ममता बनर्जी का आरोप- पीएम मोदी की बैठक में फिर से नहीं मिला बोलने का मौका
नई दिल्ली, 23 दिसंबर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'आजादी का अमृत महोत्सव' पर राष्ट्रीय समिति की दूसरी बैठक में हिस्सा लिया। ये बैठक वर्चुअल माध्यम से हुई थी, जिसमें कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने हिस्सा लिया। बैठक में बंगाल की सीएम ममता बनर्जी भी शामिल थीं, लेकिन वो पीएम से काफी ज्यादा नाराज हैं। उन्होंने केंद्र सरकार और पीएम मोदी पर अपने कार्यक्रम में नहीं बोलने देने का आरोप लगाया है। उनका मानना है कि इससे पूरे राज्य का प्रशासन आहत हुआ है।

हिंदुस्तान अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक ममता बनर्जी का नाम वक्ताओं की सूची में नहीं था। इस बात की जानकारी राज्य सचिवालय के एक सूत्र ने दी। वैसे ये कोई पहली बार नहीं है, जब ममता बनर्जी ने केंद्र पर बोलने का मौका नहीं देने का आरोप लगाया है। इसी तरह का वाक्या इस साल मई में भी हुआ था, उस दौरान पीएम मोदी कोरोना को लेकर बैठक कर रहे थे। ममता बनर्जी का आरोप है कि समीक्षा बैठक में उन्हें बोलने का मौका नहीं मिला, ऐसे में वो अपमानित महसूस करती हैं, जबकि वो किसी अधिकारी को बैठक में भेजने की बजाए खुद समय निकालकर ज्यादा वैक्सीन के आग्रह के लिए शामिल हुई थीं।
वहीं बुधवार की बैठक में पीएम मोदी ने महामारी को लेकर चर्चा की। उन्होंने कोरोना ने हमको नए सबक सिखाए, क्योंकि इससे मौजूदा संरचनाएं चकनाचूर हो गई थीं। कोविड के बाद के युग में नई विश्व व्यवस्था का उदय होगा। उन्होंने कहा कि ये 2047 पर नजर रखने का उपयुक्त समय है, क्योंकि हम उस वक्त देश की स्वतंत्रता के 100 वर्ष का जश्न मनाएंगे। ये तय करना भी महत्वपूर्ण है कि हमें अभी उनमें क्या शामिल करना चाहिए ताकि वे भविष्य में देश के लिए बड़ा योगदान दे सकें। वहीं बैठक में संस्कृति मंत्रालय के सचिव गोविंद मोहन ने आजादी की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी दी।












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