण बैन को गलत माना। कोर्ट ने ग्रीन पटाखों की अनुमति देते हुए कहा कि अधिकारी ये सुनिश्चित करें कि उनके आदेशों का पूरी तरह से पालन हो।
कोर्ट ने आगे कहा कि अगर कहीं पर भी सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन नहीं हुआ, तो वहां पर कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा हाईकोर्ट के आदेश को रद्द किया जाता है। हाईकोर्ट उचित निर्देश पारित करने के लिए आगे जा सकता है। सभी जगहों पर 29 अक्टूबर वाला आदेश जारी रहेगा। राज्य सरकार ये सुनिश्चित करे कि कोई प्रतिबंधित पटाखा ना जलाए।
पहले ये था आदेश
सबसे पहले बंगाल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दिवाली, छठ और कालीपूजा पर पटाखे जलाने पर प्रतिबंध लगाया। उनकी ओर से दिवाली और छठ पर दो-दो घंटे की छूट दी गई थी, लेकिन मामला हाईकोर्ट पहुंच गया। वहां पर सभी प्रकार के पटाखों पर बैन लगा दिया गया। पटाखा विक्रेता संघ के अध्यक्ष के मुताबिक कम से कम 30 प्रतिशत कम प्रदूषण उत्सर्जन वाले ग्रीन पटाखे बाजार में हैं, जिनसे प्रदूषण ज्यादा नहीं फैलेगा। इसी को सुप्रीम कोर्ट ने छूट दे रखी है।












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