बंगाल: चुनाव बाद हिंसा मामले में NHRC ने हाईकोर्ट में सौंपी रिपोर्ट, 2 जुलाई को अगली सुनवाई
नई दिल्ली, 30 जून। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद हिंसा की जांच को लेकर गठित राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के 7 सदस्यी पैनल ने अपनी रिपोर्ट कलकत्ता हाई कोर्ट की 5 जजों की पीठ की सौंप दी है। हालांकि कोर्ट ने मामले की सुनवाई दो जुलाई तक के लिए टाल दी है।

हाईकोर्ट के आदेश पर गठित हुआ था पैनल
पूर्व इंटेलीजेंस ब्यूरो चीफ राजीव जैन की अगुवाई में बने इस पैनल का गठन हाई कोर्ट के आदेश पर किया गया था। सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस ने मानवाधिकार आयोग से जांच के कोर्ट के आदेश को लेकर पुनर्विचार याचिका दायर की थी जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था।
कमेटी को पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद कथित हिंसा की शिकायतों की जांच करनी थी और यह पता लगाना था कि इस हिंसा के लिए कौन लोग जिम्मेदार हैं। इसके साथ ही हिंसा पर चुप्पी साधने वाले अधिकारियों की पहचान भी करनी थी।

एनएचआरसी पैनल ने किया था दौरा
कुछ दिन पहले ही एनएचआरसी पैनल ने जांच के सिलसिले में कोलकाता और उत्तरी बंगाल के कूच बिहार जिले के सीतलकूची का दौरा किया था। पैनल ने कोलकाता में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता अभिजीत सरकार के परिवार वालों के बयान लिए थे। अभिजीत सरकार की 2 मई को भीड़ के हमले में मौत हो गई थी।
एनएचआरसी की दूसरी टीम सीतलकूची में उस बीजेपी कार्यकर्ता के परिवार से मिलने गई थी जिसके बेटे की कथित तौर पर अपहरण के बाद हत्या कर दी गई थी।

फर्जी आईएएस मामले में निर्देश
वहीं कोर्ट ने फर्जी आईएएस अफसर बन वैक्सीन रैकेट चलाने के मामले में भी सुनवाई करते हुए निर्देश दिया है। हाई कोर्ट ने राज्य को मामले में 2 जुलाई को अगली सुनवाई के दौरान मामले में शपथ पत्र दाखिल करने को कहा है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा जब नीली बत्ती के साथ फर्जी आईएएस अफसर घूम रहा था तो पुलिस क्या कर रही थी। पुलिस ने इस बारे में ध्यान क्यों नहीं दिया। कोलकाता नगर निगम के अधिकारियों ने इस पर ध्यान क्यों नहीं दिया।












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