PM Modi के बांग्लादेश दौरे पर ममता का निशाना, कहा- आचार संहिता का उल्लंघन, मतुआ कनेक्शन तो नहीं ?
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में हो रहे विधानसभा चुनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बांग्लादेश दौरे पर सवाल उठने लगे हैं। आल इंडिया तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री के बांग्लादेश दौरे पर निशाना साधा है। ममता बनर्जी ने कहा कि चुनाव के दौरान पश्चिम बंगाल से सटे पड़ोसी देश बांग्लादेश का दौरा करके प्रधानमंत्री ने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया है।
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चुनावी रैली में ममता ने साधा निशाना
शनिवार को खडगपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा यहां चुनाव चल रहा है और वह बांग्लादेश में जाकर बंगाल पर भाषण दे रहे हैं। यह चुनाव की आदर्श आचार संहिता का पूरी तरह से उल्लंघन है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐसे समय में दो दिवसीय दौरे पर बांग्लादेश पहुंचे हैं जब पश्चिम बंगाल में पहले चरण के लिए वोटिंग हो रही है। वह 26 मार्च को बांग्लादेश की आजादी की वर्षगांठ में शामिल होने के लिए राजधानी ढाका पहुंचे। यहां प्रधानमंत्री ने भाषण भी दिया जिसमें उन्होंने बंगाल की महान हस्ती रबीन्द्र नाथ टैगोर का भी जिक्र किया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी तुंगीपाड़ा स्थित बांग्लादेश के संस्थापक और बंगबंधु के नाम से मशहूर शेख मुजीब उर रहमान की समाधि पर गए और वहां पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसी दूसरे देश के पहले राष्ट्राध्यक्ष हैं जिसने मुजीब उर रहमान की समाधि (कब्र) पर फूल चढ़ाया है। इस दौरान प्रधानमंत्री ने वहां एक पौधा भी लगाया।

मतुआ समुदाय के तीर्थ उड़ाकांदी गए हैं पीएम
दौरे के दूसरे दिन शनिवार को, जब पश्चिम बंगाल में मतदान हो रहा है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल से सांसद शांतनु ठाकुर के साथ बांग्लादेश स्थित मतुआ समुदाय के प्रमुख तीर्थस्थल उड़ाकांडी पहुंचे। उड़ाकांडी मतुआ समुदाय के संस्थापक हरिचांद ठाकुर की जन्मस्थली है। यही वजह है कि इस जगह का मतुआ समुदाय के लिए बहुत ही महत्व है।
उड़ाकांदी में मतुआ समुदाय के लोगों से मुलाकात की और उन्हें संबोधित भी किया। पश्चिम बंगाल में मतुआ समुदाय के लोगों की बड़ी आबादी है और यह समुदाय राजनीतिक रूप से सक्रिय भी है। पश्चिम बंगाल के 1.80 करोड़ अनुसूचित जाति के वोटर हैं इनमें से 50 फीसदी मतुआ समुदाय से आते हैं। बीजेपी सांसद शांतनु ठाकुर भी इसी समुदाय से आते हैं। यही वजह है कि प्रधानमंत्री के दौरे में उड़ाकांदी जाने को पश्चिम बंगाल के मतुआ समुदाय के वोटरों को साधने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है।

पुरानी इच्छा पूरी हुई- पीएम मोदी
उड़ाकांदी में मतुआ समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यहां पहुंचकर उनकी बहुत पुरानी इच्छा पूरी हो गई। प्रधानमंत्री ने कहा कि किसने सोचा था कि भारत का प्रधानमंत्री ओरकांडी आएगा। आज मैं वैसा ही महसूस कर रहा हूं जैसा भारत में रहने वाले हजारों मतुआ समुदाय के भाई बहन यहां आकर महसूस करते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने 2015 की बांग्लादेश यात्रा के दौरान ओरकांडी जाने की इच्छा प्रकट की थी जो आज जाकर पूरी हुई है। ओरकांडी से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश में सिद्धपीठ जशोरेश्वरी काली देवी के मंदिर में पहुंचकर पूजा की थी।












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