Iran President Resign: जंग के बीच ईरान के राष्ट्रपति ने दिया इस्तीफा? IRGC से हुआ झगड़ा! क्या पता चला?

Iran President Resign: ईरान में उस समय राजनीतिक हलचल तेज हो गई जब कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि राष्ट्रपति मसूद पेेजेश्कियान ने अपना इस्तीफा सौंप दिया है। इन खबरों में कहा गया कि उन्होंने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के बढ़ते दबाव और युद्ध के दौरान फैसलों पर IRGC के कंट्रोल का विरोध करते हुए पद छोड़ने का फैसला किया है। क्या है इसकी सच्चाई और कैसे ये मामला आया बाहर?

रिपोर्ट में क्या किया गया था दावा?

यूके स्थित मीडिया आउटलेट ईरान इंटरनेशनल ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि राष्ट्रपति मसूद पेेजेश्कियान ने सुप्रीम लीडर मोज्तबा खामेनेई को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। रिपोर्ट में दावा किया गया कि राष्ट्रपति पेेजेश्कियान इस बात से नाराज थे कि चुनी हुई सरकार को महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और सुरक्षा मामलों के फैसलों से बाहर रखा जा रहा है। साथ ही IRGC के कट्टरपंथी गुटों ने फैसेल लेने की प्रक्रिया पर इतना अधिक नियंत्रण स्थापित कर लिया है कि सरकार की भूमिका सीमित होकर रह गई है।

Iran President Resign

ईरानी सरकार ने तुरंत किया खंडन

रिपोर्ट सामने आने के बाद ईरानी सरकार और IRGC से जुड़े संस्थानों ने इसका तुरंत खंडन किया। IRGC से संबद्ध तस्नीम न्यूज़ एजेंसी ने एक सरकारी सूत्र के हवाले से कहा कि राष्ट्रपति पेेजेश्कियान ने कोई इस्तीफा नहीं दिया है और वे सामान्य रूप से अपने सभी संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। सरकारी सूत्रों ने ये भी साफ किया कि राष्ट्रपति अपने पद पर बने हुए हैं और उनके इस्तीफे की खबरों में कोई सच्चाई नहीं है।

Beaufort Castle Video: Israel ने कब्जाया Lebanon का 800 साल पुराना किला, 14.5km अंदर तक घुसी नेतन्याहू की फौज
Beaufort Castle Video: Israel ने कब्जाया Lebanon का 800 साल पुराना किला, 14.5km अंदर तक घुसी नेतन्याहू की फौज

राष्ट्रपति कार्यालय ने क्या कहा?

राष्ट्रपति कार्यालय में संचार एवं सूचना के उप प्रमुख सैयद मेहदी तबतबाई ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इन रिपोर्टों को गलत बताया। सैयद मेहदी तबतबाई ने अपने बयान में कहा कि राष्ट्रपति मसूद पेेजेश्कियान जनता की सेवा के लिए प्रतिबद्ध हैं और वे अपने कर्तव्यों से पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने लिखा-

"राष्ट्रपति पेेजेश्कियान जनता की सेवा से पीछे नहीं हटेंगे, ठीक वैसे ही जैसे ईरानी राष्ट्र एकता और प्रतिरोध के अपने रास्ते से पीछे नहीं हटेगा।"

उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग देश की एकता को कमजोर करना चाहते हैं, उनकी यह इच्छा कभी पूरी नहीं होगी।

कथित इस्तीफे में क्या था?

ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट में दावा किया गया कि राष्ट्रपति ने सुप्रीम लीडर के कार्यालय को एक औपचारिक इस्तीफा पत्र भेजा था। रिपोर्ट के मुताबिक, उस पत्र में पेेजेश्कियान ने लिखा कि IRGC के बढ़ते प्रभुत्व के कारण वे सरकार को प्रभावी ढंग से नहीं चला पा रहे हैं और अपनी कानूनी जिम्मेदारियां पूरी करने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं। इसी वजह से उन्होंने तत्काल प्रभाव से पद छोड़ने की अनुमति मांगी थी। हालांकि, इस कथित पत्र की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

क्या ईरान में सत्ता संघर्ष चल रहा है?

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब पिछले कई महीनों से ईरान की निर्वाचित सरकार और देश की शक्तिशाली सैन्य-सुरक्षा संस्थाओं के बीच मतभेदों की खबरें आती रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ईरान की सत्ता संरचना में राष्ट्रपति, संसद, सुप्रीम लीडर और IRGC जैसे संस्थानों की अलग-अलग भूमिकाएं हैं। ऐसे में कई बार फैसले लेने की प्रक्रिया को लेकर अंदरूनी तनाव की खबरें सामने आती रहती हैं। हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने बार-बार कहा है कि देश की संस्थाएं एकजुट होकर काम कर रही हैं।

Ban On Kripan: UK में कृपाण पर लगेगा बैन? सिखों के खिलाफ माहौल बना रहा मुस्लिम नेता! क्या है पूरा विवाद?
Ban On Kripan: UK में कृपाण पर लगेगा बैन? सिखों के खिलाफ माहौल बना रहा मुस्लिम नेता! क्या है पूरा विवाद?

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में क्या दावा किया गया था?

इस विवाद के बीच न्यूयॉर्क टाइम्स की एक पुरानी रिपोर्ट भी चर्चा में है। उस रिपोर्ट में दावा किया गया था कि ईरान के भीतर फैसले लेने की प्रक्रिया पर सीनियर लीडर्स के एक छोटे लेकिन प्रभावशाली समूह का बड़ा असर है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस समूह में कई वर्तमान और पूर्व IRGC कमांडर शामिल हैं। रिपोर्ट में कहा गया था कि राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति और सैन्य मामलों से जुड़े कई बड़े फैसलों में इन लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।

कौन चला रहा है ईरान?

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि कई वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों का मानना है कि देश के अधिकांश महत्वपूर्ण मामलों में 56 साल के उत्तराधिकारी की भूमिका बेहद प्रभावशाली है। हालांकि रिपोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि ईरान की फैसला लेना केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है। इसके बजाय यह कई प्रभावशाली नेताओं और अधिकारियों के समूह द्वारा संचालित होती है। रिपोर्ट में भाइयों के एक सख्त दल का भी जिक्र किया गया था, जिनका अनुभव मुख्य रूप से 1980 में शुरू हुए ईरान-इराक युद्ध से जुड़ा रहा है।

फिलहाल क्या है स्थिति?

फिलहाल ईरानी सरकार, राष्ट्रपति कार्यालय और IRGC से जुड़े सूत्र लगातार यह कह रहे हैं कि राष्ट्रपति मसूद पेेजेश्कियान ने इस्तीफा नहीं दिया है और वे अपने पद पर बने हुए हैं। दूसरी ओर, कुछ विदेशी मीडिया रिपोर्टें दावा कर रही हैं कि सरकार और सुरक्षा प्रतिष्ठान के बीच मतभेद बढ़ रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इन दावों में कितनी सच्चाई है और ईरान की आंतरिक राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।

जेल में दुष्कर्म महिलाओं से, पहली बार UN की ब्लैकलिस्ट में Israel, रिपोर्ट गंदा सच आया सामने!
जेल में दुष्कर्म महिलाओं से, पहली बार UN की ब्लैकलिस्ट में Israel, रिपोर्ट गंदा सच आया सामने!

इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+